हरियाणा में दयालु-2 योजना के तहत सरकार देगी 1 से 5 लाख रुपये, जाने कैसे मिलेगा लाभ ?
Udaipur Times, Haryana News, गुरुग्राम : दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के अंतर्गत प्राप्त मामलों के त्वरित निस्तारण को लेकर एसडीएम गुरुग्राम हितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के तहत प्राप्त मामलों की जांच एवं सत्यापन प्रक्रिया निर्धारित समयावधि में पूरी की जाए, ताकि पात्र पीड़ितों अथवा उनके परिवारों को सरकार की ओर से प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।
बैठक में जिला सांख्यिकीय अधिकारी एवं सदस्य सचिव अजय ठाकुर ने एसडीएम को दयालु-2 योजना के अंतर्गत प्राप्त मामलों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न मामलों में की गई पुलिस जांच, चिकित्सा सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी समिति के समक्ष रखी।
एसडीएम ने समिति के समक्ष प्रस्तुत 11 मामलों की विस्तृत समीक्षा की। दस्तावेजों एवं उपलब्ध सत्यापन रिपोर्ट के परीक्षण के बाद 3 मामलों में पात्र लाभार्थियों को योजना के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।
अजय ठाकुर ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा संचालित दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) का उद्देश्य दुर्घटना में मृत्यु अथवा गंभीर चोट से प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करना है। योजना के तहत दुर्घटना, आवारा अथवा पालतू पशु से टक्कर के कारण मृत्यु या गंभीर चोट की स्थिति में पीड़ित की आयु के अनुसार 1 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। 12 वर्ष तक की आयु के पीड़ितों के लिए 1 लाख रुपये, 12 से 18 वर्ष तक 2 लाख रुपये, 18 से 25 वर्ष तक 3 लाख रुपये, 25 से 45 वर्ष तक 5 लाख रुपये तथा 45 से 60 वर्ष तक की आयु के व्यक्तियों के लिए 3 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है।
बैठक के दौरान एसडीएम हितेंद्र कुमार ने चिकित्सा अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिए कि कुत्ते के काटने तथा अन्य चोटों से संबंधित मामलों की चिकित्सा रिपोर्ट तैयार करते समय चोट की प्रकृति एवं गंभीरता, दांतों के निशान की संख्या और अन्य आवश्यक चिकित्सीय विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं। उन्होंने कहा कि पूर्ण एवं स्पष्ट चिकित्सा रिपोर्ट उपलब्ध होने से मामलों के सत्यापन में अनावश्यक देरी नहीं होगी और पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ दिया जा सकेगा।
एसडीएम ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा दयालु-2 योजना के तहत प्राप्त दावों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, इसलिए किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में बादशाहपुर एसडीएम संजीव सिंगला, पटौदी एसडीएम दिनेश लुहाच, सोहना के एसडीएम अखिलेश यादव, मानेसर के एसडीएम लोकेश यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।