1200 करोड़ रुपये में गंगा पर दौड़ेगी वाटर मेट्रो, जाने यात्रियों को क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं ?
Udaipur Times, New Delhi : पटना में मेट्रो रेल और जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) के बाद अब गंगा नदी में 1200 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य वाटर मेट्रो और रीवर क्रूज परियोजना का खाका तैयार कर लिया गया है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत शहर के ऐतिहासिक कंगन घाट और पहलवान घाट को विश्वस्तरीय टर्मिनलों के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के मुख्य बिंदुओं और पूरी रूपरेखा की विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है
1. प्रोजेक्ट की मुख्य बातें (Key Highlights)
कुल अनुमानित लागत लगभग ₹1200 करोड़ (पहले चरण के दोनों टर्मिनलों के निर्माण पर लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे)।
लक्ष्य वर्ष निर्माण कार्य वर्ष 2029 से पहले पूरा होने की उम्मीद है।
नोडल एजेंसी यह परियोजना भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) और राज्य सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाई जा रही है। दोनों घाटों पर टर्मिनल निर्माण के लिए दो-दो एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है।
2. दोनों घाटों पर क्या-क्या बनेगा? (Terminal Design & Features)
कंगन घाट टर्मिनल (Kangan Ghat Terminal)
इस टर्मिनल को जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) के साथ जोड़ा जाएगा।
सड़क मार्ग से आने वाले यात्री जेपी गंगा पथ के नीचे से गुजरने वाले लगभग 150 मीटर लंबे गैंगवे के जरिए सीधे गंगा में बने पांटून तक पहुंच सकेंगे।
बनाए जाने वाले पांटून पर एक साथ चार बड़े जहाजों (क्रूज/फेरी) के ठहरने की सुविधा होगी। इसके अलावा यहाँ जहाजों के लिए फ्यूल बंकरिंग सिस्टम (ईंधन आपूर्ति) भी उपलब्ध रहेगा।
पहलवान घाट टर्मिनल (Pahalwan Ghat)
गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ जैसी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए पहलवान घाट की पूरी यूनिट को एलिवेटेड (Elevated) बनाया जा रहा है।
इसमें एलिवेटेड क्रूज टर्मिनल बिल्डिंग, एलिवेटेड बोर्डिंग एरिया और पांटून तक जाने वाला एलिवेटेड रैंप शामिल होगा।
तट को कटाव-मुक्त और खूबसूरत बनाने के लिए यहाँ स्टोन पिचिंग का कार्य भी किया जाएगा।
3. ट्रिपल ट्रांसपोर्ट विजन (Multi-Modal Hub)
पटना को एक आधुनिक ट्रैफिक और टूरिज्म हब बनाने के लिए इस प्रोजेक्ट को शहर की अन्य बड़ी परिवहन व्यवस्थाओं के साथ जोड़ा जा रहा है
पटना मेट्रो रेल (शहरी आंतरिक रेल नेटवर्क)
जेपी गंगा पथ / मरीन ड्राइव (सिग्नल-फ्री रोड कनेक्टिविटी)
गंगा वाटर मेट्रो / रीवर क्रूज टर्मिनल (पर्यावरण-अनुकूल जल परिवहन और वाटर टूरिज्म)
इस परियोजना के धरातल पर उतरने से न केवल पटना में आधुनिक जल परिवहन और क्रूज टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों के लिए गंगा तट का आकर्षण और यहाँ रोजगार के नए अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।