496 एकड़ में यहां बनाए जाएंगे दो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, जाने क्या-क्या मिलेंगे बड़े फायदे ?
Udaipur Times, Barabanki Industrial Corridor : राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी में आने वाले समय में औद्योगिक गतिविधियों को बड़ी रफ्तार मिलने की उम्मीद है। लखनऊ-अयोध्या मार्ग और लखनऊ-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़े दो बड़े औद्योगिक क्षेत्रों को स्टार्टअप और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है।
करीब 496 एकड़ में विकसित हो रहे इन दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के जरिए निवेश को बढ़ावा देने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लखनऊ और उसके आसपास स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की मंशा के तहत स्टार्टअप इंडिया की टीम इस दिशा में काम कर रही है।
योजना के तहत बाराबंकी के औद्योगिक क्षेत्रों को सिर्फ पारंपरिक उद्योगों तक सीमित रखने के बजाय इन्हें नवाचार, नई तकनीक और स्टार्टअप आधारित गतिविधियों के लिए विकसित करने की तैयारी है। इससे राजधानी लखनऊ के आसपास औद्योगिक विस्तार को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
नई नीति-2026 में प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
नई नीति-2026 में प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए मिशन टीम गठित करने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम करना है। इसके लिए स्टार्टअप और नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय सहायता से जुड़ी कई व्यवस्थाएं प्रस्तावित हैं। स्टार्टअप को वित्तीय प्रोत्साहन के साथ मैचिंग अनुदान और ब्याज अनुदान जैसी सुविधाएं दिए जाने की योजना है। ऐसे में बाराबंकी जैसे लखनऊ से जुड़े क्षेत्रों में औद्योगिक बुनियादी ढांचे के साथ स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा मिलने पर स्थानीय युवाओं और नए उद्यमियों को इसका लाभ मिल सकता है।
लखनऊ की बेहतर कनेक्टिविटी निवेशकों को कर रही आकर्षित
बाराबंकी की सबसे बड़ी ताकत इसकी राजधानी लखनऊ से नजदीकी और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी है। लखनऊ-अयोध्या मार्ग के साथ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ाव के कारण यहां से दूसरे शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान हो रही है। यही वजह है कि कई निवेशक बाराबंकी में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने में रुचि दिखा रहे हैं। क्षेत्र में ट्रांसफार्मर निर्माण, अर्चियन फूड्स, जेपी मेरिआट होटल, रोहन फूड्स और वैदही इंफ्रा टेक्नोलॉजी समेत कई परियोजनाओं को लेकर गतिविधियां सामने आई हैं। इसके अलावा अभ्युदय ऑर्गेनिक, सिंह इंफ्रा हाउसिंग, द इनोवेटर्स प्राइवेट लिमिटेड, गणपति एई बिजनेस ऑयल, लखनऊ फिल्म स्टूडियो, बोधिसत्वा मेडिकल यूनिवर्सिटी, फन जंक्शन और एग्रीनेक्स बायोसाइंस की इकाइयां भी प्रस्तावित बताई गई हैं।
496 एकड़ में विकसित हो रहे दो औद्योगिक क्षेत्र
बाराबंकी में कुल करीब 496 एकड़ क्षेत्र में दो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित किया जा रहा है। इनमें पहला औद्योगिक क्षेत्र रामसनेहीघाट के कंधईपुर में विकसित किया जा रहा है। वहीं दूसरा औद्योगिक क्षेत्र यूपीसीडा की ओर से हैदरगढ़ क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास विकसित किया जा रहा है। इन दोनों परियोजनाओं से बाराबंकी में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण इन क्षेत्रों में स्थापित होने वाली इकाइयों को कच्चे माल की आवाजाही और तैयार उत्पादों को दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कंधईपुर में 260 एकड़ में विकसित हो रहा औद्योगिक कॉरिडोर
रामसनेहीघाट के कंधईपुर में करीब 260 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यहां बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी कंपनियों के लिए भूखंड विकसित किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, 500 से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियों ने यहां भूखंड के लिए सहमति जताई है। इनमें से करीब 40 कंपनियां अपनी औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की तैयारी में हैं। यदि प्रस्तावित इकाइयां धरातल पर आती हैं तो इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। स्थानीय स्तर पर सहायक कारोबार, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सेवाओं को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
सतरही-बम्हरौली में 236 एकड़ में दूसरा औद्योगिक क्षेत्र
दूसरा औद्योगिक क्षेत्र यूपीसीडा की ओर से हैदरगढ़ क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास सतरही-बम्हरौली में विकसित किया जा रहा है। यह औद्योगिक क्षेत्र करीब 236 एकड़ में तैयार किया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से नजदीकी होने के कारण इस क्षेत्र को निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे से जुड़ाव होने के कारण यहां स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों को लखनऊ के साथ-साथ पूर्वांचल के विभिन्न जिलों और अन्य प्रमुख बाजारों तक पहुंच बनाने में सुविधा मिल सकती है। इससे भविष्य में इस क्षेत्र में उत्पादन, भंडारण और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी गतिविधियों के बढ़ने की संभावना है।
स्टार्टअप और उद्योगों को एक साथ मिलेगा प्लेटफॉर्म
बाराबंकी में विकसित किए जा रहे इन औद्योगिक क्षेत्रों का उद्देश्य केवल कंपनियों को जमीन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि इन्हें व्यापक औद्योगिक और स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। नई नीति के तहत नवाचार आधारित कारोबार और युवाओं के नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिलने से यहां स्टार्टअप के लिए भी बेहतर माहौल तैयार हो सकता है।
लखनऊ से नजदीकी, राजमार्ग और एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी तथा औद्योगिक जमीन की उपलब्धता को देखते हुए बाराबंकी आने वाले समय में राजधानी क्षेत्र के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर सकता है। इससे जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।