1 जुलाई से बदल जाएंगे ट्रेन यात्रा के नियम, टिकट से लेकर जुर्माने तक होंगे 5 बड़े बदलाव ?
Udaipur Times, Train New Rules : भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए जल्द नए नियम लागू होने जा रहे हैं। जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम-2026 के तहत रेलवे अधिनियम 1989 में कई अहम बदलाव किए गए हैं। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को इसकी जानकारी दे दी है और माना जा रहा है कि ये नियम 1 जुलाई 2026 से लागू हो सकते हैं।
नए नियमों का उद्देश्य रेलवे परिसरों में अनुशासन बढ़ाना, टिकटों के दुरुपयोग को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आइए जानते हैं रेलवे के 5 बड़े बदलावों के बारे में।
1. बिना टिकट यात्रा पर दोगुना जुर्माना
नए नियमों के तहत बिना वैध टिकट यात्रा करने या पहले इस्तेमाल किए गए टिकट का उपयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे यात्रियों को किराये के साथ अतिरिक्त शुल्क देना होगा। न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
2. दूसरे के टिकट पर यात्रा करना पड़ेगा महंगा
अगर कोई यात्री किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी टिकट से यात्रा करता पकड़ा जाता है, तो उसका टिकट जब्त किया जा सकता है। साथ ही किराये के अलावा अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। ऐसे मामलों में न्यूनतम जुर्माना 500 रुपये निर्धारित किया गया है।
3. भीख मांगने और अवैध सामान बेचने पर सख्ती
रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में भीख मांगना या बिना अनुमति सामान बेचना दंडनीय अपराध होगा। ऐसे लोगों पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने वालों को एक साल तक की जेल भी हो सकती है।
4. रेलवे परिसर में नशा और हंगामा करने पर कार्रवाई
नए नियमों के तहत रेलवे परिसर या ट्रेन में नशे की हालत में उपद्रव करने, यात्रियों को परेशान करने या अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ भी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
5. महिला कोच में सफर करने वाले पुरुषों पर 2500 रुपये जुर्माना
महिलाओं के लिए आरक्षित कोच, सीट या बर्थ पर कब्जा करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। रेलवे अधिकारियों को ऐसे यात्रियों को तत्काल आरक्षित कोच से हटाने का अधिकार भी दिया गया है।
रेलवे का मानना है कि इन नए नियमों से टिकटों के दुरुपयोग पर रोक लगेगी, यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
