वेद समाज का पहला सामूहिक विवाह संपन्न, ठाकुर जी संग 16 जोड़ों ने लिए फेरे
वेद समाज का पहला सामूहिक विवाह सोमवार को कृष्णा वाटिका में संपन्न हुआ, समाज के इस पहले सामूहिक विवाह में ठाकुर जी सहित 16 जोड़े विवाह के बंधन में बंधे। समाज के अध्यक्ष गणेशलाल वेद ने बताया कि सामूहिक विवाह की शुरूआत 9 बजे शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा में सबसे पहले ठाकुर जी की झांकी आगे रही, इसके पीछे घोड़ों पर दुल्हे और पीछे बग्गियों में दुल्हनें।

वेद समाज का पहला सामूहिक विवाह सोमवार को कृष्णा वाटिका में संपन्न हुआ, समाज के इस पहले सामूहिक विवाह में ठाकुर जी सहित 16 जोड़े विवाह के बंधन में बंधे। समाज के अध्यक्ष गणेशलाल वेद ने बताया कि सामूहिक विवाह की शुरूआत 9 बजे शोभायात्रा के साथ हुई। शोभायात्रा में सबसे पहले ठाकुर जी की झांकी आगे रही, इसके पीछे घोड़ों पर दुल्हे और पीछे बग्गियों में दुल्हनें।

समाज के पहले सामूहिक विवाह को लेकर पूरे समाज में जोश था और पूरे संभाग से करीब 5 हजार लोगों ने भागीदारी की। शोभायात्रा में महिलाओं, पुरुषों ने अपने खास अंदाज में नृत्य की प्रस्तुति दी। इसके बाद सुबह 11 बजे वाटिका के बाहर एक साथ सभी दुल्हों ने तोरण लगाया। इसके बाद शुरू हुआ ठाकुर जी का विवाह। विवाह के बाद सभी जोड़ों की विदाई की गई। विवाह में भोज वेटर लेस हुआ। सभी काउंटर पर समाज के युवाओं ने मोर्चा संभाला और अपने समाजजनों को भोजन कराया। वहीं कई समाज के लोगों ने अपनी तरफ से सहयोग राशि व सभी जोड़ों के लिए अपनी तरफ से गिफ्ट भी दिए।
