उदयपुर सहित पूरे राजस्थान में ट्रांसपोर्टरों का चक्का जाम आंदोलन
Udaipur Times, Truck Strike Rajasthan 2026: 14 जुलाई 2026। प्रदेश ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति के आह्वान पर आज राजस्थान के सभी जिलों में ट्रक एवं ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों द्वारा VLTD GPS की अनिवार्यता, परमिट एवं वाहन फिटनेस संबंधी व्यावहारिक समस्याओं के विरोध में प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन का शुभारंभ किया गया।
दी उदयपुर ट्रांसपोर्ट ऑर्गनाइजेशन द्वारा आंदोलन के प्रथम दिन प्रदेशभर में ट्रांसपोर्ट नगरों, परिवहन कार्यालयों एवं प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब पर बड़ी संख्या में ट्रक मालिक, ट्रांसपोर्टर, वाहन संचालक एवं व्यवसायी एकजुट होकर सरकार के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखा। Truck Strike Rajasthan 2026
प्रवक्ता हेमेन्द्र सिंह दवाणा ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए सभी ट्रक ट्रासंपोर्ट मालिको का अभिवादन कर जानकारी उपलब्ध करवाई कि सरकार द्वारा लागू की जा रही व्यवस्थाओं का उद्देश्य यदि सड़क सुरक्षा एवं पारदर्शिता है तो उसका स्वागत है, किन्तु वर्तमान व्यवस्था में अनेक तकनीकी एवं प्रशासनिक कमियों के कारण ट्रांसपोर्ट व्यवसाय अत्यधिक प्रभावित हो रहा है। VLTD GPS उपकरणों की सीमित उपलब्धता, अत्यधिक शुल्क, तकनीकी खराबी, सर्वर संबंधी समस्याएं तथा अधिकृत एजेंसियों एवं सरकार की (SOP) सिस्टम ऑपरेटिंग प्रोसीजर कम्प्लीट नही होने के कारण हजारों वाहन समय पर अनुपालन नहीं कर पा रहे हैं। इसके बावजूद वाहन मालिकों पर लगातार चालान एवं दण्डात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिससे पूरे परिवहन उद्योग में भारी असंतोष व्याप्त है।
संरक्षक पुष्पराज मेहता का कहना है कि वाहन फिटनेस एवं परमिट नवीनीकरण की प्रक्रिया भी वर्तमान में अत्यंत जटिल एवं समय लेने वाली हो गई है। ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी समस्याओं, स्लॉट की कमी तथा प्रशासनिक विलंब के कारण वाहन समय पर फिटनेस एवं परमिट प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप वाहन सड़क पर खड़े रहने को विवश हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है तथा व्यापार और उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हो रही है। Truck Strike Rajasthan 2026
अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राणावत ने बताया प्रदेश ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि VLTD GPS लागू करने की समय-सीमा बढ़ाई जाए तथा व्यवस्था पूर्ण रूप से सुचारु होने तक दण्डात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। GPS उपकरणों की उपलब्धता एवं शुल्क को पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया जाए। परमिट एवं फिटनेस नवीनीकरण प्रक्रिया को सरल, त्वरित एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाए। Truck Strike Rajasthan 2026
महामंत्री मनोहर सिंह ने कहा ऑनलाइन पोर्टल एवं सर्वर संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। ट्रांसपोर्ट संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल वार्ता कर व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। Truck Strike Rajasthan 2026
उपाध्यक्ष हेमराज डांगी ने स्पष्ट किया कि ट्रांसपोर्ट व्यवसाय राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कृषि, उद्योग, व्यापार एवं आमजन तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति इसी क्षेत्र पर निर्भर करती है। यदि ट्रांसपोर्ट उद्योग लगातार प्रशासनिक कठिनाइयों से जूझता रहेगा तो इसका प्रतिकूल प्रभाव पूरे आर्थिक तंत्र पर पड़ेगा।
कोषाध्यक्ष जगदीश पण्डा ने कहा आज प्रदेशभर में हुए चक्का जाम आंदोलन को ट्रक मालिकों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों, वाहन संचालकों एवं विभिन्न ट्रांसपोर्ट संगठनों का व्यापक समर्थन प्राप्त हुआ। कई स्थानों पर प्रतिनिधिमंडलों ने जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपे तथा चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सहसचिव मनप्रीत सिह खेरा ने कहा प्रदेश ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति ने सभी ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों का शांतिपूर्ण एवं अनुशासित तरीके से आंदोलन को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष किसी टकराव का नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट उद्योग के अस्तित्व, सम्मान एवं लाखों परिवारों की आजीविका की रक्षा का आंदोलन है।
आंदोलन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष गोपाल सुथार, पूर्व विधिक सलाहकार नरेंद्र सिंह शेखावत, संदीप सिंह, नीरज सिंह, मुन्ना भाई गुर्जर, अभिषेक जैन, श्रेणिक कुमार, अजित गुप्ता, जितेंद्र सिंह सिसोदिया, भेरू सिंह, भारत सिंह चौहान, अरुण कुमार, प्रभात कुमार, पारिख जी, कैलाश पूर्बिया, सोमेश्वर सिंह काछोला, राकेश सोनी, मीठा लाल डांगी, मुकेश डांगी एवं फतहनगर, मावली, वल्लभनगर, डबोक, बलीचा, सुखेर, भुवाणा के ट्रक ट्रांसपोर्ट मालिक एकत्रित हुए एवं पहले दिन शांति पूर्ण एवं अनुशासीत तरीके से आंदोलन शुरू किया गया ।
