बार-बार गेहूं में पड़ रहे है घुन ! इन 7 देशी तरीकों को अपनाकर पूरे साल भर रखें सुरक्षित ?

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बार-बार गेहूं में पड़ रहे है घुन ! इन 7 देशी तरीकों को अपनाकर पूरे साल भर रखें सुरक्षित ?

Udaipur Times, How To Store Wheat : घर में सालभर के लिए गेहूं स्टोर करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। कई परिवार एक साथ ज्यादा मात्रा में गेहूं खरीदकर रखते हैं, ताकि पूरे साल बाजार से अनाज खरीदने की जरूरत न पड़े। लेकिन गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखना आसान नहीं होता। सही तरीके से स्टोर न करने पर कुछ ही महीनों में इसमें घुन, छोटे कीड़े या फफूंदी लगने की समस्या शुरू हो सकती है।

घुन लगने के बाद गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होती है और धीरे-धीरे बड़ी मात्रा में अनाज खराब हो सकता है। खासकर बारिश और उमस के मौसम में अनाज में नमी पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए गेहूं को स्टोर करने से पहले उसकी नमी, सफाई और कंटेनर की स्थिति पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।

अगर आप भी गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं तो कुछ आसान घरेलू और पारंपरिक तरीकों को अपना सकते हैं। हालांकि, किसी भी घरेलू उपाय का इस्तेमाल करते समय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह खाद्य अनाज को दूषित न करे। आइए जानते हैं गेहूं को घुन और नमी से बचाकर लंबे समय तक स्टोर करने के आसान तरीके।

1 गेहूं को स्टोर करने से पहले अच्छी तरह सुखाएं

गेहूं को स्टोर करने से पहले उसकी नमी जांचना सबसे जरूरी है। अगर गेहूं में थोड़ी भी नमी है और उसे तुरंत बंद डिब्बे या ड्रम में भर दिया गया, तो अंदर नमी फंस सकती है। इससे कीड़े लगने और फफूंदी बढ़ने का खतरा रहता है।

बाजार से गेहूं लाने के बाद उसे साफ, सूखी और हवादार जगह पर फैलाकर अच्छी तरह सुखा लें। खासकर अगर गेहूं में नमी महसूस हो रही हो तो उसे बिना सुखाए स्टोर न करें।

गेहूं पूरी तरह सूखने के बाद ही उसे कंटेनर में भरें। बारिश या बहुत ज्यादा उमस वाले दिन अनाज सुखाने के दौरान मौसम का भी ध्यान रखें।

2 स्टील के ड्रम या एयरटाइट कंटेनर में रखें गेहूं

गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सही कंटेनर का चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। घरों में इसके लिए स्टील के ड्रम या मजबूत, अच्छी तरह बंद होने वाले खाद्य-ग्रेड कंटेनर का इस्तेमाल किया जा सकता है।

गेहूं भरने से पहले कंटेनर को अच्छी तरह साफ करके पूरी तरह सुखा लें। उसमें पिछले साल के गेहूं के दाने, धूल या किसी तरह की गंदगी नहीं रहनी चाहिए।

कंटेनर का ढक्कन अच्छी तरह बंद होना चाहिए, ताकि बाहर की नमी, हवा और कीड़े आसानी से अंदर न पहुंच सकें। एक बार गेहूं भरने के बाद कंटेनर को बार-बार खोलने से भी बचें।

3 सूखी नीम की पत्तियां कर सकती हैं मदद

गेहूं और दूसरे अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए नीम की पत्तियों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। इसके लिए केवल पूरी तरह सूखी और साफ नीम की पत्तियों का इस्तेमाल करें।

गेहूं भरते समय कंटेनर के नीचे कुछ सूखी नीम की पत्तियां रखी जा सकती हैं। ज्यादा मात्रा में गेहूं स्टोर कर रहे हैं तो बीच-बीच में भी सूखी पत्तियों की परत रखी जा सकती है।

ध्यान रखें कि नीम की पत्तियों में बिल्कुल भी नमी न हो। गीली पत्तियां डालने से अनाज में नमी बढ़ सकती है और इससे समस्या कम होने के बजाय बढ़ सकती है।

4 लहसुन की कलियों का पारंपरिक इस्तेमाल

लहसुन की तेज गंध को भी पारंपरिक तौर पर अनाज में कीड़ों को दूर रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। कुछ लोग गेहूं के कंटेनर में सूखी लहसुन की कलियां रखते हैं।

अगर आप इस तरीके को अपनाते हैं तो लहसुन पूरी तरह सूखा और खराबी से मुक्त होना चाहिए। गीला या खराब होता हुआ लहसुन अनाज की गुणवत्ता प्रभावित कर सकता है।

लंबे समय तक गेहूं स्टोर करने की स्थिति में समय-समय पर कंटेनर की जांच करें और अगर लहसुन खराब हो रहा हो तो उसे निकाल दें।

