हरियाणा में हल्दी की खेती शुरू करके मिसाल बने विपिन, अब कर रहे लाखों में कमाई
Udaipur Times, Haryana News : कहते है की अगर इंसान मेहनत करना जानता है तो वह कोई मुकाम हासिल कर सकता है। आज हम बात कर रहे है हरियाणा के फतेहाबाद में परंपरागत खेती करते हुए कुछ अलग करने की चाह ने गांव मेहूवाला के किसान विपिन सैनी को हल्दी की खेती की राह दिखाई।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के एक प्रगतिशील किसान की हल्दी की फसल देखने के बाद विपिन ने अपने खेत में भी इसे आजमाने का फैसला लिया। शुरुआत में आधा एकड़ में ऑर्गेनिक हल्दी की बिजाई की। पहली ही फसल में 20 क्विंटल उत्पादन हुआ। इसके बाद उत्साहित किसान ने दोबारा इसी रकबे में हल्दी बोई तो उत्पादन बढ़कर 25 क्विंटल तक पहुंच गया। Haryana News
विपिन बताते हैं कि पहली बार आधा एकड़ में फसल तैयार करने पर करीब 30 हजार रुपये खर्च हुए। प्रयोग सफल रहा तो उन्होंने इसे आगे भी जारी रखा। उन्होंने बताया हल्दी की खेती में प्रति एकड़ करीब 60 हजार से एक लाख रुपये तक खर्च आ सकता है। इसमें बीज, खेत की तैयारी, खाद, सिंचाई, मजदूरी, निराई-गुड़ाई, खुदाई और परिवहन खर्च शामिल है।
सामान्य स्थिति में एक एकड़ में करीब 40 से 50 क्विंटल कच्ची हल्दी का उत्पादन हो सकता है। यदि औसत भाव 100 रुपये किलो मिले तो 40 क्विंटल की बिक्री से 4 लाख और 50 क्विंटल से 5 लाख रुपये की आमदनी हो सकती है। लागत निकालने के बाद 3 लाख रुपये तक बचत संभव है। Haryana News
कच्ची हल्दी का भाव 150 रुपये किलो तक
विपिन के अनुसार मंडियों में कच्ची हल्दी की मांग सर्दियों में बढ़ जाती है। कच्ची हल्दी का भाव करीब 90 से 150 रुपये प्रति किलो तक रहता है। कच्ची हल्दी की सब्जी बनाकर खाई जाती है तो दूसरा हड्डियों से संबंधित दर्द की दवाई भी बनाई जाती है। सुखाने के बाद हल्दी मसाला बनाने में इस्तेमाल होती है और सूखी हल्दी का भाव करीब 130 से 180 रुपये किलो तक रहता है। Haryana News
अच्छी पैदावार के लिए न होने दें जलभराव
विपिन ने बताया कि हल्दी की बिजाई अप्रैल के अंत से जून के मध्य तक की जा सकती है। 15 मई से 30 मई तक का समय इसके लिए उपयुक्त माना जाता है। फसल करीब 8 से 10 महीने में तैयार हो जाती है। हल्दी की फसल में राइजोम रॉट (कंद सड़न), पत्ती धब्बा और पत्ती झुलसा जैसे रोग आ सकते हैं। अधिक नमी और खेत में पानी जमा होने से कंद सड़ने का खतरा बढ़ जाता है। नियमित निगरानी और खेत में पानी की उचित निकासी से फसल को काफी हद तक बचाया जा सकता है। Haryana News
हल्दी की खेती फलों के बाग या सफेदे के पौधों के साथ छांव में भी की जा सकती है। हल्दी एक अच्छी मसाले वाली फसल है। बाजार में हमेशा इसकी मांग रहती है। किसान हल्दी की खेती से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। -डॉ. राजेश स्वामी, जिला बागवानी अधिकारी, फतेहाबाद।