ईको ट्यूर भ्रमण के तहत सीतामाता अभयारण्य व जाखम की सैर
वन विभाग की ओर से पर्यावरण, वन संरक्षण एवं वन्यजीवों के प्रति प्रेम एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित वन भ्रमण कार्यक्रम के तहत रविवार को 25 प्रकृति प्रेमियों के दल को ट्यूरिस्
सीतामाता अभयारण्य
वन विभाग की ओर से पर्यावरण, वन संरक्षण एवं वन्यजीवों के प्रति प्रेम एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित वन भ्रमण कार्यक्रम के तहत रविवार को 25 प्रकृति प्रेमियों के दल को ट्यूरिस्ट पॉइन्ट सीतामाता अभयारण्य व जाखम डेम का भ्रमण कराया गया। जहां उड़न गिलहरी की अटखेलियों ने प्रकृति प्रेमियों को अभिभूत कर दिया।
मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) राहुल भटनागर ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानसून के दौरान प्रकृति के नवीन स्वरूप एवं वन्यजीव व वनस्पति से आमजन को रूबरू कराना है। उप वन संरक्षक सुहैल मजबूर ने सीतामाता अभयारण्य एवं जाखम डेम के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उड़न गिलहरी देखकर अभिभूत हुए प्रकृति प्रेमी
इस दौरान टूर ऑपरेटर कांतिलाल पूनमिया ने वहां पाई जाने वाली वनस्पतियों एवं वन्यजीवों से सभी को अवगत कराया। श्री पूनमिया ने बताया कि यहां का प्रमुख आकर्षण का केन्द्र यहां पायी जाने वाली उड़न गिलहरी की प्रजाति है। सभी प्रकृति प्रेमियों ने ईको ट्रेकिंग के पश्चात जाखम डेम पर समय बिताया।
भटनागर ने बताया कि प्रकृति प्रेमियों की गोरमघाट के प्रति उत्सुकता एवं बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी शनिवार 26 अगस्त को ईको ट्रेक गोरमघाट तथा रविवार 27 अगस्त को पानरवा स्थित फुलवारी की नाल का भ्रमण कराया जाएगा। वहीं प्रकृति प्रेमियों के रूझान को देखते हुए 31 अगस्त को भील बेरी का भ्रमण कराया जाएगा।
