आज का मौसम : हरियाणा-राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी ! देखें नई वेदर रिपोर्ट
Aaj Ka Mousam 30 July 2026, आज का मौसम, आज 30 जुलाई का मौसम : देशभर में मौसम का मिजाज फिर करवट लेने वाला है। हाल ही में मौसम विभाग ने ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए बताया है की देशभर में आज मौसम बदलने से कई राज्यों बारिश होने वाली है तो कुछ जगहों पर मौसम साफ रहने वाला है।
आज मौसम विभाग ने नई रिपोर्ट जारी करते हुए तेज आंधी आने के आसार जताएं है साथ ही कई राज्यों में बारिश के आसार जताएं है। Aaj Ka Mousam 30 July
चलिए जानते है आज 30 जुलाई गुरुवार को मौसम कैसा रहेगा...
मौसम विभाग के अनुसार ओडिशा और आस-पास के इलाकों में बना 'डीप डिप्रेशन' (गहरा कम दबाव का क्षेत्र) बहुत धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ा है और अभी झारसुगुड़ा और हीराकुंड के पास है। उम्मीद है कि दक्षिण छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम की ओर बढ़ते समय भी यह सिस्टम अपनी ताकत बनाए रखेगा। इसके असर से मॉनसून ट्रफ का पूर्वी हिस्सा दक्षिण की ओर खिसक गया है और अब यह उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक पहुँच गया है। नतीजतन, शुरू में मध्य भारत में मॉनसून के सक्रिय से लेकर बहुत तेज़ रहने की उम्मीद है और धीरे-धीरे यह उत्तरी मैदानी इलाकों तक फैल जाएगा। Aaj Ka Mousam
नई मौसम रिपोर्ट के मुताबिक इस डीप डिप्रेशन की वजह से दक्षिण ओडिशा, दक्षिण छत्तीसगढ़, विदर्भ और तेलंगाना के अंदरूनी इलाकों में पहले ही भारी बारिश हो चुकी है। जिन जगहों पर 100 मिमी से ज़्यादा बारिश दर्ज की गई है, उनमें क्योंझर, हीराकुंड, माना, नागपुर, रामागुंडम और निजामाबाद शामिल हैं।
मौसम विभाग के अनुसार भारी बारिश का यह दायरा धीरे-धीरे ओडिशा से हटकर मध्य प्रदेश और फिर राजस्थान के कुछ हिस्सों तक फैल जाएगा। इस सिस्टम से जुड़ी नमी का सबसे ज़्यादा जमाव इसके दक्षिण-पश्चिम हिस्से और इसके आगे बढ़ने वाले इलाके में बना हुआ है।ओडिशा, छत्तीसगढ़, दक्षिण मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना है। Aaj Ka Mousam
नई मौसम रिपोर्ट के मुताबिक यह डीप डिप्रेशन कमज़ोर होकर 'डिप्रेशन' में बदल जाएगा और उसके बाद के 36 घंटों में यह 'वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया' (स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र) बन जाएगा। मध्य मध्य प्रदेश से गुजरने के बाद, कमज़ोर हुआ यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ सकता है और उत्तरी मध्य प्रदेश तथा उत्तर-पूर्वी राजस्थान से होकर गुजर सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार इस अनुमानित रास्ते के कारण गुजरात और उत्तरी कोंकण क्षेत्र उस तरह की भारी बारिश से बच जाएंगे जैसी पिछले हफ़्ते देखी गई थी। हालाँकि, मुड़ने वाले इस सिस्टम से राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में मॉनसून की गतिविधि बढ़ने की उम्मीद है। 1 अगस्त से 4 अगस्त के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों (फुटहिल्स) तक तेज़ बारिश पहुँचने की संभावना है। Aaj Ka Mousam
नई मौसम रिपोर्ट के मुताबिक केरल और तटीय कर्नाटक को छोड़कर, दक्षिणी प्रायद्वीप में अगले हफ़्ते के मध्य तक मौसम की गतिविधि बहुत कम रहने की उम्मीद है।
