ईश्वर के दर्शन आत्मा के मेल को साफ करतेःसुप्रकाशमति माताजी
राष्ट्रसंत गणिना आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी ने कहा कि जिनेन्द्र प्रभु के दर्शन वाशिंग पाउडर के समान है,जिनके दर्शन करने से हमारी आत्मा के मेल साफ होते है। इस आत्मा के साथ इंसान जो भी कर्म करता है, उन कर्मो के अनुसार आत्मा पर परत दर परत चढ़ती जाती है। जिसके पक्षालन के लिए प्रभु की भक्ति करनी आवश्यक हो जाती है।
राष्ट्रसंत गणिना आर्यिका सुप्रकाशमति माताजी ने कहा कि जिनेन्द्र प्रभु के दर्शन वाशिंग पाउडर के समान है,जिनके दर्शन करने से हमारी आत्मा के मेल साफ होते है। इस आत्मा के साथ इंसान जो भी कर्म करता है, उन कर्मो के अनुसार आत्मा पर परत दर परत चढ़ती जाती है। जिसके पक्षालन के लिए प्रभु की भक्ति करनी आवश्यक हो जाती है।
वे आज गायरियावास स्थित चन्द्रप्रभु मन्दिर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित कर रही थी। उन्होेंने कहा कि गृहस्थ जीवन में रहकर आत्मा को परमात्मा नहीं बनाया जा सकता है। यदि हमें परमात्मा बनना है तो मोक्ष जाने वाले मार्ग पर पड़े कंकड-पत्थरों को हटाना होगा। उसके लिए हमारे जीवन में सदाचार, अच्छे विचार, शुभ परिणाम और धार्मिक क्रियाएं,श्रद्धा समर्पण आदि का होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मोक्ष प्राप्त करने के लिए प्रतिदिन जिनेन्द्र प्रभु के दर्शन करने चाहिये। जब इंसान बीमार होता है तो रोग-प्रतिरोधक क्षमता की दवा दी जाती है ठीक उसी प्रकार जिनेन्द्र प्रभु के दर्शन भी एक एंटीबायोटिक दवा है जिनके दर्शन से पापों का नाश और क्षय होता है। जो पाप किसी पुण्य कर्म से नष्ट नहीं होते है,वो पाप जिनेन्द्र प्रभु के दर्शन से नष्ट होते है लेकिन इसके लिए भी मन को स्थिर रखना होगा।
उदयपुर संसर यात्रा संयोजक प्रकाश सिंघवी ने बताया कि संस्कार यात्रा अपने अगले पड़ाव के तहत रविवार को प्रातः हिरणमगरी से. 5 प्रभातनगर पंहुचेगी। जहाँ माताजी एवं यात्रा के भव्य स्वागत की तैयारिया जोर-शोर से चल रही है। से. 5 के महामंत्री रमेश जुसोत ने बताया कि गुरू मां के स्वागत के लिए कुण्डलगढ़ से विशेष बैण्ड मंगवाया गया है। युवा मंच के मनोज चंपावत ने बताया कि चन्द्रप्रभु युवा मंच शोभायात्रा की भव्य तैयारियों में एवं चन्द्रप्रभु महिला मण्डल कलश के साथ की जाने वाली भव्य अगवानी करने में जुटा हुआ है। इस अवसर पर वर्षा योग एवं 25 जून को से. 5 होने वाले स्वागत के पोस्टर का माताजी द्वारा विमोचन किया गया।