उदयपुर में कांग्रेस का बड़ा हमला: राम मंदिर ट्रस्ट पर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच की मांग
Udaipur Times: Politics News: 11 जुलाई 2026। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं वरिष्ठ नेता डॉ. अमी याग्निक ने शनिवार को उदयपुर के कजरी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए तथा पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की।
डॉ. याग्निक ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा और विश्वास से दिए गए चंदे के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर आस्था का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया तथा चढ़ावे के नाम पर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हुआ है।
उन्होंने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और मर्यादा के प्रतीक हैं। इसलिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
डॉ. याग्निक ने मांग की कि ट्रस्ट की आय-व्यय, दान राशि, भूमि खरीद, निर्माण कार्यों, नियुक्तियों तथा अन्य सभी वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भगवान राम की आस्था का सम्मान करती है और चाहती है कि राम मंदिर से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार से मुक्त हो, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. याग्निक ने कई सवाल भी उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री की देखरेख में हुआ था तो कथित अनियमितताओं की जवाबदेही कौन लेगा? यदि सब कुछ ठीक था तो चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया? यदि कोई अनियमितता नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे प्रकरण पर मौन क्यों हैं? क्या चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देव गिरी, गोपाल राव तथा ट्रस्ट के अन्य शीर्ष पदाधिकारी अपनी जवाबदेही से बच सकते हैं? जब पूरा ट्रस्ट सवालों के घेरे में है तो कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक ही सीमित क्यों है? क्या डबल इंजन की सरकार दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है? यदि सब कुछ पारदर्शी था तो इस्तीफे क्यों हुए और शीर्ष स्तर पर गिरफ्तारियां क्यों नहीं हुईं?
इस अवसर पर डॉ. याग्निक ने कांग्रेस पार्टी की ओर से मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सामने इस पूरे प्रकरण पर जवाब दें, कथित दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए।
इससे पूर्व पूर्व सांसद एवं देहात अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा, महासचिव एवं प्रवक्ता पंकज कुमार शर्मा , अशाेक तंबोली ने याग्निक का मेवाड़ी पगड़ी, तिरंगा ऊपरना और सूत की माला पहनाकर स्वागत किया।
