कौशल विकास विषयक पर दो दिवसीय संगोष्ठी
यदि कोई व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं हो और यदि उसके पर किस कार्य का हुनर हो तो वह अपना व अपने परिवार का भरण पोषण आसानी से कर सकता है। यदि किसी के पास डिग्री है और उसके पास किसी कार्य में दक्षता नहीं है तो वह व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता। आज आवश्यकता है व्यक्ति को पढ़ाई के साथ साथ किसी कार्य में भी दक्ष होना होगा।

यदि कोई व्यक्ति पढ़ा लिखा नहीं हो और यदि उसके पर किस कार्य का हुनर हो तो वह अपना व अपने परिवार का भरण पोषण आसानी से कर सकता है। यदि किसी के पास डिग्री है और उसके पास किसी कार्य में दक्षता नहीं है तो वह व्यक्ति कुछ नहीं कर सकता। आज आवश्यकता है व्यक्ति को पढ़ाई के साथ साथ किसी कार्य में भी दक्ष होना होगा।
यह कहना था मुख्य वक्ता डॉ. सुधीर मुर्डिया – डीन एमपीयूटी विश्वविद्यालय का। अवसर था जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विवि के संघटक जनशिक्षण एवं विस्तार कार्यक्रम निदेशालय की ओर से ‘‘ कौशल विकास विषयक’’ पर दो दिवसीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र का। उन्होंने कहा कि इसी बात को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा स्कील डवलपमेंट के नाम से नया विभाग भी खोलने जा रहा है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए निदेशक डॉ. मंजू मांडोत ने कहा कि व्यक्ति को अपने विकास के साथ किसी कार्य में भी दक्ष होने की जरूरत है।
इस अवसर पर डॉ. सुधीर वाडिवा, बाल कृष्ण शुक्ला ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी का संचालन डॉ. भवानीशंकर दाधिच ने किया जबकि धन्यवाद डॉ. मंजू मांडोत ने किया। संगोष्ठी में ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग के छात्र छात्राओं ने भाग लिया।