उदयपुर में तीन दिवसीय नव सम्वत्सर महोत्सव
अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, नगर निगम उदयपुर एवं आलोक संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित नव सम्वत्सर महोत्सव के आयोजन को लेकर शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया।
अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, नगर निगम उदयपुर एवं आलोक संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित नव सम्वत्सर महोत्सव के आयोजन को लेकर शुक्रवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन को नगर निगम के महापौर चन्द्रसिंह कोठारी, अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत व उप महापौर लोकेष द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर नववर्ष समारोह के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि इस बार नव सम्वत्सर को और व्यापकता प्रदान करने के लिये परिवर्तन किये गये है। इसके तहत महिलाओं में जन चेतना जगाने की दृष्टि से एवं अधिक से अधिक महिलाओं को त्रिवेणी संगम और सप्त ज्योति यात्रा में जोड़ने के लिये महिला चेतना यात्रा की शुरूआत की गयी है।
डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि नव सम्वत्सर महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में मेवाड़ के चुनिंदा समूह को जोड़कर नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा जिसमें लोक नृत्य, शास्त्रीय व देष भक्ति आधारित नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। ज्योति कलष संस्कृति एवं चेतना यात्रा पहली यात्रा पारम्परिक रूप से श्रीनाथद्वारा से एकलिंग जी होते हुये हाथीपोल पहुँचेगी, दूसरी यात्रा बेजनाथ महादेव, सीसारमा से हाथीपोल पहुँचेगी तथा तीसरी यात्रा मेवाड़ के प्रमुख तीर्थ स्थल बोहरा गणेषजी से हाथीपोल पर पहुँचेगी।
इन तीनांे यात्राआंे का त्रिवेणी महासंगम सायं 6.30 बजे हाथीपोल पर भव्य रूप से होगा जिसका व्यापक स्थल पर भव्य रूप से स्वागत किया जायेगा।
नृत्यराज प्रतियोगिता मेवाड़ नटराज पुरस्कार: महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम में मेवाड़ के चुनिंदा समूह को जोड़कर नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा जिसमें लोक नृत्य, शास्त्रीय व देष भक्ति आधारित नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी जिसमें रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर 15 हजार रुपये के पुरस्कार इस प्रतियोगिता के विजेता को प्रदान करेंगे।
पगड़ी सजाओं सम्मान पाओ : भारतीय संस्कृति व परम्परा को बनाए रखने और भारतीय वेश और परिवेष से जोड़ने की दृष्टि से इस बार पगड़ी सजाओं में परिवर्तन किया गया है। इस बार केवल 12 वर्ष की कम उम्र के सभी बालक-बालिकाओं के लिये इसका आयोजन किया जायेगा। इसमें भाग लेने वाले सभी बालकों को प्रमाण पत्र प्रदान किये जाएंगे।
ऑटो चालकांे का सम्मान: नव सम्वत्सर त्रिदिवसीय महोत्सव के उदघाटन के अवसर पर फतहसागर की पाल पर सायं 5.30 बजे इस बार ऐसे ऑटो चालको का सम्मान किया जायेगा जो हमेषा सड़क के नियमों की पालना करते हुये समय -समय पर समाज में अपने योगदान से एक नई मिसाल कायम किये हुये है।
ज्योति कलष संस्कृति चेतना यात्रा त्रिवेणी महासंगम: दूसरे दिन ‘‘ज्योति कलष संस्कृति चेतना यात्रा’’ मुख्य आकर्षण का केन्द्र होगी। इस बार तीन अलग-अलग स्थानांे से ज्योति कलष संस्कृति चेतना यात्रा निकलेगी। ज्योति कलश संस्कृति चेतना यात्रा तीन स्थानों प्रथम यात्रा नाथद्वारा से गणगौर घाट, दूसरी यात्रा बेजनाथ महोदव सीसारमा से गणगौर घाट तथा तीसरी यात्रा बोहरा गणेश जी से गणगौर घाट निकलेगी।
