तीन दिवसीय लघु शान्ति स्नात्र महापूजन
आत्मरति विजय म.सा. ने कहा कि मनुष्य बुद्धिमान तो है लेकिन उसमें सद्बुद्धि का अभाव है। जिनवाणी का पालन करने वाला ही सुश्रावक बनने का अधिकारी होता है।
आत्मरति विजय म.सा. ने कहा कि मनुष्य बुद्धिमान तो है लेकिन उसमें सद्बुद्धि का अभाव है। जिनवाणी का पालन करने वाला ही सुश्रावक बनने का अधिकारी होता है।
वे आज श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ जिनालय द्वारा श्री शांतिनाथ आराधना भवन में आयोजित धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होनें कहा कि नाम के दान करने वाले का दानपुण्य का फल नहीं मिलता है। दान देने वाले की शुद्ध एवं सात्विक भावना ही फलदायी होती है।
इस अवसर पर हितरति विजय म.सा. ने कहा कि अपने शरीर की ओर ध्यान देने की अपेक्षा आत्म कल्याण हेतु किया जाने वाला कार्य ही मोक्ष मार्ग की ओर ले जाता है। जिनवाणी की शुद्ध अन्त:करण से पालन करना ही धर्म है।
संघ अध्यक्ष सुशील बांठिया ने बताया कि आत्मरति विजय, हितरति विजय एंव साध्वी पूर्णदर्शना जी म.सा. की निश्रा में श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक संघ जिनालय द्वारा तीन दिवसीय लघु शान्ति स्नात्र महापूजन कार्यक्रम 25 जुलाई से श्री श्ंाातिनाथ आराधना भवन में आयोजित किये जाऐंगे। 25 को प्रात: साढ़े आठ बजे श्रीकुंभ स्थापना,नवग्रह पाटला पूजन विधि तथा गुणनुवाद सभा का आयोजन होगा, 26 को नमस्कार महामंत्र भाष्यजाप,सद्गुरू श्रद्धाजंलि शुद्ध शास्त्रीय संगीत सभा का आयोजन तथा 27 को लघु शान्ति स्नात्र महापूजन का आयोजन होगा जिसमें 27 परिवार भाग लेंगे।
