आयुर्वेद महाविद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन
मदनमोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, उदयपुर द्वारा जारी छः दिवसीय निःशुल्क योग कार्यक्रम में 5वें दिन योग से संबंधित श्लोगन एवं प्रश्नोतरी का आयोजन किया गया। प्रथम तीन विजेताओं को प्रो. अशोक कुमार शर्मा के सानिध्य में गुजरात पाईल्स एवं गेस्ट्रोकेयर सेन्टर द्वारा पुरस्कृत किया गया।
मदनमोहन मालवीय राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, उदयपुर द्वारा जारी छः दिवसीय निःशुल्क योग कार्यक्रम में 5वें दिन योग से संबंधित श्लोगन एवं प्रश्नोतरी का आयोजन किया गया। प्रथम तीन विजेताओं को प्रो. अशोक कुमार शर्मा के सानिध्य में गुजरात पाईल्स एवं गेस्ट्रोकेयर सेन्टर द्वारा पुरस्कृत किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि शनिवार को ‘‘आधुनिक युग में योग का महत्व’’ विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा, जिसमें योगार्थी आज के भौतिक जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डालेगें। इसमें प्रथम तीन विजेताओं को गुजरात पाईल्स एवं गेस्ट्रोकेयर सेन्टर द्वारा ट्रोफी प्रदान की जायेगी।
महाविद्यालयीय योग प्रशिक्षक डॉ. इकबाल खान गौरी ने बताया कि योगासन से शरीर के प्रत्येक अंग का व्यायाम होता है, जिससे शरीर पुष्ट, स्वस्थ एवं सुदृढ बनता है। आसन से शरीर के मुख्य तंत्रों यथा स्नायु तंत्र, रक्त परिसंचन तंत्र, पेशी तंत्र, तंत्रिका तंत्र एवं श्वसन तंत्र की क्रियाओं का व्यवस्थित रूप से संचालन होता है। जिससे शरीर पूर्णतः स्वस्थ बना रहता है। शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास में योग का महत्वपूर्ण योगदान है। अन्य व्यायाम पद्धतियाँ केवल बाह्य शरीर को ही प्रभावित करने कही क्षमता रखती है। जबकि योगासन मानव को चहुमुखी विकास करता है।
