स्कूटी प्राप्त कर दिव्यांगजन के चेहरे खिले

राजस्थान सरकार की सौगात

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scooty distribution in udaipur

उदयपुर 1 अक्टूबर 2025। राजस्थान सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा के तहत् राज्य के 2500 दिव्यांगजनों को स्कूटी वितरण की घोषणा की क्रियान्विति के क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा जैतारण से स्कूटी वितरण का शुभारम्भ किया गया । 

इस अवसर पर उदयपुर जिले के 74 दिव्यांगजन का चयन स्कूटी हेतु किया गया है। एक स्कूटी लगभग 75 से 80 हजार रू. की है। इसी कड़ी में 15 दिव्यांगजनों को स्कूटी का प्रतीकात्मक वितरण ज़िला कलक्टर कार्यालय स्थित DOIT के वीसी रूम पर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। आगामी दिनों में समस्त 74 दिव्यांगजन को स्कूटियों का वितरण सुनिश्चित कर लिया जायेगा। 

इस अवसर पर ज़िले के विभिन्न दिव्यांगजन संस्थाओं के छात्र-छात्राओ को लगभग 23 लाख के लर्निंग किट एवं कान की मशीन के वितरण का शुभारम्भ भी किया गया। इस अवसर पर उदयपुर जिले के 5353 निर्माण श्रमिकों को 5.88 करोड़ की राशि DBT की गई।

कार्यक्रम में उदयपुर ग्रामीण विधानसभा अन्तर्गत ग्राम बिलिया, ग्राम पंचायत तितरडी में निर्मित 2 मुख्यमंत्री पुनर्वास गृहों का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री के करकमलो द्वारा जैतारण के कार्यक्रम में वर्चुअली किया गया। इन गृहों का निर्माण वृद्ध, अशक्त, असहाय एवं निराश्रित महिलाओ के लिये किया गया है। प्रत्येक भवन के निर्माण हेतु 476 लाख का बजट प्रावधान किया गया है।

कार्यक्रम में सांसद मन्नालाल रावत, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, ज़िला कलक्टर नमित मेहता, संभागीय श्रम आयुक्त संकेत मोदी जनप्रतिनिधिगण एवं दिव्यांगजन उपस्थित हुए। माननीय मुख्यमत्री के कार्यक्रम के साथ वीसी से जुड़कर सभी दिव्यांगजन एवं नागरिकगण प्रफुल्लित हुए। दुर्गाष्टमी के शुभ अवसर पर इतनी सौगाते प्राप्त कर सभी के चेहरे खुशी से चमक उठे। सभी ने मुख्यमंत्री का एवं सरकार का आभार व्यक्त किया। 

इस से पहले विभाग के संयुक्त निदेशक गिरीश भटनागर द्वारा सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत कर आज के कार्यक्रम की जानकारी सभी को प्रदान की। धन्यवाद जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी की परमार सूरज द्वारा व्यक्त किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सामाजिक सुरक्षा अधिकारी हर्षित पंचोली, बजरंग मीणा, विभाग के कार्मिक हितेश पंवार, भरत कुमार, स्नेहा चौधरी, नागपाल सिंह शेखावत, भुपेश सोनी, मरताराम,  मगनलाल का सहयोग सराहनीय रहा।