हरियाणा में गैर मान्यता प्राप्त स्कूल होंगे बंद, शिक्षा विभाग के सख्त आदेश

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हरियाणा में गैर मान्यता प्राप्त स्कूल होंगे बंद, शिक्षा विभाग के सख्त आदेश

Udaipur Times, Haryana News, सिरसा: शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए हैं। जिला शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है, साथ ही उन्हें दस्ती तौर पर इनकी फाइल लेकर पहुंचने के निर्देश हैं। आदेशों के बाद सिरसा DEO ने सभी BEO से रिपोर्ट मांगी है। शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा विभाग के पास 16 स्कूलों की सूची भेजी है। हालांकि उस सूची में तीन स्कूलों के कोड दो बार हैं। दो स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं। ऐसे में 6 स्कूल ही ऐसे हैं जो कि गैर मान्यता प्राप्त है। BEO इन स्कूलों को बंद करवाकर अपनी रिपोर्ट जमा करवाएंगे।

शिक्षा विभाग की सूची में गुरुकुल विद्या आश्रम मिडिल अवूबशहर, आदर्श विद्या निकेतन मिडिल स्कूल, आदेश पब्लिक स्कूल पन्नीवाला मोटा, गुरुतेग बहादुर प्राइमरी स्कूल, सरस्वती पब्लिक स्कूल फरवाई कलां, चौधरी वाला राम इंटरनेशनल स्कूल नथोर के नाम शामिल हैं। इन स्कूलों में यदि बच्चों के दाखिले मिले तो जुर्माने के साथ साथ संचालकों पर बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है। दाखिला मिलने पर अभिभावकों को किसी दूसरे स्कूलों में बच्चों को शिफ्ट करवाना होगा। या फिर नजदीकी सरकारी स्कूल में दाखिला करवाया जाएगा।

DEO ने BEO से मांगी सात अगस्त तक रिपोर्ट, स्कूलों में बच्चों के दाखिले मिले तो जुर्माना लगेगा
शिक्षा निदेशालय में दस्ती जमा करवानी होगी शिक्षा अधिकारियों को रिपोर्ट

MIS पोर्टल किया था ब्लाक

शिक्षा सत्र 2026-27 में दाखिला के लिए सीटों का ब्योरा ना देने पर शिक्षा निदेशालय ने 16 स्कूलों का MIS पोर्टल बंद कर दिया था। सूची में छह प्राइमरी, सात मिडिल, दो हाई तथा एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं। इस सूची में गलती से केंद्रीय विद्यालय-2 सिरसा का नाम भी शामिल हो गया था। जबकि वह स्कूल आरटीई के दायरे में नहीं आता। MIS पोर्टल ब्लाक होने के बाद संबंधित स्कूलों की ऑनलाइन

शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित हो जाती हैं। ऐसे स्कूल नए विद्यार्थियों का दाखिला नहीं कर सकते और न ही प्रवेश से संबंधित कोई ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों का रिकॉर्ड अपडेट करने सहित अधिकांश ऑनलाइन शैक्षणिक कार्य भी नहीं किए जा सकते। हालांकि जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों की स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया ही पूरी कर सकते हैं।

6000 रुपये प्रवेश शुल्क वसूलने पर एक लाख रुपये जुर्माना

DEO सुभाष फुटेला ने सभी BEO से डबल कोड वाले स्कूलों की सूचना, विशेष बच्चों वाले और अल्पसंख्यक स्कूलों की सूची मांगी है। स्कूलों को बंद करने और जो पहले ही बंद हैं, उनकी भी फाइल मांगी गई है। ये रिपोर्ट सात अगस्त तक DEO कार्यालय में दस्ती जमा करवानी होगी। इसके अतिरिक्त जो स्कूल 6

हजार रुपये प्रवेश शुल्क बच्चों से ले रहा है, उन पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। 6001 से ज्यादा प्रवेश शुल्क लेने वाले स्कूलों पर शिक्षा निदेशालय जुर्माने की राशि तय करेगा। अल्पसंख्यक, केंद्रीय विद्यालय और विशेष बच्चों वाले स्कूलों को आरटीई के दायरे से बाहर रखा गया है।

गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करवाने के आदेश आने के बाद BEO से रिपोर्ट मांगी गई है।
सुभाष फुटेला, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।

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