जैन बन्धुओं की अनूठी तीर्थयात्रा कल से

पोरवाल जैन ओर्गेनाईजेशन मेवाड़ मुबंई द्वारा जैन समाज के 4 राज्यों के निर्धन, प्रज्ञाचक्षु, मंद बुद्धि, निराश्रित एवं असमर्थ 250 बन्धुओं को बस द्वारा नि:शुल्क पालीताणा सह

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पोरवाल जैन ओर्गेनाईजेशन मेवाड़ मुबंई द्वारा जैन समाज के 4 राज्यों के निर्धन, प्रज्ञाचक्षु, मंद बुद्धि, निराश्रित एवं असमर्थ 250 बन्धुओं को बस द्वारा नि:शुल्क पालीताणा सहित सात तीर्थ स्थलों पर ले जाकर देवदर्शन कराए जाऐंगे। कल से से प्रारम्भ होने वाली अनूठी तीर्थयात्रा 10 जनवरी को दोपहर आयड़तीर्थ पर सम्पन्न होगी।

संस्था प्रमुख संरक्षक श्ंकरलाल जैन ने बताया कि संस्था द्वारा वर्ष 2015 में समाज के ऐसे वर्गो के लिये बस द्वारा अनूुठी तीर्थ यात्रा कराने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया हैं। ओर्गेनाईजेशन पहली बार समाज के ऐसे वर्गो को देव दर्शन कराने के लिये 5 जनवरी 2015 को तपागच्छ की उद्गम स्थली अति प्राचीन आयड़ तीर्थ से यह यात्रा प्रारम्भ करेगा जो नागफणी पाश्र्वनाथ, शंखेश्वरजी, राजगिरी, पालीताणा, अयोध्यापुरम्, तगड़ी, एवं केसरियाजी की यात्रा कर 10 जनवरी को दोपहर बाद पुन: आयड़ तीर्थ पंहुचेगी। इस यात्रा में 7 बसों से तीर्थयात्रियों को ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि ओर्गेनाईजेशन द्वारा महाराष्ट्र,गुजरात,राजस्थान सहित मध्यप्रदेश के चारों राज्योंं के विभिन्न जिलों से उक्त वर्गो के 250 तीर्थ यात्रियों का पंजीेकरण किया जा चुका है। लक्ष्य 215 यात्रियों का था लेकिन जितने आवेदन आए सभी को यात्रा करवायी जा रही है। तीर्थ यात्रा में यात्रियों के भोजन एंव ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था भी संस्था की ओर से की गई है। तीर्थ यात्रियों के लिए मुबंई के प्रसिद्ध केटरर्स को अनुबंधित किया है, जो सभी तीर्थ स्थलों पर नाश्ता व भोजन तैयार करेगा।

संस्था के अध्यक्ष नरेन्द्र अमरावत ने बताया कि चारों राज्यों के अलग-अलग जिलों से यात्रियों ने पंजीकरण कराये है उन सभी को 4 जनवरी की संध्या तक आयड़ तीर्थ पर लाया जाएगा। उनके घर से आयड़ तीर्थ पर लाने एंव पुन: उन्हें घर तक छोडऩे का भी खर्चा संस्था वहन करेगी।

संरक्षक प्रकाश मारवाड़ी ने बताया कि आयड़ तीर्थ पर रविवार को यात्रा की पूर्व संध्या पर भव्य भक्ति संध्या का आयोजन किया जाएगा। संरक्षक शंातिलाल पोरवाल ने बताया कि इस अनूठी तीर्थयात्रा में स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए चिकित्सकों की एक विशेष टीम अपने पूरे साजो सामान के साथ यात्रा में साथ रहेगी।

संस्था के मंत्री मनोज सोलंकी ने बताया कि इस अनूठी तीर्थयात्रा में यदि कोई विकलंाग या शारिरिक रूप से चल-फिरने में असक्षम होगा तो उसके साथ उसी के परिवार के एक सदस्य को भी नि:शुल्क उसकी सेवा में ले जाया जाएगा।

प्रत्येक बस में दो व्हील चेयर भी रखी जाएगी ताकि कोई भी यात्री उसका लाभ लेना चाहे तो ले सकेगा। सुविधा की दृष्टि से 30 साधकों को भी रखा जाएगा जो इनके साथ रहकर इनकी यात्रा को आसान बनाऐंगे।

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