चंद्रग्रहण पर अनूठा संयोग, ब्लू, ब्लड और सुपर मून का दीदार
इस साल वर्ष 2018 का पहला चंद्रग्रहण पहले महीने की आखिरी तारीख 31 जनवरी को दिखाई दिया। यह घटना इसलिए भी खास है कि इस बार का चंद्रग्रहण तीन रंगों में नजर आया। खगोल शास्त्रियों के मुताबिक ऐसी घटना 150 सालों में पहली बार हुई। लोगों के बीच इसे लेकर काफी उत्सुकता देखी गई। चंद्रग्रहण के दौरान धवल श्वेत दिखने वाला चांद लाल दिखता है जिसे ब्लड मून या रक्तिम चांद कहा जाता है। चंद्रग्रहण शाम 4.21 बजे शुरू हुआ, जब चांद ने पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया। शाम 6.21 बजे पृथ्वी की छाया चांद पर नजर आई, जिसकी वजह से अंधेरा छा गया। इस दौरान सुपर मून, ब्लड मून और ब्लू मून देखा गया। शाम को 7.37 बजे के बाद रक्तिम चांद (ब्लड मून) नजर आया। इसके बाद आकाश में ब्लू मून का अनोखा नजारा दिखा। रात 9.38 बजे चंद्रग्रहण समाप्त हो जायगा जब चांद धरती की छाया से निकल जाएगा।
इस साल वर्ष 2018 का पहला चंद्रग्रहण पहले महीने की आखिरी तारीख 31 जनवरी को दिखाई दिया। यह घटना इसलिए भी खास है कि इस बार का चंद्रग्रहण तीन रंगों में नजर आया। खगोल शास्त्रियों के मुताबिक ऐसी घटना 150 सालों में पहली बार हुई। लोगों के बीच इसे लेकर काफी उत्सुकता देखी गई। चंद्रग्रहण के दौरान धवल श्वेत दिखने वाला चांद लाल दिखता है जिसे ब्लड मून या रक्तिम चांद कहा जाता है। चंद्रग्रहण शाम 4.21 बजे शुरू हुआ, जब चांद ने पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया।
शाम 6.21 बजे पृथ्वी की छाया चांद पर नजर आई, जिसकी वजह से अंधेरा छा गया। इस दौरान सुपर मून, ब्लड मून और ब्लू मून देखा गया। शाम को 7.37 बजे के बाद रक्तिम चांद (ब्लड मून) नजर आया। इसके बाद आकाश में ब्लू मून का अनोखा नजारा दिखा। रात 9.38 बजे चंद्रग्रहण समाप्त हो जायगा जब चांद धरती की छाया से निकल जाएगा।
इस साल जनवरी में ही दूसरी बार चांद धरती से सबसे नजदीक है। जाहिर है कि यह नीला चांद आकार में सामान्य से बड़ा होगा। नेहरू ताराघर के निदेशक प्रमोद जी. गलगली ने कहा, ‘इस चंद्रग्रहण की खासियत है कि इस बार चांद आकार में सामान्य से बड़ा दिखेगा और इस महीने की दूसरी पूर्णमासी का यह नीला चांद और रक्तिम चांद (चंद्रग्रहण के दौरान दिखने वाला चांद) सब एक साथ संयोग से होगा।’
1982 में दिखा था ऐसा चंद्रग्रहण निदेशक ने बताया कि नंगी आंखों से भी चंद्रग्रहण देखना बिल्कुल सुरक्षित है। इससे पहले ऐसा चंद्रग्रहण 1982 में दिखा था जब नीला चांद और पूर्ण चंद्रग्रहण एक साथ भारत में दिखा था। गलगली ने बताया कि चांद जब अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे नजदीक होता है तो सामान्य से 10 फीसदी ज्यादा बड़ा दिखता है। इसे सुपर मून कहते हैं और पूर्णमासी का चांद ब्लू मून यानी नीला चांद कहलाता है।
** All views taken from Arvanah Mall by Mansoor AliTo join us on Facebook Click Here and Subscribe to UdaipurTimes Broadcast channels on GoogleNews | Telegram | Signal
