इको फ्रेन्डली होली के लिए उदयपुर वन विभाग की पहल

हर्बल गुलाल के बिक्री केन्द्र का शुभारंभ

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गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से उपयुक्त है हर्बल गुलाल

उदयपुर 16 मार्च 2021। इको फ्रेंडली होली के लिए उदयपुर में वन विभाग की पहल पर हर्बल गुलाल बिक्री केन्द्र का शुभारंभ संभागीय मुख्य वन संरक्षक आर.के.सिंह ने चेतक सर्कल स्थित मुख्य कार्यालय पर किया गया। इस अवसर पर विभाग के अधिकारी आर.के.जैन, मुकेश सैनी, अशोक महरिया, रंगास्वामी ई, शैतान सिंह देवड़ा, सुशील कुमार सैनी, कन्हैया लाल शर्मा, संजय गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

जनजाति महिलाओं को मिल रहा रोजगार

वन विभाग द्वारा आयसजृन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होली के पर्व पर स्वयं सहायता समूह एवं वन सुरक्षा एवं प्रबन्ध समितियों के माध्यम से हर्बल गुलाल तैयार करते हुए 10 वर्षों से आमजन हेतु विक्रय के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इससे ग्रामीणों विशेषकर जनजाति महिलाओं को रोजगार उपलब्ध हो रहा है साथ ही उनकी आय में भी बढ़ोतरी हो रही है।

गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से उपयुक्त है हर्बल गुलाल

हर्बल गुलाल पूर्ण रूप से प्राकृतिक उत्पाद है। इसके प्राकृतिक गुणों के कारण आमजन में प्रतिवर्ष इसकी मांग बढ़ती जा रही है। इसकी गुणवत्ता एवं स्वास्थ्य की दृष्टि से उपयुक्त होने के कारण स्थानीय बाजार के अतिरिक्त अन्य संस्थाओं, प्रतिष्ठानों द्वारा इसकी अग्रिम बुकिंग भी कराई जाने लगी है। बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए इस वर्ष लगभग 5 से 6 क्विंटल हर्बल गुलाल बिक्री का लक्ष्य रखा गया है।

इसे स्थानीय रूप से उपलब्ध ढाक (खाखरा), गुलाब, कनेर, बोगन बेलिया, अमलतास, टेकोमा आदि के फूलों को सुखाकर तैयार रंगों एवं आरारोट के मिश्रण से पारम्परिक तरिके से बनाया जाता है। इसमें किसी प्रकार के रासायनिक रंगों का प्रयोग नही किए जाने से चर्म रोग होने का कोई खतरा नही है एवं ना ही शरीर को नुकसान पहुॅचाती है।

हर्बल गुलाल चार प्रकार के रंगों से रंग-ए-गुलाब (लाल गुलाबी), रंग-ए-पलास (केसरिया), रंग-ए-हरियाली (हरा) और रंग-ए-अमलताश (पीला) बनाई जा रही है। हर्बल गुलाल 250 ग्राम की पैकिंग में उपलब्ध है।

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