5 कपूर के इस्तेमाल में बरतें सावधानी

कपूर की तेज गंध के कारण इसे भी पारंपरिक घरेलू उपाय के तौर पर कीड़ों से बचाव के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। हालांकि, कपूर को सीधे गेहूं के संपर्क में रखना उचित नहीं है, क्योंकि यह खाद्य पदार्थ को दूषित कर सकता है।

अगर कोई व्यक्ति इस तरह के पारंपरिक उपाय का इस्तेमाल करना चाहता है तो उसे खाद्य-सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए और कपूर को अनाज से सीधे संपर्क में नहीं आने देना चाहिए। बेहतर विकल्प यह है कि गेहूं को मुख्य रूप से सूखा, साफ और अच्छी तरह बंद कंटेनर में रखा जाए।

किसी भी ऐसे पदार्थ को अनाज में सीधे न मिलाएं जो खाद्य उपयोग के लिए सुरक्षित न हो।

6 कंटेनर को बार-बार खुला न छोड़ें

गेहूं स्टोर करने के बाद कंटेनर का ढक्कन अच्छी तरह बंद रखना जरूरी है। बार-बार ढक्कन खुला रहने से बाहर की हवा और नमी अंदर पहुंच सकती है। इससे लंबे समय में गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

जब भी गेहूं निकालें, काम पूरा होने के तुरंत बाद कंटेनर को अच्छी तरह बंद कर दें। साथ ही कंटेनर को ऐसी जगह रखें जहां सीलन न हो।

सिंक, बाथरूम, गीली दीवार या ऐसी जगह के पास गेहूं रखने से बचें जहां नमी अधिक रहती हो। स्टोरेज की जगह साफ, सूखी और अपेक्षाकृत ठंडी होनी चाहिए।

7 समय-समय पर गेहूं की जांच करते रहें

गेहूं को कंटेनर में भरकर महीनों तक बिना जांचे छोड़ देना सही तरीका नहीं है। समय-समय पर थोड़ी मात्रा निकालकर गेहूं की स्थिति देखनी चाहिए।

अगर गेहूं में छोटे कीड़े, घुन, जाला, असामान्य गंध, नमी या दानों में बदलाव दिखाई दे तो तुरंत जांच करें। शुरुआती स्तर पर समस्या का पता चलने से खराब अनाज को बाकी अनाज से अलग करने में मदद मिल सकती है।

अगर गेहूं में फफूंदी या गंभीर खराबी दिखाई दे तो उसे खाने के लिए इस्तेमाल न करें।

बारिश के मौसम में गेहूं स्टोर करते समय ज्यादा सावधानी

मॉनसून के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है। ऐसे में गेहूं को स्टोर करने की प्रक्रिया में थोड़ी भी लापरवाही समस्या पैदा कर सकती है। खासकर अगर गेहूं पहले से नमी वाला है या कंटेनर पूरी तरह सूखा नहीं है, तो बंद डिब्बे में नमी फंस सकती है।

इसलिए बारिश के मौसम में गेहूं स्टोर करते समय तीन बातों का विशेष ध्यान रखें—गेहूं पूरी तरह सूखा हो, कंटेनर साफ और सूखा हो और स्टोरेज वाली जगह में सीलन न हो।

सिर्फ देसी नुस्खों पर निर्भर न रहें

नीम की सूखी पत्तियां और लहसुन जैसे पारंपरिक उपायों का इस्तेमाल कई घरों में लंबे समय से किया जाता रहा है, लेकिन इन्हें गेहूं की सुरक्षा की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। अनाज को सुरक्षित रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका उसकी सही सुखाई, साफ-सफाई, नमी से बचाव और एयरटाइट स्टोरेज की होती है।

अगर बड़ी मात्रा में गेहूं लंबे समय के लिए स्टोर किया जा रहा है तो अनाज भंडारण के वैज्ञानिक और खाद्य-सुरक्षित तरीकों को प्राथमिकता देना बेहतर है। किसी भी कीटनाशक या रसायन का इस्तेमाल बिना विशेषज्ञ की सलाह के सीधे खाद्यान्न में न करें।

सालभर गेहूं सुरक्षित रखने का आसान फॉर्मूला

गेहूं को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले उसे अच्छी तरह साफ और सूखा लें। इसके बाद साफ और पूरी तरह सूखे स्टील ड्रम या खाद्य-ग्रेड एयरटाइट कंटेनर में भरें। कंटेनर को नमी वाली जगह से दूर रखें और समय-समय पर गेहूं की जांच करते रहें। इस तरह थोड़ी सावधानी बरतकर गेहूं में घुन और नमी से होने वाली खराबी का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। घरेलू उपायों का इस्तेमाल करें तो यह जरूर सुनिश्चित करें कि उनसे अनाज की खाद्य सुरक्षा प्रभावित न हो।

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