उदयपुर: बेटे ने मां को घर से निकाला! 4 साल से दर-दर भटक रही बुजुर्ग, न्याय की गुहार
Udaipur Times, Local News: मां-बेटे के रिश्ते को शर्मसार कर देने वाला एक मार्मिक मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया है कि उसके बड़े बेटे ने उसे घर से निकाल दिया और रहने का सहारा तक छीन लिया। पिछले चार वर्षों से वह कभी रिश्तेदारों तो कभी बेटियों के घर शरण लेने को मजबूर है।
न्याय नहीं मिलने पर मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता सतीश चतुर्वेदी के साथ एक बार फिर कलेक्टरेट पहुंची और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता सतीश चतुर्वेदी ने बताया कि उन्हें इस बुजुर्ग महिला की पीड़ा की जानकारी मिलने के बाद वे उससे मिलने उसके छोटे बेटे के ससुराल स्थित गोपालपुरा पहुंचे। वहां महिला ने अपनी पूरी आपबीती सुनाई।
चतुर्वेदी ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस मां ने अपने बच्चों का पालन-पोषण किया, आज वही दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।उन्होंने बताया कि 6 जुलाई 2026 को इस मामले में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। उस समय दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन करीब एक माह बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुँचे लेकिन कलेक्टर नहीं होने से पीड़ित ने एडिशनल एसपी से मुलाकात कर मामले से अवगत करवाया और शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की गई।
समाज सेवी चतुर्वेदी ने कहा कि बुजुर्ग महिला पिछले चार वर्षों से कभी भाइयों, कभी बेटियों और कभी अन्य रिश्तेदारों के यहां रहने को विवश है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बेटा अपनी मां को साथ नहीं रखना चाहता, तो कम से कम उसके भरण-पोषण की जिम्मेदारी तो निभानी ही चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई कर बुजुर्ग महिला को न्याय दिलाने की मांग की।
वहीं, बुजुर्ग महिला ने भावुक होकर कहा कि उसने अपने बच्चों को पाल-पोसकर बड़ा किया, लेकिन आज उसे ही अपने घर से बेघर कर दिया गया। उसने प्रशासन से गुहार लगाई कि उसे न्याय दिलाया जाए ताकि जीवन के अंतिम पड़ाव में सम्मान के साथ जी सके। पीड़िता ने कहा कि उसका बड़ा बेटा उसके पति की जगह अनुकंम्पा पर डाक विभाग में कार्यरत है। पीड़ित ने प्रशाशन से गुहार लगाई है कि उसे जल्द से जल्द न्याय दिलवाया जाए।
