जैन बन्धुओं की अनूठी तीर्थयात्रा 5 जनवरी को
पोरवाल जैन ओर्गेनाईजेशन मेवाड़ मुबंई द्वारा जैन समाज के विकलंाग,निर्धन, प्रज्ञाचक्षु, मंद बुद्धि, निराश्रित एवं असमर्थ बन्धुओं को बस द्वारा नि:शुल्क पालीताणा सहित सात तीर्थ स्थलों पर ले जाकर देवदर्शन कराए जाऐंगे। पंाच जनवरी 2015 से प्रारम्भ होने वाली अनूठी तीर्थयात्रा 10 जनवरी को दोपहर आयड़तीर्थ पर सम्पन्न होगी।
पोरवाल जैन ओर्गेनाईजेशन मेवाड़ मुबंई द्वारा जैन समाज के विकलंाग,निर्धन, प्रज्ञाचक्षु, मंद बुद्धि, निराश्रित एवं असमर्थ बन्धुओं को बस द्वारा नि:शुल्क पालीताणा सहित सात तीर्थ स्थलों पर ले जाकर देवदर्शन कराए जाऐंगे। पंाच जनवरी 2015 से प्रारम्भ होने वाली अनूठी तीर्थयात्रा 10 जनवरी को दोपहर आयड़तीर्थ पर सम्पन्न होगी। इसके लिये यात्रा के इच्छुक उक्त वर्ग के समाजजनअपना आवेदन कर स्थान आरक्षित करा सकते है।
शनिवार को होटल आमंत्रा में पत्रकारोंं से मुखातिब होते हुए संस्था प्रमुख श्ंाकरलाल जैन ने बताया कि 20 वर्ष पूर्व स्थापित हुई पोरवाल जैन ओर्गेनाईजेशन मेवाड़ मुंबई संस्था द्वारा अब तक कई तीर्थयात्राएं करायी जा चुकी है। संस्था द्वारा वर्ष 2015 में समाज के ऐसे वर्गो के लिये बस द्वारा अनूुठी तीर्थ यात्रा कराने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया हैं। ओर्गेनाईजेशन पहली बार समाज के ऐसे वर्गो को देव दर्शन कराने के लिये 5 जनवरी 2015 को तपागच्छ की उद्गम स्थली अति प्राचीन आयड़ तीर्थ से यह यात्रा प्रारम्भ करेगा जो नागफणी पाश्र्वनाथ, शंखेश्वरजी, राजगिरी, पालीताणा, अयोध्यापुरम्, तगड़ी, एवं केसरियाजी की यात्रा कर 10 जनवरी को दोपहर बाद पुन: आयड़ तीर्थ पंहुचेगी। इस यात्रा में 7 बसों से तीर्थयात्रियों को ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
जैन ने बताया कि ओर्गेनाईजेशन द्वारा महाराष्ट्र,गुजरात,राजस्थान सहित मध्यप्रदेश के चारों राज्योंं के विभिन्न जिलों से उक्त वर्गो के तीर्थ यात्रियों का पंजीेकरण दीपावली पूर्व प्रारम्भ कर दिया गया है। अब तक 150 यात्रियों के पंजीकरण हो चुके है। 215 यात्रियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।व्यवस्था की दृष्टि से पंजीकरणकर्ता से 200रूपयें पंजीयन श्ुाल्क लिया जा रहा है जो यात्रा पूर्ण होने पर यात्रियों को ससम्मान लौटा दिया जाएगा। तीर्थ यात्रा में यात्रियों के भोजन एंव ठहरने की भी उत्तम व्यवस्था भी संस्था की ओर से की गई है। तीर्थ यात्रियों के लिए मुबंई के प्रसिद्ध केटरर्स को अनुबंधित किया है, जो सभी तीर्थ स्थलों पर नाश्ता व भोजन तैयार करेगा।
संस्था के अध्यक्ष नरेन्द्र अमरावत ने बताया कि चारों राज्यों के अलग-अलग जिलों से यात्रियों ने पंजीकरण कराये है उन सभी को 4 जनवरी की संध्या तक आयड़ तीर्थ पर लाया जाएगा। उनके घर से आयड़ तीर्थ पर लाने एंव पुन: उन्हें घर तक छोडऩे का भी खर्चा संस्था वहन करेगी।
संरक्षक प्रकाश मारवाड़ी ने बताया कि आयड़ तीर्थ पर 4 जनवरी 2015 को यात्रा की पूर्व संध्या पर भव्य भक्ति संध्या का आयोजन किया जाएगा। पंजीकरण के लिये चारों राज्यों में अगल-अगल स्थानों पर स्थान निर्धारित किये गये है। जहंा से आवेदनकर्ता फार्म भरकर जमा करा सकता है।
अन्य संरक्षक शंातिलाल पोरवाल ने बताया कि इस अनूठी तीर्थयात्रा में स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए चिकित्सकों की एक विशेष टीम अपने पूरे साजो सामान के साथ यात्रा में साथ रहेगी।
संस्था के मंत्री मनोज सोलंकी ने बताया कि इस अनूठी तीर्थयात्रा में यदि कोई विकलंाग या शारिरिक रूप से चल-फिरने में असक्षम होगा तो उसके साथ उसी के परिवार के एक सदस्य को भी नि:शुल्क उसकी सेवा में ले जाया जाएगा। प्रत्येक बस में दो व्हील चेयर भी रखी जाएगी ताकि कोई भी यात्री उसका लाभ लेना चाहे तो ले सकेगा। सुविधा की दृष्टि से 30 साधकों को भी रखा जाएगा जो इनके साथ रहकर इनकी यात्रा को आसान बनाऐंगे।