गांव की जमीन बेचकर NCR में निवेश करना चाहते हैं? जानिए फ्लैट और प्लॉट में कौन सा लेना बेहतर
Udaipur Times, Is it better to invest in a flat or a plot : यदि आपने भी अपनी गांव की जमीन 50 लाख रुपये में बेची है और अब दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके मन में सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि फ्लैट खरीदना ज्यादा फायदेमंद रहेगा या प्लॉट। ऐसा ही एक सवाल बीते एक दशक से NCR की एक प्राइवेट कंपनी में काम रहे अमित सिंह का भी है।
हाल ही में उन्होंने अपने गांव की जमीन 50 लाख रुपये में बेची है और अब NCR में रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करना चाहते हैं। वो भी बहुत कंफ्यूड हैं कि इतनी बड़ी रकम फ्लैट में लगानी चाहिए या फिर फ्लॉट में? इस सवाल के जवाब पर रियल एस्टेट एक्सपर्ट का कहना है कि इसका जवाब आपकी जरूरत और निवेश के उद्देश्य पर निर्भर करता है।
सिद्धार्थ जैन के अनुसार, आज बड़ी संख्या में लोग अपने गांव की पुशतैनी जमीन बेचकर शहरों, खासकर दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में निवेश कर रहे हैं। हालांकि, हर निवेशक के लिए एक ही विकल्प सही नहीं हो सकता।
लॉन्ग टर्म निवेश (Long Term Investment) के लिए प्लॉट बेहतर
एक्सपर्ट का मानना है कि, अगर आपका उद्देश्य 5-10 साल के लिए निवेश करना और भविष्य में बेहतर रिटर्न हासिल करना है, तो तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में प्लॉट खरीदना बेहतर विकल्प हो सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में तेजी से सुधार हो रहा है, जिससे भविष्य में प्रॉपर्टी की कीमतों में अच्छी बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि, प्लॉट में निवेश करने पर तुरंत किराये की आय नहीं मिलती और कई बार इलाके के विकास में समय लग सकता है।
खुद रहने या किराये की आय के लिए फ्लैट (Flat) सही विकल्प
अगर आप अगले एक-दो साल में खुद रहने के लिए घर चाहते हैं या नियमित रेंटल इनकम कमाना चाहते हैं, तो फ्लैट बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। फ्लैट में रहने के लिए तैयार घर, बेहतर सुरक्षा, आधुनिक सुविधाएं और अच्छी लोकेशन का फायदा मिलता है। हालांकि, इसमें मेंटेनेंस चार्ज देना पड़ता है और कुछ क्षेत्रों में इसकी कीमतों में बढ़ोतरी की रफ्तार प्लॉट के मुकाबले कम हो सकती है।
एनसीआर में तेजी से बढ़ रहा रियल एस्टेट बाजार (Real estate market)
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर में एक्सप्रेसवे, मेट्रो नेटवर्क, नए बिजनेस हब और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास से प्रॉपर्टी बाजार को नई गति मिली है। एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में प्रीमियम और लग्जरी घरों की मजबूत मांग के चलते प्रॉपर्टी की कीमतों में हर साल करीब 12 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसकी प्रमुख वजह बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, गुरुग्राम और नोएडा में बढ़ते बिजनेस हब और एनआरआई खरीदारों की बढ़ती दिलचस्पी है।
निवेश से पहले इन बातों की करें जांच
फ्लैट खरीदने से पहले
ओनरशिप और टाइटल डॉक्यूमेंट की जांच करें।
RERA रजिस्ट्रेशन (जहां लागू हो) जरूर देखें।
बिल्डिंग प्लान और मंजूरियां जांचें।
प्रॉपर्टी पर किसी कानूनी विवाद या बकाया की जानकारी लें।
प्लॉट खरीदने से पहले
जमीन के मालिकाना हक और टाइटल रिकॉर्ड की पुष्टि करें।
जमीन का लैंड यूज (रेजिडेंशियल या कमर्शियल) जांचें।
सभी सरकारी मंजूरियां और नक्शे देखें।
कानूनी विवाद या बकाया की जांच जरूर करें।
किसे चुनें?
अगर आपका लक्ष्य नियमित किराये की आय या खुद रहने के लिए घर खरीदना है, तो फ्लैट बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश कर बेहतर रिटर्न चाहते हैं, तो अच्छी लोकेशन पर खरीदा गया प्लॉट ज्यादा मुनाफा दे सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि केवल मौजूदा कीमत देखकर फैसला न लें, बल्कि उस इलाके की भविष्य की कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार के अवसर और विकास योजनाओं का भी आकलन करें।
