कमजोरियां करती है मनुष्य को हतोत्साहित

उमंग वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति की ओर से रविवार को योग सेवा समिति परिसर, चरक छात्रावास के पीछे एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। भगवान की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ बैठक प्रारम्भ हुई।

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कमजोरियां करती है मनुष्य को हतोत्साहित

उमंग वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति की ओर से रविवार को योग सेवा समिति परिसर, चरक छात्रावास के पीछे एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। भगवान की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ बैठक प्रारम्भ हुई।

सचिव रविकान्त जोशी ने बताया कि बैठक में जिन सदस्यों का जुलाई माह में जन्म दिन एवं विवाह की वर्षगांठ है उन्हें माला एवं उपरना ओढ़ा कर उनका अभिनन्दन किया गया। बैठक के बीच- बीच में वरिष्ठजनों द्वारा गीत- संगीत एवं चुटकुले सुनाकर मनोरंजन भी किया गया। अध्यक्ष प्रकाश वर्डिया ने बताया कि उमंग के संस्थापक स्व. सुन्दरलालजी दक का जीवन परिचय भी बैठक में प्रस्तुत किया गया।

डॉ़ मुरली मनोहर गोविन्द आचार्य द्वारा स्वस्थ जीवन में योग पर वार्ता प्रस्तुत की गई। डॉ़ लक्ष्मीकान्त आचार्य ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पर अपने विचार रखे।

इस अवसर पर जोशी ने कहा कि विश्वविजेता वही बन पाता है जिसने आत्म विजय प्राप्त करने के साथ अपनी कमजोरियों को दूर कर लिया है। इसके द्वारा न केवल आध्यात्मिक गुणों को आत्मसात किया जा सकता है बल्कि परमात्मा से निकटता भी पाई जा सकती है। अक्सर कमजोरियां व्यक्ति को हतोत्साहित कर देती है। हतोत्साहित होने का मतलब है हार मान लेना। इसलिए व्यक्ति को कभी भी आपनी कमजोरियों से हार नहीं मानना चाहिये बल्कि उन पर हमेशा विजय प्राप्त करने के प्रयत्न में लगे रहना चाहिये और एक दिन उन पर विजय पाना निश्चित होता है।

कार्यक्रम में अध्यक्ष प्रकाश वर्डिया, सचिव रविकान्त जोशी, कोषाध्यक्ष रोशनलाल कोठारी, संरक्षक किरणमल सावनसुखा, फतहलाल नागौरी, डॉ़ शांतिलाल सरणोत उपाध्यक्ष ओपी मेहता, सह सचिव सुरेश पालीवाल, सांस्कृतिक मं़त्री शिवदन सिंह तलेसरा साहित सलाहकार मदनलाल सेवक, ज्ञाननेन्द्र मेहता सहित कार्यकारिणी के समस्त सदस्य उपस्थित थे।

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