वैश्य महासम्मेलन उदयपुर द्वारा 25 से 31 दिसम्बर तक होगा भागवत कथा का आयोजन
उदयपुर जिला वैश्य महासम्मेलन द्वारा आगामी 25 से 31 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले श्रीमद् भागवत महोत्सव की भक्ति रस वर्षा मे सम्पूर्ण उदयपुर एवं भगवान का हर एक भक्त सराबोर हो उठेगा। उदयपुर के राजस्थान महिला विद्यालय के मैदान मे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन रोजाना दोपहर 2 से 5 बजे तक होगा, जिसमे बडौदा कामवन के गोस्वामी हरिराय बावाश्री व्यास पीठ से अपनी मधुर एवं ओजस्वी वाणी से भक्तों को भागवत कथा का रस्वादन करायेंगे। हरिराय बावाश्री अब तक 27 देशों मे भागवत कथा का वाचन कर चुके है।
उदयपुर जिला वैश्य महासम्मेलन द्वारा आगामी 25 से 31 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले श्रीमद् भागवत महोत्सव की भक्ति रस वर्षा मे सम्पूर्ण उदयपुर एवं भगवान का हर एक भक्त सराबोर हो उठेगा। उदयपुर के राजस्थान महिला विद्यालय के मैदान मे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन रोजाना दोपहर 2 से 5 बजे तक होगा, जिसमे बडौदा कामवन के गोस्वामी हरिराय बावाश्री व्यास पीठ से अपनी मधुर एवं ओजस्वी वाणी से भक्तों को भागवत कथा का रस्वादन करायेंगे। हरिराय बावाश्री अब तक 27 देशों मे भागवत कथा का वाचन कर चुके है।
25 दिसमबर को पोथी यात्रा से होगा शुभारंभ
वैश्य महासम्मेलन उदयपुर के अध्यक्ष अनिल नाहर ने बताया कि भागवत कथा का शुभारम्भ भागवत भगवान की भव्य पोथी यात्रा से 25 दिसम्बर को तीज का चौक स्थित बाईजी राज का कुण्ड से सुबह 11 बजे होगा। पोथी यात्रा मे गोस्वामी हरिराय बावाश्री के सानिध्य मे हजारों भक्तगण भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर झूमते-नाचते देहलीगेट, बापु बाजार, सुरजपोल, अस्थल मंदिर से होकर कथा स्थल पहुचेंगे। पोथी यात्रा के दौरान जहां पुरूष श्वेत वस्त्र और महिलाएं केसरिया परिधार पहन कर शामिल होगी, वहीं पोथी यात्रा मे मौजूद हाथी, घोडे, बैण्ड और ऊँट गाडियो पर सु-सज्जित भव्य झाँकिया आकर्षण का केन्द्र होगी। पोथी यात्रा के स्वागत के लिए सम्पूर्ण मार्ग मे 101 स्वागत द्वारा लगाये जायेंगे और जगह – जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया जायेगा।
30 हजार फिट के डोम मे बैठे सकेंगे 5 हजार भक्त
नाहर ने बताया कि कथा स्थल पर 5000 लोगो के बैठने की व्यवस्था रहेगी, जिसके लिए 30 हजार फिट का भव्य डोम लगाया जाएगा। डोम मे 4 बडी एलईडी भी लगाई जायेगी जिससे की हर भक्त को कथा के श्रवण के साथ ही व्यास पीठ पर बिराजित बावाश्री को देखने का पूर्ण आनंद मिल सकेगा। कथा स्थल के धार्मिक वातावरण को सुगंधित बनाये रखने के लिए पूरे डोम की छत के हर हिस्सों पर लगी पाईप लाईनो से कलकत्ता की टीम द्वारा विशेष तरह के इत्र का लगातार छिडकाव होता रहेगा। इस कथा का पूरा लाईव प्रसारण स्थानीय चैनल पर भी रहेगा, जिससे की उदयपुर एवं आस-पास के वो भक्त जो कथा स्थल तक आने मे समर्थ नहीं है वो घर पर बैठ कर कथा के श्रवण का लाभ ले पायेंगे। भागवत महोत्सव को लेकर 5 संयोजको के रूप मे जानकीलाल मुन्दडा, सुभाष खण्डेलवाल, ओ.पी. अग्रवाल, टीनू माण्डावत एवं अशोक बाहेती को संयोजक बनाया गया है।
झाँकियां से जीवंत हो उठेंगे भागवत के वृतान्त
