दो दिवसीय जनजाति खेल महोत्सव एवं रोजगार सहायता शिविर शुरू
प्रदेश के श्रम, नियोजन, युवा मामलात एवं खेल राज्यमंत्री मांगीलाल गरासिया ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने क लिए अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। आवश्यकता इस बात कि है कि बेरोजगार युवा वर्ग अध्ययन के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान भी प्राप्त करें ताकि वे नजदीक ही रोजगार प्राप्त कर स्वयं एवं परिवार की आर्थिक स्थिति मजबुत कर सकते हैं।

प्रदेश के श्रम, नियोजन, युवा मामलात एवं खेल राज्यमंत्री मांगीलाल गरासिया ने कहा है कि राज्य सरकार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने क लिए अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। आवश्यकता इस बात कि है कि बेरोजगार युवा वर्ग अध्ययन के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान भी प्राप्त करें ताकि वे नजदीक ही रोजगार प्राप्त कर स्वयं एवं परिवार की आर्थिक स्थिति मजबुत कर सकते हैं।
गरासिया शनिवार को गोगुन्दा पंचायत समिति में आयोजित जनजाति क्षेत्रीय युवा एवं खेल महोत्सव तथा रोजगार सहायता शिविर के उद्घाटन एवं साईकिल चैक वितरण के अवसर पर मुख्य अतिथि पद से उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने युवाओं एवं शिक्षित बेरोजगारों सहित जनजाति क्षेत्र के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने एवं आर्थिक दृष्टि से मजबुत बनाने के लिए बजट में कई प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जनजाति क्षेत्रों में इस तरह के शिविरों के आयोजन से जहां बेरोजगारों को रोजगार प्राप्ति के लिए विभिन्न कम्पनियों के माध्यम से सुअवसर प्राप्त हो रहे हैं। इन्हीं को देखेते हुए जनजाति क्षेत्र के जिलों में विभाग द्वारा ऐसे रोजगार शिविर आयोजित कर उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि यदि कोई युवा प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए विदेश जाना चाहता है उसके लिए भी पुरी व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3 लाख से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुडकर आत्मनिर्भर बनी है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा आदिवासी क्षेत्रों एवं युवाओं के लिए कई रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि सभी को राजकीय सेवा करने के अवसर सुलभ नहीं कराए जा सकते इसलिए आवश्यकता इस बात कि है की युवा विभाग द्वारा दिये जा रहे विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण प्राप्त कर सक्षम बने ।
गरासिया ने कहा कि बेरोजगारों को प्लेसमेंट ऐजेंसीयों के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में पीपीपी मोड पर 36 विभिन्न ऐजेंसियां रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर कार्य कर रही है।
गरासिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गरीबों एवं जरूरतमंदों का विशेष ध्यान रखते हुए मुख्यमंत्री नि:शुल्क ग्रामीण बीपीएल आवास, नि:शुल्क दवा वितरण, नि:शुल्क पशुधन दवा वितरण, सहित दो रुपये के बजाय करीब 32 लाख से अधिक प्रदेश के लोगों को एक रुपये प्रतिकिलों के हिसाब से गेंहू उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक अप्रेल से जांचे भी नि:शुल्क करने जा रही है।
समारोह में जिला प्रमुख मधु मेहता ने कहा कि बेरोजगार जनजाति युवाओं के लिए आयोजित इस युवा महोत्सव एवं रोजगार सहायता शिविर के माध्यम से उन्हें विभिन्न कम्पनियों में रोजगार के अवसर मुहैया हो सकेंगे।
उद्घाटन समारोह में जिला कलक्टर विकास एस.भाले, संयुक्त श्रम आयुक्त सत्यवृत शर्मा, समाजसेवी लालसिंह झाला, गोगुन्दा प्रधान तुलसी देवी, जिला खेल अधिकारी ललित सिंह झाला, फल सब्जी मण्डी के अध्यक्ष मोड सिंह सहित गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन जिला रोजगार अधिकारी धनपत सिंह ने किया।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने विभिन्न दुर्घटनाओं मे मृतकों के परिजनो को चैक वितरित किए। इसके अलावा बालिका विवाह के लिए 51-51 हजार के चैक एवं अन्त्येष्टी सहायता के चैक भी वितरित किए। मुख्य अतिथि ने इस दौरान श्रम विभाग में पंजीकृत 202 मजदूरों को साईकिले भी वितरित कि गई।
प्रदर्शनी का आयोजन-समारोह स्थल पर श्रम विभाग, चिकित्सा, रोजगार, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों एवं प्लेसमेंट ऐजेंसीयों ने काउण्टर लगाकर बेरोजगारों का पंजीयन सहित उन्हें मार्गदर्शन प्रदान किया गया। सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय द्वारा इस अवसर पर प्रचार साहित्य का भी वितरण किया गया।