घर पर लगवाना है सोलर पैनल और जगह की पड़ गई कमी ? जाने अब कहां-कहां लगवा सकेंगे पूरा सिस्टम ?

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घर पर लगवाना है सोलर पैनल और जगह की पड़ गई कमी ? जाने अब कहां-कहां लगवा सकेंगे पूरा सिस्टम ?

Udaipur Times, Solar Panel : आज के समय में बिजली के बढ़ते खर्च को कम करने के लिए लोग सोलर पैनल लगवाने में रुचि दिखा रहे हैं। सोलर सिस्टम की मदद से घर की बिजली की जरूरत का एक हिस्सा पूरा किया जा सकता है और लंबे समय में बिजली के बिल में भी बचत हो सकती है। हालांकि, कई लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या घर की छत पर पर्याप्त जगह न होने की होती है।

अगर आप भी सिर्फ जगह की कमी के कारण सोलर पैनल नहीं लगवा पा रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। सोलर पैनल लगाने के लिए केवल छत ही एकमात्र विकल्प नहीं है। घर के आसपास उपलब्ध खुली जगह, कारपोर्ट, बाहरी दीवार या कुछ परिस्थितियों में बालकनी जैसे विकल्पों पर भी सोलर पैनल लगाए जा सकते हैं। हालांकि, पैनल लगाने से पहले धूप की उपलब्धता, स्ट्रक्चर की मजबूती और सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
छत पर जगह नहीं तो कहां लगवाएं सोलर पैनल?

1. घर के आसपास की खुली जमीन पर लगाएं पैनल

अगर घर की छत पर पर्याप्त जगह नहीं है, लेकिन घर के आसपास गार्डन, आंगन या कोई खुली जमीन उपलब्ध है, तो वहां मजबूत स्ट्रक्चर तैयार करके सोलर पैनल लगाए जा सकते हैं।

ऐसी जगह का चुनाव करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि वहां दिन के अधिकांश समय पर्याप्त धूप आती हो। पेड़, दीवार या आसपास की किसी ऊंची इमारत की छाया पैनल पर ज्यादा समय तक नहीं पड़नी चाहिए। पैनल को सही दिशा और उचित एंगल पर लगाने से सोलर सिस्टम की कार्यक्षमता बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

2. कारपोर्ट या पार्किंग शेड की छत भी है विकल्प

अगर घर के बाहर गाड़ी खड़ी करने के लिए कारपोर्ट या शेड बना हुआ है, तो उसकी मजबूत छत पर भी सोलर पैनल लगाने का विकल्प देखा जा सकता है। इससे एक ही जगह का दोहरा इस्तेमाल हो जाता है।

नीचे गाड़ी पार्क की जा सकती है और ऊपर सोलर पैनल लगाए जा सकते हैं। हालांकि, पैनल लगाने से पहले यह जरूर जांच लें कि शेड का स्ट्रक्चर पैनल और माउंटिंग सिस्टम का भार सहने के लिए पर्याप्त मजबूत है।

3. घर की बाहरी दीवार पर लग सकता है Solar Panel

छत पर जगह कम होने की स्थिति में घर की बाहरी दीवार भी एक विकल्प हो सकती है। इसे आमतौर पर वॉल-माउंटेड सोलर पैनल कहा जाता है।

लेकिन दीवार पर पैनल लगाने से पहले धूप की दिशा और पूरे दिन पड़ने वाली छाया का आकलन करना जरूरी है। ऐसी दीवार बेहतर रहेगी जहां पर्याप्त सीधी धूप आती हो। साथ ही माउंटिंग स्ट्रक्चर को मजबूत तरीके से लगाना जरूरी है, ताकि तेज हवा या खराब मौसम में पैनल सुरक्षित रहें।

4. फ्लैट में रहते हैं तो बालकनी पर छोटा सिस्टम

अगर आप अपार्टमेंट या फ्लैट में रहते हैं और छत का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है, तो कुछ मामलों में बालकनी भी विकल्प बन सकती है। उपलब्ध जगह के अनुसार छोटे और हल्के सोलर पैनल लगाए जा सकते हैं।

हालांकि, यहां सबसे पहले बिल्डिंग सोसायटी या स्थानीय नियमों की जानकारी लेना जरूरी है। बालकनी की रेलिंग या किसी अन्य हिस्से पर पैनल लगाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उससे राहगीरों, पड़ोसियों या बिल्डिंग की सुरक्षा को कोई खतरा न हो।
साथ ही पैनल को इस तरह लगाना चाहिए कि वह तेज हवा में ढीला होकर गिरने की स्थिति में न आए।

अगर जगह काफी कम है तो क्या करें?

अगर आपके पास सोलर पैनल लगाने के लिए बहुत कम जगह है, तो बड़े सिस्टम के बजाय छोटे क्षमता वाले सोलर सिस्टम, जैसे 1 किलोवाट सिस्टम, पर विचार किया जा सकता है। छोटे सिस्टम को बड़े सोलर सेटअप की तुलना में कम जगह की जरूरत पड़ती है।

हालांकि, 1 किलोवाट सिस्टम से कितनी बिजली मिलेगी, यह आपके इलाके में मिलने वाली धूप, पैनल की क्षमता, सिस्टम की गुणवत्ता और मौसम जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। इसलिए इसे लगवाने से पहले अपनी रोजाना की बिजली खपत का आकलन करना बेहतर रहेगा।

पैनल लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

सिर्फ जगह मिल जाना ही पर्याप्त नहीं है। सोलर पैनल लगाने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करना भी बेहद जरूरी है।

जिस जगह पैनल लगाना है वहां पर्याप्त सीधी धूप आती हो।

पेड़, टावर या दूसरी इमारतों की छाया पैनल पर ज्यादा समय तक न पड़े।

माउंटिंग स्ट्रक्चर मजबूत और मौसम के अनुरूप हो।

छत, दीवार या शेड की भार सहने की क्षमता की जांच कराएं।

बिजली के कनेक्शन और वायरिंग का काम योग्य तकनीशियन से करवाएं।

अपार्टमेंट या सोसायटी में रहते हैं तो पहले संबंधित नियमों और अनुमति की जानकारी लें।

सिस्टम की क्षमता अपनी बिजली खपत और उपलब्ध जगह के हिसाब से तय करें।

सोलर पैनल लगाने से पहले सही जगह चुनना सबसे जरूरी

सोलर सिस्टम की क्षमता का पूरा फायदा लेने के लिए पैनल को ऐसी जगह लगाना जरूरी है जहां पर्याप्त धूप मिल सके। केवल छत पर पैनल लगाने की परंपरागत सोच तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। उपलब्ध जगह के अनुसार जमीन, कारपोर्ट, बाहरी दीवार या छोटे सिस्टम के लिए बालकनी जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।

अगर जगह सीमित है तो सिस्टम की क्षमता तय करने से पहले किसी योग्य सोलर इंस्टॉलर से साइट का निरीक्षण और बिजली की जरूरत का आकलन करवाना बेहतर रहेगा। इससे आपको यह तय करने में आसानी होगी कि आपके घर के लिए किस क्षमता का सिस्टम और किस जगह पर लगाना ज्यादा उचित रहेगा।

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