उदयपुर को मिली बड़ी सौगात, केंद्र की विरासत पथ परियोजना में हुआ शामिल
Udaipur Times, Udaipur Tourism : पर्यटन को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने राजस्थान की 11 परियोजनाओं की स्वीकृति दी है जिन पर 642 करोड़ का व्यय होगा। केंद्र सरकार ने विरासत पथ परियोजना में उदयपुर को भी शामिल किया है। विरासत पथ परियोजना ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के मार्गों के पुनरुद्धार, सौंदर्यीकरण और विकास से जुड़ी एक पहल है। सांसद डॉ मन्नालाल रावत की ओर से लोकसभा में पूछे गए प्रश्न पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी। Udaipur Heritage Path Project
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने स्थायी पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, ग्रामीण होमस्टे, एमआईसीई पर्यटन, साहसिक पर्यटन, चिकित्सा एवं आरोग्य पर्यटन तथा पारिस्थितिकीय पर्यटन के लिए राष्ट्रीय रणनीतियां तैयार की है और उनके कार्यान्वयन के लिए उन्हें सभी राज्य सरकारों तथा संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों को प्रसारित किया है। मंत्रालय अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रचार पहलों के माध्यम से विवाह, आरोग्य, क्रूज, तटीय, ग्रामीण और आध्यात्मिक पर्यटन सहित विशिष्ट पर्यटन क्षेत्रों का भी संवर्धन करता है। पर्यटन स्थलों की पहचान कर उनका विकास करने की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों व संघ राज्यक्षेत्र प्रशासनों की है। Udaipur Heritage Path Project
उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन योजना के जयपुर जिले में सांभर लेक टाउन और अन्य स्थलों का विकास के लिए 50.01, गोविंद देव जी मंदिर (जयपुर), खाटूश्याम जी (सीकर) और नाथद्वारा (राजसमंद) का एकीकृत विकास के लिए 75.80, आध्यात्मिक सर्किट का विकासः चूरु (सालासर बालाजी)-जयपुर- विराटनगर भरतपुर - धौलपुर मेहंदीपुर बालाजी चितौड़गढ़ के लिए 87.05, विरासत परिपथ का विकास के तहत राजसमंद, जयपुर, झालावाड़, चितौड़गढ़, जैसलमेर, हनुमानगढ़, उदयपुर, धौलपुर, नागौर व टौंक के लिए 70.61, आध्यात्मिक अनुभव, केशवरायपाटन के लिए 21.65, श्री खाटू श्याम जी मंदिर, सीकर में विकास कार्य के लिए 87.87, श्री करणी माता मंदिर, बीकानेर में विकास कार्य के लिए 22.58, मालासेरी का विकास डूंगरी, भीलवाड़ा के लिए 48.73, पुष्कर व अजमेर का एकीकृत विकास के लिए 32.64, नाहरगढ़ और आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए 49.31 तथा जल महल के विकास के लिए 96.61 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की है। Udaipur Heritage Path Project
