दिल्ली-आगरा हाईवे पर सफर होगा आसान ! तेज रफ्तार में फराटा भरेगी गाड़ियां, देखें पूरा रूटमैप ?
Udaipur Times, New Delhi : दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर सफर को और सुगम बनाने के लिए कारपेटिंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। फरीदाबाद में गदपुरी टोल बैरियर से सराय ख्वाजा टोल बैरियर तक हाईवे की सड़क पर नई कारपेटिंग की जा रही है। काम फिलहाल मध्य चरण में पहुंच चुका है। फरीदाबाद से दिल्ली की दिशा में कारपेटिंग का काम अगले तीन से चार दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद दिल्ली से फरीदाबाद की ओर वाली दिशा में कारपेटिंग का काम शुरू किया जाएगा।
नई सतह तैयार होने के बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पहले के मुकाबले बेहतर होने की उम्मीद है। दिल्ली से आगरा तक विकसित किए जा रहे सिग्नल फ्री कॉरिडोर को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। हालांकि वास्तविक गति वाहन, यातायात नियम और संबंधित हिस्से पर लागू गति सीमा के अनुसार ही निर्धारित होगी।
गदपुरी से ओल्ड फरीदाबाद फ्लाइओवर तक कारपेटिंग पूरी
गदपुरी टोल बैरियर से कारपेटिंग का काम 12 अगस्त को शुरू किया गया था। अब तक गदपुरी से ओल्ड फरीदाबाद फ्लाइओवर तक सड़क पर कारपेटिंग का काम पूरा हो चुका है।इसके बाद काम को आगे बढ़ाते हुए सराय ख्वाजा टोल बैरियर की तरफ कारपेटिंग शुरू की गई है। इस हिस्से में काम पूरा होने के बाद दिल्ली की दिशा में हाईवे की सतह काफी हद तक नई हो जाएगी। नई कारपेटिंग से सड़क की सतह बेहतर होने और वाहनों के सुचारु आवागमन में मदद मिलने की उम्मीद है।
तीन से चार दिन में फरीदाबाद से दिल्ली वाला हिस्सा पूरा करने का लक्ष्य
निर्माण एजेंसी फिलहाल फरीदाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली दिशा में कारपेटिंग का काम कर रही है। इसे अगले तीन से चार दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले इस काम को पिछले सप्ताह तक पूरा करने की योजना थी, लेकिन बीच में तीन-चार दिन मौसम खराब रहने और बारिश के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। बारिश के चलते काम रोकना पड़ा, जिससे निर्धारित समय में काम पूरा नहीं हो सका। अब मौसम अनुकूल रहने पर काम को तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली से आगरा तक 120 KM प्रति घंटे के मानकों पर कॉरिडोर
दिल्ली से आगरा के बीच सिग्नल फ्री कॉरिडोर को हाईस्पीड ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। परियोजना से जुड़े हिस्सों को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले मानकों के अनुरूप तैयार करने की बात कही गई है।इसी को ध्यान में रखते हुए हाईवे की सड़क की सतह को बेहतर बनाने के लिए कारपेटिंग का काम किया जा रहा है। नई सड़क बनने के बाद वाहन चालकों को पहले के मुकाबले ज्यादा बेहतर ड्राइविंग सरफेस मिलने की उम्मीद है। हालांकि हाईवे पर वाहन चालक कितनी गति से वाहन चला सकेंगे, यह संबंधित हिस्से पर लागू अधिकतम गति सीमा और यातायात नियमों पर निर्भर करेगा।
खुदाई और कारपेटिंग का काम साथ-साथ
हाईवे पर यातायात को पूरी तरह रोककर निर्माण कार्य करना आसान नहीं है। ऐसे में खुदाई और कारपेटिंग का काम समानांतर रूप से किया जा रहा है, ताकि निर्माण कार्य के साथ वाहनों की आवाजाही भी जारी रहे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के निर्देश पर निर्माण कंपनी हाईवे की निर्माणाधीन आधी साइड को स्लिप कैनोपी से कवर कर रही है। इसका उद्देश्य निर्माण क्षेत्र को व्यवस्थित रखने और यातायात पर कम से कम असर डालते हुए काम जारी रखना है।निर्माण एजेंसी की कोशिश है कि आगे और पीछे दोनों दिशाओं का यातायात चलता रहे और वाहन चालकों को कम से कम परेशानी हो।
हाईवे के प्रवेश और निकास पर तैनात हुई पुलिस
कारपेटिंग के दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए डीसीपी ट्रैफिक की ओर से यातायात थाना पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
इसके बाद हाईवे के अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वारों पर यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। निर्माण कार्य के दौरान वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और किसी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस निगरानी रख रही है। हाईवे पर काम के दौरान वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण यातायात प्रबंधन को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
काम के दौरान वाहन चालकों से सहयोग की अपील
हाईवे पर एक तरफ निर्माण कार्य और दूसरी तरफ यातायात जारी रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में वाहन चालकों से भी अपील की गई है कि वे निर्माण क्षेत्र में सावधानी से वाहन चलाएं और निर्धारित गति व यातायात नियमों का पालन करें।
निर्माण क्षेत्र में अचानक लेन बदलने, तेज गति से वाहन चलाने या सुरक्षा संकेतों की अनदेखी करने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए कारपेटिंग पूरी होने तक वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।
बारिश के कारण प्रभावित हुआ था काम
परियोजना निदेशक धीरज सिंह के मुताबिक, फरीदाबाद से दिल्ली की दिशा में चल रहा कारपेटिंग का काम अगले तीन से चार दिन में पूरा करने का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि काम पहले ही पूरा करने की योजना थी, लेकिन तीन-चार दिन मौसम खराब रहने और बारिश होने के कारण निर्माण कार्य रुक गया था। अब काम को दोबारा गति दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि हाईवे पर बिना किसी बाधा के निर्माण कार्य करना बड़ी चुनौती है। इसलिए वाहन चालकों को निर्माण के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए।
दिल्ली-आगरा हाईवे पर सफर बेहतर होने की उम्मीद
गदपुरी से सराय ख्वाजा के बीच कारपेटिंग पूरी होने के बाद दिल्ली-फरीदाबाद मार्ग पर सड़क की सतह बेहतर होने की उम्मीद है। इसके बाद दिल्ली से फरीदाबाद की दिशा में भी काम किया जाएगा। पूरे काम के पूरा होने के बाद दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर वाहन चालकों को बेहतर सड़क सतह और सुगम यातायात मिलने की उम्मीद है। वहीं, सिग्नल फ्री कॉरिडोर के विकास और सड़क की गुणवत्ता में सुधार से दिल्ली से आगरा के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।