उम्मेदमल लोढ़ा पर्यावरण पुरस्कार
उम्मेदमल लोढ़ा पर्यावरण पुरस्कार वितरण के 14वें समारोह के अवसर पर आज सेवा मन्दिर एवं उम्मेदमल लोढ़ा मेमोरियल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं, व्यक्तियों और समूहों को विभिन्न श्रेणी के पुरस्कारों से नवाजा गया।

उम्मेदमल लोढ़ा पर्यावरण पुरस्कार वितरण के 14वें समारोह के अवसर पर आज सेवा मन्दिर एवं उम्मेदमल लोढ़ा मेमोरियल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं, व्यक्तियों और समूहों को विभिन्न श्रेणी के पुरस्कारों से नवाजा गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता र्इश्वरन सोमनाथन, प्रोफेसर भारतीय सांखियकीय संस्थान, नर्इ दिल्ली ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से नेपाल एवं कुमायू मण्डल में पर्यावरण एवं वनों से जुड़े हुए मुददों पर उनके द्वारा किये गये गहन अध्ययन को बताया।
र्इष्वरन विगत डेढ़ दों वर्ष से सेवा मन्दिर से जुड़े हुए हैं, वे उदयपुर जिलों की कर्इ तहसीलों में 2006 वनाधिकार कानून के प्रभाव का अध्ययन सेवा मन्दिर के सहयोग से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अपेक्षा नेपाल में वनों के प्रति सामुदायिक स्वायत्ता ज्यादा है, ऐसा अध्ययनों में पाया गया है।
सेवा मन्दिर की मुख्य संचालक प्रियंका सिंह ने कहा कि गाँव के साधारण लोगों ने अपने प्राकृतिक संसाधनों का अहिंसात्मक तरीके से संरक्षण किया है। उन्होंने अनेकों कठिनाइयों एवं गरीबी के बावजूद निजी लालच को त्यागकर सार्वजनिक हित में काम किया है। अब समाज को उनके सहयोग में आना होगा।
लोढ़ा ट्रस्ट के अध्यक्ष एस.एन.भिसे ने उम्मेदमल लोढ़ा ट्रस्ट की जानकारी दी, एवं सेवा मनिदर संस्था अध्यक्ष अजय सिंह मेहता ने झाड़ोल में कार्यरत वन उत्थान संघ संस्था की जानकारी दी।
सेवा मनिदर एवं वन उत्थान संघ झाड़ोल के संयुक्त तत्वावधान में लगभग 3 बजे शांति मार्च किया गया। शांति मार्च का उददेश्य वन अधिकार कानून 2006 के तहत सामुदायिक वन अधिकार पर सरकार एवं समाज का ध्यान आकर्षित करना था। यह शांति मार्च विधाभवन आडिटोरियम डॉ. मोहन सिह मेहता मार्ग से आरंभ होकर, खारोल कालोनी, फतेहपुरा पुलिस चौकी, सहेली मार्ग से होकर, सायं 4:00 बजे जनजाति आयुक्त महोदय को ज्ञापन देकर समाप्त किया गया।
समूह श्रेणी पुरस्कार – ग्राम समूह बेड़, गिर्वा प्रखण्ड, वन सुरक्षा एवं प्रबन्ध समिति- पीपलवास, प्रखण्ड गिर्वा व्यकितगत श्रेणी पुरस्कार –: मणिशंकर – कोटड़ा, शान्ता देवी झाबला – गिर्वा, सोनीराम गरासिया – झाड़ोल, मावाराम – गिर्वा सायर कंवर लोढ़ा छात्रवृतित – अलका कुमारी- गॉव जामुन, झाड़ोल