कौशल विकास से जुड़े जनजाति युवा – केन्द्रीय संयुक्त सचिव
केन्द्रीय जनजाति मामलात मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने कहा कि जनजाति उपयोजना क्षेत्र में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इन्हें कौशल विकास कार्यक्रमों से जो$डा जाने की महत्ती आवश्यकता है।
केन्द्रीय जनजाति मामलात मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने कहा कि जनजाति उपयोजना क्षेत्र में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इन्हें कौशल विकास कार्यक्रमों से जो$डा जाने की महत्ती आवश्यकता है।
श्री पिंगुआ बुधवार को टीएडी सभागार में टीएडी विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे थे। इस मौके पर राज्य के जनजाति क्षेत्रीय विकास आयुक्त वैभव गालरिया भी मौजूद थे।
संयुक्त सचिव ने भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली विशेष सहायता राशि एवं मद 275 के तहत चलाए जा रहे विकास कार्यक्रमों के बारे में अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवा रोजगार सृजन के प्रस्ताव यदि केन्द्र को भिजवाए जाते हंै तो उन्हें पूर्ण प्राथमिकता से पारित करते हुए धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।
उन्होंने विभाग द्वारा विभिन्न ब्लॉक, जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तरीय जनजाति खेलकूद प्रतियोगिताओं के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाकर भेजने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सहकारिता संघ द्वारा लघु वन उपज गतिविधियों को ब$ढावा देने की दिशा में 81 लाख के प्रस्ताव भारत सरकार को भिजवाए गए है इस पर भी स्वीकृति के वे प्रभावी प्रयास करेंगे।
बैठक में टीएडी के अतिरिक्त आयुक्त जमील अहमद कुरैशी, टीआरआई निदेशक बाबूलाल कटारा, राजस संघ, स्वच्छ एवं टीएडी विभाग के विभिन्न प्रकोष्ठों के अधिकारीगण मौजूद थे।
आश्रम छात्रावासों का निरीक्षण :-
संयुक्त सचिव ने अपने प्रवास के दौरान उदयपुर जिले के झा$डोल ब्लॉक में संचालित जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास, नाल सा$डोल में वानिकी कार्य, बैफ के तहत संचालित बा$िडयों तथा स्वच्छ प्ररियोजना अंतर्गत संचालित डे केयर सेंटर रिछावल का अवलोकन किया। उन्होंने क्षेत्र में कराई जा रही रोजगारोन्मुखी गतिविधियों की प्रंशसा की तथा लाभार्थियों से बातचीत भी की।
संयुक्त सचिव ने ढीकली मॉडल पब्लिक जनजाति विधालय का भी निरीक्षण किया और वहां बालिकाओं को दी जा रही खाधान्न सामग्री की गुणवत्ता पर भी संतोष व्यक्त किया। उन्होंने टीआरआई के संग्रहालय एवं पुस्तकालय का भी अवलोकन किया।