यहां स्थापित होंगी तीन नई चीनी मिल ! कई जिलों को मिलेगा फायदा, जाने सरकार का पूरा प्लान ?
Udaipur Times, New Delhi : गन्ना उत्पादकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। बिहार में गन्ना किसानों और चीनी उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में तीन नई चीनी मिलें स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। अगले वर्ष मार्च तक नवादा, मोतीपुर और सासामूसा में नई चीनी मिलों की स्थापना की दिशा में काम शुरू करने की तैयारी है। इससे इन क्षेत्रों के गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर स्थानीय बाजार मिलने के साथ चीनी उद्योग से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय समिति की बैठक में राज्य के गन्ना उद्योग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और अब तक हुई कार्रवाई की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। नई चीनी मिलों की स्थापना के साथ गन्ना उत्पादक क्षेत्रों की दूसरी समस्याओं को दूर करने पर भी जोर दिया गया।
गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में जलजमाव से निपटने पर जोर
बैठक में गन्ना उत्पादन वाले जिलों में जलजमाव की समस्या को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। सरकार का मानना है कि कई गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में जलजमाव किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनता है। इससे खेती प्रभावित होने के साथ खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने की समस्या पैदा होती है।
जलजमाव के स्थायी समाधान के लिए बड़े स्तर की परियोजना का डीपीआर तैयार करने का निर्देश जल संसाधन विभाग को दिया गया है। इस परियोजना के जरिए गन्ना उत्पादक इलाकों में जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे किसानों को खेती के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
लौरिया-सुगौली चीनी मिल परियोजना पर एचपीसीएल से होगी बातचीत
बैठक में लौरिया और सुगौली चीनी मिल से जुड़ी प्रस्तावित परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। इन मिलों में प्रस्तावित परियोजना की स्थापना को लेकर एचपीसीएल बायोफ्यूल्स लिमिटेड के साथ मुख्य सचिव स्तर पर बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है इस बैठक में परियोजना को आगे बढ़ाने, निवेश और मिल स्थापना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इससे बिहार में चीनी उद्योग के साथ बायोफ्यूल क्षेत्र को भी बढ़ावा देने की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
नीलगाय की समस्या के समाधान के लिए नई तकनीक पर जोर
गन्ना उद्योग से जुड़े मुद्दों के अलावा बैठक में किसानों के सामने आने वाली नीलगाय की समस्या पर भी चर्चा हुई। कई कृषि क्षेत्रों में नीलगाय के कारण फसलों को नुकसान होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस समस्या के समाधान के लिए कृषि विभाग को नई तकनीकों पर आधारित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है। तैयार प्रस्ताव को केंद्र सरकार के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि नीलगाय से फसलों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए प्रभावी उपाय अपनाए जा सकें।
सकरी और रैयाम में चीनी मिल स्थापना का रास्ता होगा साफ
मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम में चीनी मिल स्थापित करने को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। दोनों स्थानों पर मिल स्थापना से जुड़े प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा।
इसके लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड, गन्ना उद्योग विभाग और सहकारिता विभाग को नई दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा इस मामले को मुख्यमंत्री, बिहार और केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाएगा। इन परियोजनाओं के आगे बढ़ने से संबंधित क्षेत्रों में गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर मिल की सुविधा मिलने के साथ रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जमीन हस्तांतरण विधेयक पर महाधिवक्ता से ली जाएगी राय
सकरी और रैयाम में चीनी मिल की स्थापना के लिए जमीन हस्तांतरण से जुड़ा कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण है। बैठक में बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक की स्वीकृति से संबंधित मामले में मुख्य सचिव स्तर से महाधिवक्ता से परामर्श लेने का निर्देश दिया गया।
इस दौरान जमीन हस्तांतरण और मिल स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा हुई। महाधिवक्ता की राय मिलने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।
मोतीपुर मिल की जमीन वापस लेने की प्रक्रिया होगी तेज
मुजफ्फरपुर के मोतीपुर चीनी मिल को लेकर भी बैठक में अहम निर्देश दिए गए। मिल की जमीन वापस प्राप्त करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए वित्त विभाग से प्राप्त राशि को इंडियन पोटाश लिमिटेड को नियमानुसार हस्तांतरित करने का निर्देश गन्ना उद्योग विभाग को दिया गया है।
जमीन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोतीपुर में प्रस्तावित नई मिल की स्थापना से संबंधित आगे की कार्रवाई को गति मिलने की उम्मीद है। इससे मुजफ्फरपुर और आसपास के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को फायदा मिल सकता है।
सासामूसा मिल के निवेशक के साथ होगा समन्वय
सासामूसा चीनी मिल की स्थापना को लेकर भी सरकार ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय से प्राप्त आदेश के बाद निवेशक के साथ समन्वय कर मिल की स्थापना की दिशा में जरूरी कार्रवाई करने को कहा गया है।
इसके साथ ही हथुआ राज की जमीन के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश भी दिया गया। जमीन और निवेश से जुड़े मामलों के समाधान के बाद सासामूसा में मिल स्थापना का काम आगे बढ़ने की उम्मीद है।
गन्ना उद्योग को मिलेगा नया आधार
बिहार में नई चीनी मिलों की स्थापना और पुरानी मिलों से जुड़े लंबित मामलों को आगे बढ़ाने से राज्य के गन्ना उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है। नवादा, मोतीपुर और सासामूसा में नई मिलों की स्थापना के साथ सकरी, रैयाम, लौरिया और सुगौली जैसी परियोजनाओं पर भी कार्रवाई आगे बढ़ रही है। अगर ये परियोजनाएं तय योजना के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर अपनी उपज के लिए मिल की सुविधा मिलने के साथ रोजगार, निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल सकता है।