लक्ष्य साधने में करें विवेक का प्रयोग

बौद्धिकता ने मानव को श्रैष्ठ प्राणी बना दिया है इसलिए जरूरी है कि मानव अपने कार्य कलापों में उसका प्रयोग करें अथवा उसका बोलना, व्यवहार, खाना, पीना सभी विवेकपूर्ण होना चाहिए।

 | 

बौद्धिकता ने मानव को श्रैष्ठ प्राणी बना दिया है इसलिए जरूरी है कि मानव अपने कार्य कलापों में उसका प्रयोग करें अथवा उसका बोलना, व्यवहार, खाना, पीना सभी विवेकपूर्ण होना चाहिए।

भगवान महावीर ने कहा कि मानव का सोना भी विवेक के अनुसार होना चहिए। लोग पूछते है कि सोने में विवेक का प्रयोग कैसे होता है। सोने के लिये उपयुक्त स्थान का चयन, ढंग से सोने कि क्रिया आदि का ध्यान रखने में ही विवेक का प्रयोग होता है।

उक्त विचार श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि कुमुद ने पंचायती नोहरा में आयोजित विशाल धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि जहां विवेक है वहां शाति है और शान्ति से सभ्यता जुड़ी है। जब हम इस बात को जान चुके है कि जीवन की विधियों में विवेक का प्रयोग होना चाहिए तो भी ध्यान रखना चाहिये उस पर मनन करना भी आवश्यक है। जीवन मे ंतय किये गये लक्ष्य को साधने में विवेक का प्रयोग करना चाहिये।

उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने संदेश दिया था कि संसार में जीतनी भी आत्मा है, उन्हे अपनी आत्मा के समान समझो। उन पर दया करो। अपनी लालसाओं को दबा दो। अपने आप में स्वंय निंयत्रक शक्ति को पैदा करो जिससे मन व इन्द्रियो पर काबू रहे और मन व्यवस्थित रहे यही आत्म ज्ञान है जो अद्भुत और निराला है। इससे दिव्य ज्ञान मिलता है और जीवन में सुधार आता है और मानव मंजिल तक पहुचता हैं यह चरित्र निर्माण में सहायक है।

संसार की इस सत्यता को मानव को समझना है कि सत्य ही जीवित रहता है। आत्मा सत्य है, केवल आस्था ही बदलती है। ध्यान रखो, विवेक का प्रयोग द्वेष ईष्या का त्याग और लालसाओ पर काबू जीवन लक्ष्य को साध सकेगा। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री हिम्मत बड़ाला ने किया व स्वागत अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार जी डंागंी ने किया।

महामंत्री हिम्मत बड़ाला ने बताया कि चतुर्थ पट्टधर आचार्य सम्राट डॉ. शिवमुनि म.सा. का 73 वां जन्मदिन जप,तप सामयिक एवं गुणानुवाद सभा के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

To join us on Facebook Click Here and Subscribe to UdaipurTimes Broadcast channels on   GoogleNews |  Telegram |  Signal