हरियाणा में 1800 एकड़ जमीन पर बनेंगे तीन नए औद्योगिक क्षेत्र, इन 12 गांवों की बदलेगी तकदीर

 | 
हरियाणा में 1800 एकड़ जमीन पर बनेंगे तीन नए औद्योगिक क्षेत्र, इन 12 गांवों की बदलेगी तकदीर 

Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पटौदी और फर्रुखनगर क्षेत्र के 12 गांवों की करीब 1800 एकड़ जमीन पर तीन नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) की ओर से प्रस्तावित इन औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे नए उद्यमियों को उद्योग शुरू करने के लिए अलग से आधारभूत ढांचा तैयार करने में होने वाले खर्च और समय की बचत हो सकेगी। सरकार की एसआईआईडीएस (SIIDS) और पीसीआईडीएस (PCIDS) योजनाओं के तहत विकसित किए जाने वाले इन औद्योगिक क्षेत्रों का उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और नए निवेश को बढ़ावा देना है। तैयार औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध होने से क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना के साथ रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है।

12 गांवों की जमीन पर विकसित होंगे तीन औद्योगिक क्षेत्र

HSIIDC के प्रस्ताव के अनुसार पटौदी और फर्रुखनगर क्षेत्र के 12 गांवों की करीब 1800 एकड़ जमीन को औद्योगिक गतिविधियों के लिए विकसित किया जाएगा। इस जमीन पर तीन अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्र तैयार करने की योजना है। प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्रों को अलग-अलग ब्लॉक में विकसित किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में करीब 25 से 100 एकड़ के भूखंडों की पहचान कर उन्हें औद्योगिक उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा। इन भूखंडों तक सड़क पहुंच, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं के साथ साझा औद्योगिक सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है। इस व्यवस्था से उद्यमियों को उद्योग लगाने से पहले बुनियादी ढांचे पर अलग से बड़ा निवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे परियोजनाओं को शुरू करने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।

सड़क, बिजली और पानी समेत मिलेंगी जरूरी सुविधाएं

इन औद्योगिक क्षेत्रों में केवल जमीन उपलब्ध कराने के बजाय कोर इंफ्रास्ट्रक्चर और साझा सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। सड़क नेटवर्क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तैयार होने के बाद उद्यमियों के लिए औद्योगिक इकाइयां स्थापित करना आसान होगा। औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से छोटे और बड़े दोनों तरह के उद्यमियों को तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होने की उम्मीद है। इससे उद्योगों की स्थापना की शुरुआती लागत कम करने और परियोजनाओं को तेजी से शुरू करने में मदद मिल सकती है।

सरकार देगी 50 से 85 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता

औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता का भी प्रावधान किया गया है। योजना के तहत सरकारी एजेंसी के माध्यम से परियोजना लागू होने पर एसआईआईडीएस, जबकि निजी एजेंसी की भागीदारी होने पर पीसीआईडीएस के तहत सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।HSIIDC के अनुसार, औद्योगिक क्षेत्र के विकास में शामिल एजेंसी को परियोजना के लिए 50 से 85 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता मिलने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और उद्यमियों को किफायती दर पर तैयार औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

143 औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना

राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने के लिए योजना के तहत बड़े स्तर पर क्लस्टर विकसित किए जाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 143 क्लस्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन क्लस्टरों के लिए 4000 एकड़ से अधिक जमीन को औद्योगिक गतिविधियों के लिए तैयार किए जाने की योजना है।पटौदी और फर्रुखनगर क्षेत्र को भी इसी योजना के तहत औद्योगिक विकास के लिए चुना गया है। इससे गुरुग्राम जिले के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिलने की संभावना है।

जमीन खरीदने के साथ लीज का भी होगा विकल्प

औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए जमीन की व्यवस्था केवल खरीद के माध्यम से ही नहीं होगी। इसके लिए न्यूनतम 30 वर्ष की लीज पर जमीन लेने का विकल्प भी रखा गया है। इससे परियोजना से जुड़ी एजेंसियों को जमीन उपलब्ध कराने में अधिक विकल्प मिल सकते हैं और औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

नए उद्योगों के साथ बढ़ेंगे रोजगार के नए अवसर

पटौदी और फर्रुखनगर क्षेत्र में करीब 1800 एकड़ जमीन पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। नए उद्योग आने पर प्रत्यक्ष रोजगार के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, सर्विस, रखरखाव और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।तैयार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने से उद्यमियों के लिए परियोजना शुरू करना अपेक्षाकृत आसान होगा। सरकार का जोर ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों पर है जहां उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा सकें।

जाने HSIIDC ने क्या कहा?

HSIIDC के एमडी सुशील सारवान के अनुसार, प्रदेश में 143 क्लस्टर विकसित किए जाने हैं और इसके लिए 4000 एकड़ से अधिक जमीन को औद्योगिक गतिविधियों के लिए तैयार किया जाएगा। पटौदी और फर्रुखनगर को भी इसी उद्देश्य से चुना गया है। जमीन खरीदने के साथ कम से कम 30 वर्ष की लीज पर जमीन लेने का विकल्प भी रखा गया है।

औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा

पटौदी और फर्रुखनगर के 12 गांवों में प्रस्तावित तीन औद्योगिक क्षेत्रों के विकसित होने से गुरुग्राम जिले के इस हिस्से में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। करीब 1800 एकड़ जमीन, तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी आर्थिक सहायता के प्रावधान से नए उद्यमियों के लिए उद्योग स्थापित करने का रास्ता आसान हो सकता है। साथ ही, आने वाले समय में इन औद्योगिक क्षेत्रों से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News