दिल्ली-हरियाणा, पंजाब और यूपी-राजस्थान का सफर होगा आसान ! 14833 करोड़ से जल्द तैयार होंगे ये नए हाईवे
Udaipur Times, Chandigarh News, चंडीगढ़ : हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्गों का नेटवर्क तेजी से बदलने वाला है। राज्य में करीब 14,833 करोड़ की लागत से 20 बड़े हाईवे व सड़क से संबंधित प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं। इनमें करनाल और अंबाला रिंग रोड, शामली-अंबाला हाईवे, जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट कनेक्टविटी और गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी फोरलेन जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।
यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भाजपा के राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया के पूछे गए सवाल पर दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दिल्ली-एनसीआर और पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा आसान होगी, शहरों में ट्रैफिक जाम कम होगा, माल ढुलाई तेज होगी और औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी। अधिकांश परियोजनाएं 75 से 99 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी हैं और 2026-27 तक इनके पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।
जेवर एयरपोर्ट ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी (फरीदाबाद-पलवल): कुल लागत 2,414.67 करोड़ रुपये, अब तक 74.08% काम पूरा। कुल लंबाई 31।425 किमी। हरियाणा में 22.30 किमी। इससे फरीदाबाद व पलवल के लोगों को नोएडा के जेवर एयरपोर्ट तक जाना आसान हो जाएगा।
गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी 4/6 लेन (एनएच-352 डब्लू) : लागत 1867 करोड़ रुपये। 82 फीसदी कार्य पूरा। करीब 46 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के निर्माण की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 रखी गई है। इससे द्वारका एक्सप्रेस वे तक कनेक्टिविटी बेहतर होने से दिल्ली-जयपुर हाईवे पर दबाव कम होगा।
करनाल रिंग रोड (एचएचएम मोड) : लागत 1,691.45 करोड़ रुपये। 34.5 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट का करीब 96।42% काम पूरा हो गया है। इसके निर्माण का लक्ष्य 31 अक्तूबर 2026 तय किया है। निर्माण से दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच आने-जाने वाले भारी वाहन बिना करनाल में प्रवेश किए सीधे निकल सकेंगे।
शामली-अंबाला (भाग-2, एनएच-344जीएम) : करनाल, अंबाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र से गुजरने वाली इस परियोजना पर 1,554.21 करोड़ खर्च हो रहे हैं। 81।50% काम हो गया है। 38 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन से हरियाणा और पश्चिमी यूपी के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित बनाएगा।
शामली-अंबाला (भाग-3 एनएच 344जीएम) : इस प्रोजेक्ट की लागत 1491 करोड़ है। अब तक 79.56% बनकर तैयार हो गया है। करीब 37 किमी लंबे इस प्रोजेक्ट को दिसंबर 2026 पूरा किया जाना है।
भिवानी-हांसी (एनएच-148 बी) : भिवानी और हांसी को जोड़ने वाला लगभग 43 किलोमीटर लंबा 4-लेन के इस प्रोजेक्ट की कुल पूंजी लागत 1330.23 करोड़ रुपये है। इसका कार्य 99 फीसदी पूरा हो चुका है। इससे आधा घंटे से 45 मिनट का समय बचेगा।
जगाधरी-ताजेवाला (एनएच-344, यमुनानगर): 32 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की लागत 1,269.5 करोड़ रुपये है। 65.90% काम ही पूरा हुआ है। अब इसकी नई लक्ष्य तारीख मार्च 2027 है।
निर्माण के अंतिम चरण में हैं ये हाईवे
अंबाला रिंग रोड (ग्रीनफील्ड): इस सड़क परियोजना की लागत 1,088.64 करोड़ रुपये है। 22 किमी लंबे रोड का निर्माण अब तक 90।32 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसे सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
जलबेहड़ा-शाहबाद (एनएच-152जी, कुरुक्षेत्र): इस परियोजना पर 927.22 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। 91.57 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसे अगस्त 2026 तक पूरा किया जाएगा।
माईलाबाद-अंबाला (एनएच-152): इस सड़क के निर्माण पर 609।32 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अब तक 74.05 फीसदी काम पूरा हुआ है। इसे मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
गुरुग्राम-जयपुर हाईवे पर छोटे काम: एनएच-48 के गुरुग्राम-कोटपूतली-जयपुर मार्ग पर तीन छोटे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें अतिरिक्त ढांचाें का निर्माण (152.8 करोड़ रुपये, 35.68 फीसदी काम पूरा), सर्विस रोड का सुधार और रखरखाव (240.11 करोड़ रुपये, 56.05 फीसदी काम पूरा) और फुट ओवर ब्रिज का निर्माण (14.2 करोड़ रुपये, 97.2 फीसदी काम पूरा) शामिल हैं।
