सेप्टेज मैनेजमेंट पर अध्ययन करने वारंगल पंहुचा उदयपुर का दल
उदयपुर में सेप्टेज प्रबंधन की व्यवस्था निर्मित करने के उद्देश्य से मंगलवार को विशेषज्ञों का दल वारंगल पंहुचा। विद्या भवन पॉलीटेक्निक के प्राचार्य डॉ अनिल मेहता के नेतृत्व में गए दल में नगर निगम के अभियंता गौरव धींग, नंदलाल सुथार, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक विपिन आर्य, सी पी आर नई दिल्ली के शोध कर्ता अम्बरीश कुमार, जयदेव जोशी, वी बी आर आई के डॉ मनीष रावल सम्मिलित है।
उदयपुर में सेप्टेज प्रबंधन की व्यवस्था निर्मित करने के उद्देश्य से मंगलवार को विशेषज्ञों का दल वारंगल पंहुचा। विद्या भवन पॉलीटेक्निक के प्राचार्य डॉ अनिल मेहता के नेतृत्व में गए दल में नगर निगम के अभियंता गौरव धींग, नंदलाल सुथार, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के परियोजना प्रबंधक विपिन आर्य, सी पी आर नई दिल्ली के शोध कर्ता अम्बरीश कुमार, जयदेव जोशी, वी बी आर आई के डॉ मनीष रावल सम्मिलित है।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम, सी पी आर, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड तथा विद्या भवन साथ मिलकर उदयपुर के सेप्टेज प्रबंधन पर कार्य योजना बना रहे हैं।
मेहता ने बताया कि वर्तमान में सेप्टेज प्रबंधन की कोई व्यवस्था नही होने से सेप्टिक टैंक का निर्माण, अनुरक्षण, समय पर खाली करने, सुरक्षित परिवहन तथा उपचार की कोई व्यवस्था नही है। ऐसे में पर्यावरण व नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। सेप्टेज प्रबंधन की रीति, नीति तथा उपचार की प्रक्रिया तय करने के लिए विशेषज्ञ व अभियंता अध्ययन कर रहे हैं।
दल ने ग्रेटर वारंगल म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन जाकर वंहा सेप्टेज मैनेजमेंट की इकाई ( पी एम यू) के प्रभारी राजमोहन से भेंट की। वारंगल में पी एम यू हैदराबाद के एडमिनीस्ट्रेटिव स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया द्वारा संचालित है। दल ने सेप्टेज मैनेजमेंट एक्ट, जनजागरण के कार्यक्रमो, सेप्टिक टैंक कारीगरों, सफाई कर्मियों के प्रशिक्षण इत्यादि पर विस्तृत चर्चा की। दल ने वारंगल के फ़ीकल स्लज ट्रीटमेंट का भी दौरा किया तथा कार्यप्रणाली को समझा।
