सिटी पैलेस में हुआ परंपरागत होली-दीपन
महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन की ओर से यहां सिटी पैलेस में गुरूवार शाम को परंपरागत ढंग से होली का दीपन समारोह संपन्न हुआ। मेवाड़ की परंपरागत सांस्कृतिक धरोहर का निर्वाह करते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा कर फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ ने पारंपरिक होली दीपन की रस्म अदा की।

महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन की ओर से यहां सिटी पैलेस में गुरूवार शाम को परंपरागत ढंग से होली का दीपन समारोह संपन्न हुआ। मेवाड़ की परंपरागत सांस्कृतिक धरोहर का निर्वाह करते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा कर फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ ने पारंपरिक होली दीपन की रस्म अदा की।
इससे पूर्व श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ नौबत री आसवारी के साथ शंभू निवास पैलेस से माणक चौक पधारे। इस भव्य असवारी में शामिल रंण कंकण घोड़े, नगाड़ा आदि का लवाजमा आगन्तुक स्वदेशी व विदेशी अतिथियों के लिए आकर्षण था। मेवाड़ की इस परंपरागत होली दीपन समारोह को देख बड़ी संख्या में उपस्थित विदेशी पर्यटक रोमांचित हो उठे।
सवारी में निशान के पीछे मेवाड़ पैलेस ऑर्गेनाइजेशन के सुरक्षा विभाग के जवानों की टुकड़ी परेड करते चल रही थी। आकर्षक लवाजमे में पैलेस ऑर्गेनाइजेशन का पाईप बैंड मधुर संगीत बिखेरते हुए चल रहा था। लवाजमे में शामिल रंग कंकण में पैलेस ऑर्गेनाइजेशन के स्टॉफ सदस्यगण चंग, मंजिरा, बांके, वाद्ययंत्र बजाते हुए चल रहे थे।

कई मीटर लंबी इस भव्य सवारी में पैलेस के अश्व आकर्षक वस्त्र आदि व आभूषण, मसेहस, घूमची हालरिया व हालरा पहने चल रहे थे। इस नौबत री असवारी में शहर के आमंत्रित राव उमराव, जागीरदार, ठिकानेदार परंपरागत वेशभूषा पहने शामिल थे। पूरी नौबती री आसवारी के मुख्य आकर्षण अरविंद सिंह मेवाड़ परंपरागत वस्त्र पहने हुए 1905-रॉयल लैंडयू इन सिक्स हैण्ड गाड़ी पर सवार थे।
नौबत री असवारी के माणक चौक पर पहुंचने पर सभी आगंतुक अतिथियों ने खड़े होकर अरविंद सिंह का अभिवादन किया। उन्हें पैलेस की निजी सेना द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस अवसर पर फाउण्डेशन के ट्रस्टी विजयराज कुमारी मेवाड़, लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ ने होलिका स्थल पर पहुंचकर धर्मसभा के पुरोहित कर्मान्त्री एवं अन्य सदस्यों के सान्निध्य में विधि विधान से होलिका पूजन की रस्में पूर्ण कीं। वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन पश्चात होली की परिक्रमा कर होली दहन की रस्में अदा कीं।
होली के दीपित होते ही काफी देर तक भव्य आतिशबाजी का दौर चला। श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ ने उदयपुर शहर के समस्त मंदिरों से आमंत्रित साधु संतों का माल्यार्पण कर उन्हें उपहार आदि भेंट किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।
बाद में श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ ने आमंत्रित पूर्व राव उमराव, सरदारों, ठिकानेदारों, जागीरदारों से नजराना स्वीकार किया। इस अवसर पर शहर के प्रशासनिक अधिकारी, बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी उपस्थित थे। होली दीपन के दौरान पारंपरिक गैर नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। समारोह का संचालन नेहा श्रीवास्तव ने किया।
