ग्रामीणों ने लिया स्वच्छ भारत का भी संकल्प

सरकारी विद्यालयों के बच्चें ऊँचाईयों को छू सकते है और ग्रामीण भारत में गोदड़ी के लाल निष्चित रूप से आगे बढ़ सकते है यदि उन्हें समय रहते उचित मार्गदर्षन मिल जाये। संस्कृति, ज्ञान, संस्कार, मूल्य, पर्यावरण, अनुभव से भरे हुये लोग यदि अपने अनुभव को इस ग्रामीण भारत में बांटने के लिये यदि निकल पड़े तो भारत को विष्व गुरू बनने से कोई नहीं रोक सकता।

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ग्रामीणों ने लिया स्वच्छ भारत का भी संकल्प

सरकारी विद्यालयों के बच्चें ऊँचाईयों को छू सकते है और ग्रामीण भारत में गोदड़ी के लाल निष्चित रूप से आगे बढ़ सकते है यदि उन्हें समय रहते उचित मार्गदर्षन मिल जाये। संस्कृति, ज्ञान, संस्कार, मूल्य, पर्यावरण, अनुभव से भरे हुये लोग यदि अपने अनुभव को इस ग्रामीण भारत में बांटने के लिये यदि निकल पड़े तो भारत को विष्व गुरू बनने से कोई नहीं रोक सकता।

उक्त विचार आज आलोक संस्थान के निदेषक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रदीप कुमावत ने यहाँ ज्ञानार्पण अभियान के कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय उपली बड़ी, पं. सं. बड़गांव में कही।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत के सषक्तिकरण हेतु विद्यार्थियों, षिक्षकों और विषेशज्ञों का समूह कुछ चयनित सरकारी विद्यालयों में जाकर समय-समय पर ज्ञान और अनुभव बांटने का काम करेगा वहीं छात्रों को मार्गदर्षन के साथ-साथ संस्कृति, ज्ञान, संस्कार, मूल्य, पर्यावरण, जीवन मूल्य और जीवन प्रासंगिक विशय पर समय-समय पर विभिन्न परोपकार वार्ताओं और कक्षा कक्ष में जाकर अध्यापन का काम भी करेंगे।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रोटरी क्लब के उप प्रान्तपाल निर्मल कुणावत ने कहा कि पोलियों मुक्ति के बाद जो अभियान रोटरी ने भी लिया उसमें सम्पूर्ण भारत को साक्षर करने की दृश्टि से रोटरी भी अपना योगदान निभायेगा।

कार्यक्रम के विषिश्ट अतिथि रोटरी क्लब के अध्यक्ष रो. बी.एल. सिरोया ने कहा कि यह एक ऐसा अनूठा प्रयास है जो आलोक इन्टरेक्ट क्लब के छात्र मिलकर कर रहे है जो बड़े से बड़े क्लब भी नहीं करते। उन्होंने इस अभियान के लिये डॉ. प्रदीप कुमावत को बधाई देते हुये कहा कि यह न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्र में बल्कि षहरी क्षेत्रों में दिषा करने का काम करेगा।

इस अवसर पर आगामी अध्यक्ष रो. गजेन्द्र जोधावत ने कहा कि ज्ञानार्पण वास्तव में एक ऐसी अनूठी योजना है जो षहर और गांव के बीच की दूरियां मिटाकर सषक्त भारत में अपना योगदान देगी।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में आलोक फतहपुरा के प्रषासक निष्चय कुमावत ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

स्थानीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ज्योत्सना झाला ने इस अवसर पर अतिथियांे का स्वागत करते हुये आभार व्यक्त किया कि आलोक संस्थान ने इस कार्यक्रम के लिये हमारे विद्यालय का चयन किया।

इससे पूर्व ज्ञानार्पण अभियान का आगाज करते हुये आज यहाँ छात्रों ने एक-एक घंटे की क्लास लेकर स्थानीय विद्यालय के छात्रांे के बीच अनुभव व सामान्य ज्ञान के अनुभव बांटे।

इस अवसर पर आलोक संस्थान, आलोक समाज सेवा प्रकोश्ठ, आलोक इन्टरेक्ट क्लब, रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर, भारत विकास परिशद्, सीटीजन सोसायटी, अरावली झील हितेशी संघ के कई सदस्य उपस्थिति थे। तथा सभी ने इस अभियान की प्रषंसा भी की।

इस अवसर पर करीब 350 कम्बल स्पन्दन कार्यक्रम के अन्तर्गत आलोक इन्टरेक्ट क्लब और रोटरी क्लब की ओर से बांटे गये।

आभार व्यक्त पंकज चौबीसा ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर आलोक फतहपुरा के विजय सिंह सांखला एवं सभी अध्यापक-अध्यापिकाओं के साथ उपली बड़ी के उप सरपंच, विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष नाथू मीणा एवं 500 ग्रामीण उपस्थित थे।

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