तीनों यात्राओं में क्रमषः रामदरबार, गणपति व षिवलिंग विधि विधान से चल प्रतिष्ठा की जायेगी। इन तीनों यात्राओं का महासंगम हाथीपोल पर सायं 6.30 बजे होगा। हाथीपोल से यह तीनों यात्रा त्रिवेणी संगम के रूप में गणगौर घाट के लिये प्रस्थान करेगी।
इस अवसर पर विभिन्न समाजों की महिलाओं द्वारा कलश यात्रा और ज्योति यात्रा निकाली जायेगी जो जगदीश मन्दिर से प्रारम्भ होकर गणगौर घाट पर भव्य दीप प्रवाह और गंगा महाआरती के रूप में परिवर्तित हो जायेगी।
गणगौर घाट से विदा होगा संवत् 2071:
उदयपुर की प्रसिद्व पिछोला झील के किनारे राजघाट (गणगौर घाट) पर विदा 2071 का विशेष आयोजन होगा जहाँ उदयपुर की जनता के लिये वहाँ रंगारंग कार्यक्रमों के साथ ही भव्य आतिशबाजी, दीपदान, गंगा आरती व वरूण पूजन भी गणगौर घाट पर किया जाऐगा। वहीं नावों में दीप प्रवाह के साथ-साथ ज्योति कलश संस्कृति चेतना यात्रा का वहाँ पहुँचने पर जगदीश चौक पर धूम-धड़ाके के साथ स्वागत करके उसे एक पारम्परिक ढंग से गणगौर घाट पर लाकर उसी पवित्र ज्योति से दीप प्रज्जवलित कर दीप प्रवाहित किये जाएंगे।
स्वागतम् 2072:डॉ. कुमावत ने बताया कि 21 मार्च 2015 को प्रातःकाल नव सम्वत्सर की वेला में सूर्यदेव को अर्घ्य प्रदान किया जाएगा। जगदीश मंदिर की प्राचीर से प्रातःकाल 11 बटुक सूर्यदेव को अर्घ्य देंगे, वहीं प्रातःकाल चौराहों पर आलोक संस्थान के पाँच हजार छात्र-छात्राएँ ध्यानवेश पहनकर सम्पूर्ण उदयपुरवासियों को नव सम्वत्सर की शुभकामनाएं नीम, मिश्री व काली मिर्च खिलाकर नव सम्वत्सर की शुभकामनाएँ देंगे।
साथ ही इस बार ईको फ्रेण्डली हल्दी-चंदन युक्त तिलक लगाकर लोगों को नव सम्वत्सर पर पर्यावरण रक्षा का संदेश भी इस माध्यम से देंगे, वहीं नव सम्वत्सर की शुभकामनाओं के स्वागत द्वार व संदेश पत्रक वितरित किए जाएँगे तथा प्रत्येक परिवारजनों से यह निवेदन किया जाएगा कि इस अवसर पर वे सभी अपने-अपने घरों में पाँच दीपक अवश्य जलाएँ यह संदेश भी इस कार्यक्रम के माध्यम से दिया जाएगा।
इस अवसर पर चन्द्रसिंह कोठारी महापौर नगर निगम उदयपुर, उप महापौर लोकेष द्विवेदी, सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष जगदीष मेनारिया, नववर्ष समारोह समिति के जिलाध्यक्ष कृष्णकान्त कुमावत ने बताया कि नगर निगम दूधतलाई पर जो मुख्य समारोह आयोजित करता है उसका मुख्य आकर्षण आतिशबाजी और विद्युत सजावट होगी जिसकी पूरी तैयारी व्यापक स्तर पर चल रही है। दूधतलाई पर रंग व पुताई की जायेगी। इस अवसर पर दूधतलाई को दुल्हन की तरह रोषनी से सजाया जायेगा।
इससे पहले चैती एकम् की सवारी पाला गणेश जी से दूधतलाई तक निकाली जाएगी जिसमें ढोल, नगाड़े एवम् ज्योति कलश जो एकलिंगजी से लाई गई है वो वहाँ लाकर विसर्जित की जाएगी और इसी अवसर पर महाराजा विक्रमादित्य की आरती एवम् पूजन के साथ नव सम्वत्सर के तीन दिवसीय समारोह का समापन भव्य आतिशबाजी के साथ होगा। इस बार आतिशबाजी हवाईयाँ और विभिन्न प्रकार के व्यापक जमीनी हवाईयों सहित हवाईयाँ सभी कलर में, स्वागतम्-2072, ओम्, कलश, किरण फुल, किरण चक्र, सूरज किरण, सुरजमुखी झाड़, गुलदस्ता फुुलों का, ओरियन्ट फैन, पताशा झाड़, पंच चरख, लाईटिंग चक्कर, स्टर व्हील, सुदर्शन चक्र, अनार, इलैक्ट्रिक चकरी, उदयपुर नगर निगम् (बोर्ड) इत्यादि।
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