हरियाणा से दिल्ली का सफर होगा आसान ! जाम से मिलेगी मुक्ति, DME-KMP कनेक्टिविटी से मिलेगा बड़ा फायदा
Udaipur Times, Faridabad-Delhi Connectivity : फरीदाबाद और पलवल से दिल्ली आने-जाने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाली एक अहम सड़क परियोजना को ट्रायल के तौर पर खोला गया है। इससे फरीदाबाद-पलवल से दिल्ली जाने वाले लोगों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि बदरपुर बॉर्डर, आश्रम और कालिंदी कुंज जैसे व्यस्त इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
दिल्ली और फरीदाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए आने वाला समय काफी राहत भरा हो सकता है। सराय काले खां और कालिंदी कुंज को DME-KMP से जोड़ने वाले नए मार्ग को ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है। इस कनेक्टिविटी के जरिए फरीदाबाद-पलवल से दिल्ली के प्रमुख इलाकों तक पहुंचना पहले के मुकाबले आसान होने की उम्मीद है।
खास बात यह है कि इस नए रूट का फायदा सिर्फ फरीदाबाद के लोगों को ही नहीं मिलेगा, बल्कि पलवल और आसपास के इलाकों से दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन चालकों को भी इसका लाभ मिल सकता है। नई कनेक्टिविटी से पुराने और भीड़भाड़ वाले रास्तों पर वाहनों का दबाव कम करने की कोशिश की जा रही है।
10 से 15 मिनट में सराय काले खां पहुंचने की उम्मीद
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने इस परियोजना को फरीदाबाद-पलवल क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात बताया है। उनके मुताबिक, नए मार्ग के पूरी तरह उपयोग में आने के बाद फरीदाबाद से सराय काले खां तक पहुंचने में लगने वाला समय करीब 10 से 15 मिनट तक सिमट सकता है।
हालांकि, वास्तविक यात्रा समय ट्रैफिक, प्रवेश बिंदु और वाहन की गति जैसी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा, लेकिन नई कनेक्टिविटी से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
बदरपुर बॉर्डर और आश्रम के जाम से मिलेगी राहत
फरीदाबाद से दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए बदरपुर बॉर्डर, आश्रम और कालिंदी कुंज लंबे समय से व्यस्त मार्गों में शामिल रहे हैं। खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में इन रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं।
नए रूट के शुरू होने से वाहनों को वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इससे इन प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है और रोजाना ऑफिस, कारोबार या अन्य काम से दिल्ली जाने वाले लोगों का सफर अधिक सुगम हो सकता है।
समय के साथ- साथईंधन की भी होगी बचत
ट्रैफिक जाम में घंटों फंसने से सिर्फ समय ही नहीं, बल्कि बड़ी मात्रा में ईंधन भी खर्च होता है। यदि नया मार्ग यात्रियों को तेज और सीधा विकल्प देता है, तो इससे वाहन चालकों के समय और ईंधन दोनों की बचत हो सकती है।
पीक आवर्स में इसका असर सबसे ज्यादा दिखाई देने की उम्मीद है।
6 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की है ये परियोजना
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण परियोजना पर 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया है। इसका उद्देश्य दिल्ली-NCR के प्रमुख हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करना और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
परियोजना को फरीदाबाद के भविष्य के विकास से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क का सीधा असर स्थानीय कारोबार, रोजगार, रियल एस्टेट और औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
फरीदाबाद को मिलने वाली हैं कई बड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाएं
फरीदाबाद की दिल्ली से कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए आने वाले समय में कई अन्य बड़ी परियोजनाओं पर भी काम होने की उम्मीद है। इनमें जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, मंझावली पुल, RRTS और बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद फरीदाबाद से दिल्ली के अलावा NCR के दूसरे हिस्सों तक पहुंचना भी आसान हो सकता है।
आश्रम से सराय ख्वाजा तक जाम खत्म करने की भी तैयारी
फरीदाबाद के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक आश्रम से सराय ख्वाजा तक का ट्रैफिक दबाव है। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इस समस्या को कम करने के लिए दिसंबर से काम शुरू होने की बात कही गई है।
अगर यह परियोजना और नए कनेक्टिविटी रूट एक साथ प्रभावी तरीके से काम करते हैं, तो दिल्ली-फरीदाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों को आने वाले समय में काफी राहत मिल सकती है।
दिल्ली-NCR की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया विकल्प
कुल मिलाकर, नए मार्ग के ट्रायल के तौर पर खुलने से फरीदाबाद और पलवल के यात्रियों को दिल्ली पहुंचने के लिए एक और विकल्प मिल गया है। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यातायात का दबाव अलग-अलग मार्गों में बांटा जा सकेगा। फरीदाबाद से दिल्ली का सफर 10-15 मिनट में पूरा होने का दावा अभी संभावित यात्रा समय के तौर पर देखा जाना चाहिए।
वास्तविक समय रूट के पूरी तरह चालू होने और ट्रैफिक की स्थिति के बाद ही स्पष्ट होगा। लेकिन अगर योजना उम्मीद के मुताबिक काम करती है, तो बदरपुर बॉर्डर और आश्रम के जाम से राहत के साथ-साथ फरीदाबाद की दिल्ली-NCR से कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।