मूर्तिपूजक समाज का वरघोड़ा एवं स्वामीवात्सल्य रविवार को
पर्यूषण महापर्व के समापन पर प्रथम रविवार को श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक समाज का नगर में भव्य वरघोड़ा निकलेगा। गणगौर घाट पर स्नात्र पूजा होगी। वरघोड़े के समापन पर सकल मूर्तिपूजक समाज का भव्य स्वामीवात्सल्य मालदास स्ट्रीट अराधना भवन में आयोजित किया जायेगा।
पर्यूषण महापर्व के समापन पर प्रथम रविवार को श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक समाज का नगर में भव्य वरघोड़ा निकलेगा। गणगौर घाट पर स्नात्र पूजा होगी। वरघोड़े के समापन पर सकल मूर्तिपूजक समाज का भव्य स्वामीवात्सल्य मालदास स्ट्रीट अराधना भवन में आयोजित किया जायेगा।
श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के मंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि महासभा के तत्वावधान में रविवार को प्रात: आठ बजे हाथीपोल जैन धर्मशाला से भव्य वरघोड़ा प्रारम्भ होगा। वरघोड़े में सबसे आगे इंद्रध्वज, इसके पश्चात बैण्ड, ऊंट, घोड़े, भगवान की पालकी, सुसज्जित हाथ ठेला गाड़ी में कांच का मंदिर, माता त्रिशला को आए चांदी के स्वप्न, पाठशाला के बच्चों की झांकी, भगवान के पालने प्रदर्शित किये जायेंगे। वहीं युवावर्ग भगवान के रथ को हाथों से खिंचेंगे।
वरघोड़े में आचार्य शिवसागर, गणिवर्य निपुणरत्न, मुनि रत्नसागर, मुनि पुनित रत्नसागर, साध्वी सुदर्शनाश्री, साध्वी चंद्रकला श्री आदि ठाणा भी वरघोड़े में शामिल होंगे। वरघोड़ा हाथीपोल से प्रारंभ होकर मालदास स्ट्रीट पहुंचेगा जहां वरघोड़े को मूर्त रूप दिया जायेगा। जहां से बड़ा बाजार, घंटाघर, जगदीश चौक होते हुए गणगौर घाट पहुंचेगा।
गणगौर घाट पर पद्मावती भक्ति मण्डल की ओर से स्नात्र पूजा पढ़ाई जाएगी। वरघोड़ा पुन: गणगौर घाट से रवाना होकर घंटाघर, मोती चोहट्टा होता हुआ मालदास स्ट्रीट पर संपन्न होगा। जहां पर सकल मूर्तिपूजक समाज का स्वामीवात्सल्य का आयोजन किया जाएगा।
