जल संरक्षण आज की अनिवार्यता, नहीं चेते तो कल पर खतरा
जल संसाधनों में लगातार कमी आने वाली पीढ़ी के लिए किसी खतरे से कम नहीें
जल संसाधनों में लगातार कमी आने वाली पीढ़ी के लिए किसी खतरे से कम नहीें हैं। यह विचार श्री कार्तिक ने ‘‘जल संवाद यात्रा‘‘ के तहत अरावली इन्स्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज, (उमरड़ा) उदयपुर में आयोजित एक संवाद में कहे ।
प्रख्यात जर्नलिस्ट कार्तिक बलवान के अनुसार जल संपदा किसीअन्य संसाधन की तुलना में कहीं अधिक कीमती हैैं।आज की युवा पीढ़ी को इस दिशा में सोचने की जरूरत हैं कि जिस तरह हम पैसे व अन्य संसाधन को सुरक्षित रखते हैं, उसी तरह पानी को भी सुरक्षित रखने के प्रयास करने चाहिए।हमें यह सोचना चाहिये कि कैसे हमारे पुर्वज केवल वर्षा के पानी को वाटर हार्वेस्टिंग तकनिक के द्वारा पुरे साल के दैनिक दिन चर्या की जरूरतों केलिए सुरक्षित रखते थे। मुख्य वक्ता श्री कार्तिक बलवान का 14 सितंबर से ही उनके सहयोगी पल्लवी शर्मा व निपुण शर्मा के साथ इस विषय परसम्पर्ण राजस्थान के 33 जिलों के 100 से अधिक शहरो में 150 से अधिक कार्यक्रम आयोजित करने का लक्ष्य हैं।संस्था निदेशक डॉ. हेमन्त धाभाई ने पधारे अतिथियों का स्वागत किया।
