राजस्थान जल संरक्षण मिशन के तहत 17 गांवों का विलेज एक्शन प्लान बनेगा
नवीन प्रारम्भ हो रही राजस्थान जल संरक्षण मिशन योजनांतर्गत उदयपुर एवं डूंगरपुर जिले पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला मंगलवार को जिला परिषद् सभागार मे जिला कलक्टर रोहित गुप्ता की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई।

नवीन प्रारम्भ हो रही राजस्थान जल संरक्षण मिशन योजनांतर्गत उदयपुर एवं डूंगरपुर जिले पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला मंगलवार को जिला परिषद् सभागार मे जिला कलक्टर रोहित गुप्ता की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई।
कलक्टर ने बताया कि प्रथम मॉडल डीपीआर बनाने के लिये आईडब्ल्यूएमपी योजनान्तर्गत वर्ष 2009.10 में स्वीकृत जलग्रहण क्षेत्र आईडब्ल्यूएमपी .2 सराड़ा के 9 ग्राम पचंायत क्रमश्ं केजड़, सराड़ा, सेपुर, निम्बोदा, कातनवाड़ा, नाल अलकार, चावण्ड, परसाद, खरबर चक्र के 17 गांव मे राजस्थान जल संरक्षण मिशन के तहत् विलेज एक्शन प्लान बनाया जायेगा। उन्होने यह भी बताया कि योजना की किन्याविति जून 2016 तक की जावेगी। इस हेतु बजट का प्रावधान विभिन्न विभागों के उपलब्ध संसाधन तथा सीएसआरध्एनजीओध्जन सहभागिता से की जायेगी।
जिला कलक्टर ने राजस्थान जल संरक्षण मिशन योजना की सम्पूर्ण मार्गदर्शिका को पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से समझाया। पांच टीम का गठन करते हुए 16 सितम्बर से फील्ड विजिट कर विलेज एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिये जिसमे जल संसाधनए जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण, कृषि विभाग, पंचायती राज विभाग, वन विभाग, पशुपालन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, भू जल विभाग के ब्लॉक एवं फील्ड स्तरीय अधिकारियों को सम्मिलित किया गया।
जलग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग जयपुर के आये संदर्भ व्यक्ति अरूण सुराणा, अतिरिक्त निदेशक ने महाराष्ट्र पैटर्न पर प्रारम्भ की गई राजस्थान जल संरक्षण मिशन योजना की विस्तृत जानकारी दी। विलेज एक्शन प्लान बनाने के विभिन्न प्रपत्रो, डिजाईन, तकनीक एवं उपलब्ध संसाधन तथा वर्तमान संसाधन को मध्यनजर योजना बनाने की जानकारी दी। उन्होने महाराष्ट्र मे कराये गये विभिन्न कार्यों तथा फोर वाटर कान्सेप्ट के तहत् माही एवं चम्बल बेसिन मे कराये गये कार्यांे के फोटो ग्राफ पीपीटी के माध्यम से बताये एवं विस्तार से चर्चा कर समझाये।
कार्यशाला में मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगमोहन सिंह ने सभी अधिकारियों को समय सीमा मे योजना तैयार कर 20 सितम्बर तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट के रूप मे तैयार की जा रही योजना दूसरांे के लिये मॉडल प्रोजेक्ट की तरह कार्य करेगीए अतः विलेज एक्शन प्लान पूर्ण गम्भीरता से तैयार करंे।
अधीक्षण अभियन्ता (जलग्रहण) मदन छाजेड़, डूंगरपुर के श्री सी. एल सालवीं, डूंगरपुर के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद्, डूंगरपुर मोहन लाल वर्मा तथा उपखण्ड अधिकारी बिछीवाड़ा ओम प्रकाश फुलवारिया तथा दोनांे जिले के सभी विभाग के जिला, ब्लॉक एवं फील्ड स्तर के करीबन 150 अधिकारीध्प्रतिनिधि उपस्थित थे।
