उदयपुर में ज़मीन खरीदना होगा महंगा, DLC रेट बढ़ाने की कवायद
Udaipur Times, Udaipur Real Estate News: पर्यटन नगरी और देश के प्रमुख वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना चुका उदयपुर अब तेजी से अपने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक फैल रहा है। शहर के विस्तार के साथ ही जमीनों के दाम लगातार आसमान छू रहे हैं। इसी बीच राज्य सरकार अब DLC (District Level Committee) दरों को बाजार भाव के करीब लाने की तैयारी में जुट गई है।
हाल ही में अप्रैल 2026 में राज्य सरकार ने सामान्य रूप से DLC दरों में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। अब सभी सब-रजिस्ट्रारों को जमीनों के वास्तविक बाजार मूल्य का सर्वे कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस नई कवायद के बाद उदयपुर के कई विकसित और तेजी से उभरते क्षेत्रों में DLC रेट 50 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। Udaipur DLC Rate Hike
मध्यम वर्ग के लिए घर बनाना होगा मुश्किल
डीएलसी रेट बढ़ने का सीधा असर केवल रजिस्ट्री खर्च पर ही नहीं पड़ेगा, बल्कि पूरे हाउसिंग और निर्माण सेक्टर पर दिखाई देगा। ऐसे में शहर में छोटा प्लॉट खरीदना या मकान बनाना मध्यम वर्ग के लिए और अधिक महंगा हो सकता है।
इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर की संभावना
सरकार की नई कवायद का सबसे बड़ा असर उन इलाकों में देखने को मिलेगा जहां वर्तमान डीएलसी दरें बाजार भाव से काफी कम हैं। उदयपुर के आसपास तेजी से विकसित हो रहे निम्न क्षेत्रों में जमीनों की कीमतों में भारी उछाल आने की संभावना है। इन क्षेत्रो में अंबेरी, कविता, डबोक, बिछड़ी, इसवाल, रामा, झिंडोली, बलीचा, डाकनकोटड़ा, काया, कुंडाल, मदार, बारापाल, वरड़ा और चांदनी विलेज शामिल है।
बढ़ जाएंगे ये सभी खर्च
राजस्थान में वर्तमान नियमों के अनुसार
- पुरुषों के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्री पर लगभग 6 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी लगती है।
- महिलाओं के नाम पर यह दर लगभग 5 प्रतिशत है।
- इसके अतिरिक्त 1 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क अलग से देना होता है।
DLC रेट बढ़ने के बाद निम्न खर्चों में भी बढ़ोतरी होगी
- स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क
- लीज जारी करने की फीस
- भूमि उपयोग परिवर्तन (CLU) शुल्क
- कन्वर्जन एवं निर्माण स्वीकृति शुल्क
- भूमि आवंटन शुल्क
- होम लोन और मॉर्गेज से जुड़ी प्रक्रियाएं
DLC तय करने में इन नियमों का असर
सड़क की चौड़ाई का प्रभाव - यदि जमीन 40 फीट या उससे अधिक चौड़ी सड़क पर स्थित है, तो DLC रेट पर 10 से 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त दर लागू होती है।
अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग दरें - मुख्य सड़क, कृषि भूमि, आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के लिए अलग-अलग DLC दरें निर्धारित की जाती हैं।
मंजिल के अनुसार दरें - बहुमंजिला भवनों में फ्लैट या दुकान किस मंजिल पर है, इसके आधार पर भी DLC दर अलग-अलग तय होती है।
स्वतः 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का नियम - सरकारी नियमों के अनुसार यदि किसी वर्ष DLC संशोधन बैठक आयोजित नहीं होती है, तो पिछले वर्ष की दरों पर स्वतः 10 प्रतिशत वृद्धि लागू मानी जाती है।
रियल एस्टेट बाजार की नजर सरकार के फैसले पर
राजस्थान में रियल एस्टेट कारोबारी, निवेशक और आम खरीदार अब सरकार की सर्वे रिपोर्ट और आगामी DLC संशोधन का इंतजार कर रहे हैं। यदि प्रस्तावित बढ़ोतरी लागू होती है, तो आने वाले महीनों में उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में जमीन और मकानों की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
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