महासम्मेलन के महामंत्री के.एम. जिंदल ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा के विभिन्न वृतान्तों को जींवत करने के लिए झाँकियो का भी प्रदर्शन किया जायेगा जिसमे वृन्दावन के कलाकारों द्वारा कृष्ण जन्मोत्सव, रूक्मणि विवाह, नरसिंह अवतार, छाप्पन भोग के साथ गिरिराज जी का पुण्डवाडा जैसी कई झाँकिया आकर्षण का केन्द्र होगी। सात दिवसीय भागवत कथा के सातो ही दिन कथा के मंच को अलग-अलग रूप मे सजाया जायेगा। भागवत महोत्सव के दौरान रोजाना हजारों भक्तों को प्रसाद का वितरण किया जायेगा इसके साथ ही कथा के अंतिम दिन 31 दिसम्बर को पूर्णाहूति यज्ञ के साथ महाप्रसादी का आयोजन किया जायेगा। रात को नववर्ष के स्वागत स्वरूप भव्य भक्ति संध्या का आयोजन किया जायेगा जिसमें नीमच की कमल बिन्दल एंड पार्टी द्वारा भजनों की संगीतमय प्रस्तुतियाँ दी जायेगी।
28 से 30 तक होगें संस्कार सत्र
जिंदल ने बताया कि सात दिवसीय भागवत कथा के दौरान 28 से 30 दिसम्बर तक तीन दिन भागवत कथा से पूर्व सुबह साढ़े 10 से साढ़े 12 बजे तक कथा स्थल पर ही संस्कार सत्र के आयोजन किये जायेंगे। जिसमे 28 दिसम्बर को मेटिवेशनल स्पीकर सुनील लड्ढ़ा खुशियों का ठिकाना फनिस्तान विषय पर सभी को जागरूक करेंगे। 29 दिसम्बर को मुम्बई की मोटीवेशनल स्पीकर नारी शक्ति व परिवार विषय पर महिलाओं मे जागरूकता पैदा करेगी और 30 दिसम्बर को परिवार की धूरी युवा विषय पर आचार्य सुनील सागर मार्गदर्शन करेंगे।
भक्तों की सुविधा के लिए विभिन्न समितियों का गठन
कोषाध्यक्ष प्रकाश चेचाणी ने बताया कि श्रीमद् भागवत महोत्सव को सफल बनाने के लिए आवास एवं यातायात, प्रचार-प्रसार, भोजन प्रसाद वितरण, टेंट, स्टेज, साउण्ड व्यवस्था, संस्कार शिविर एवं कार्यालय समिति का गठन कर वैश्य महासम्मेलन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को जिम्मेदारीयां दी गई है, जिससे कथा का श्रवण करने के लिए आने वाले किसी भी भक्त को किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो। चेचाणी ने बताया कि कथा स्थल पर जगह- जगह पानी के काउण्टर रहेंगे, इसके साथ ही एक चरण पादुका काउण्टर भी लगाया जायेगा जहां भक्तगण अपने चरण पादुकाएं जमा करवा कर भागवत कथा के श्रवण के लिए डोम मे पहुचेंगे।
यह अतिथि बढ़ायेंगे महोत्सव की शोभा
युवा प्रकोष्ठ के मुख्य संयोजक पंकज तोषनीवाल ने बताया कि सात दिवसीय भागवत कथा महोत्सव के तहत गृहमंत्री गुलाबचन्द्र कटारिया, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व गृहमंत्री शांति धारिवाल, उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी, नाथद्वारा श्रीनाथ जी मंदिर के तिलकायत विशाल बाबा,मेवाड़ महामण्डलेश्वर रासबिहारी शरण शास्त्री, जिला कलेक्टर विष्णुचरण मलिक, पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल, उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा, विधायक, नगर निगम महापौर चन्द्र सिंह कोठारी, युआईटी चेयरमैन रविन्द्र श्रीमाली सहित कई गणमान्य अतिथि अलग – अलग दिन अपनी उपस्थिति से भागवत महोत्सव की शोभा बढ़ायेंगे। कथा स्थल पर मुख्य अतिथियों सहित, भामाशाहों, कथा के मुख्य यजमान, सात दिन के सात यजमान एवं मनोरथियों के बैठने की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
भागवत महोत्सव कार्यालय स्थापित
महासम्मेलन के महिला प्रकोष्ठ की मुख्य संयोजक पिंकी माण्डावत ने बताया कि सात दिनों तक उदयपुर सहित आस -पास के इलाको से भागवत कथा का श्रवण करने आने वाले हजारों भक्तों की सुविधा के लिए कथा स्थल के पास ही आरएमवी रोड पर भागवत महोत्सव कार्यालय स्थापित किया गया है। इस कार्यालय मे कथा के सातों ही दिन महासम्मेलन के महिला एवं युवा प्रकोष्ठ के पदाधिकारी एवं सदस्य भक्तों की मदद के लिए अपनी जिम्मेदारीयों का निवर्हन करेंगे।
