घर या ऑफिस में रखे कूलर में फिटकरी डालने पर क्या होता है ? आइए जाने विशेषज्ञों की राय
Udaipur Times, Cooler Water Alum Benefits : गर्मियों में घर को ठंडा रखने के लिए कूलर का इस्तेमाल काफी आम है। कूलर से ठंडी हवा पाने के लिए उसमें पानी भरा जाता है और कई लोग पानी को ज्यादा ठंडा करने के लिए बर्फ तक डाल देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी कूलर के पानी में फिटकरी डालने के बारे में सुना है? कुछ लोग कूलर के पानी में फिटकरी का इस्तेमाल करते हैं और इसके पीछे पानी में मौजूद गंदगी को नीचे बैठाने का वैज्ञानिक कारण बताया जाता है। दरअसल, फिटकरी का इस्तेमाल पानी के उपचार की प्रक्रिया में किया जाता है।
यह पानी में मौजूद बहुत छोटे निलंबित कणों को आपस में जोड़कर अपेक्षाकृत बड़े और भारी फ्लोक बनाने में मदद कर सकती है। इस प्रक्रिया को कोएगुलेशन और फ्लोक्युलेशन कहा जाता है। हालांकि, कूलर में फिटकरी का इस्तेमाल पानी को पीने योग्य या पूरी तरह कीटाणुरहित बनाने का तरीका नहीं है। इसलिए कूलर की नियमित सफाई और पानी बदलना जरूरी है।
कूलर में फिटकरी डालने का वैज्ञानिक कारण क्या है?
फिटकरी का इस्तेमाल पानी को साफ करने की प्रक्रिया में लंबे समय से किया जाता रहा है। पानी में मौजूद मिट्टी, धूल और दूसरे बहुत छोटे निलंबित कण कई बार इतने महीन होते हैं कि वे आसानी से नीचे नहीं बैठते। ऐसे में फिटकरी इन कणों को आपस में जोड़ने में मदद कर सकती है। जब छोटे-छोटे कण आपस में जुड़कर बड़े फ्लोक बनाते हैं तो उनका वजन बढ़ जाता है और वे पानी की सतह पर तैरने के बजाय धीरे-धीरे नीचे बैठ सकते हैं। इसी वजह से पानी पहले की तुलना में साफ दिखाई दे सकता है। जल उपचार की प्रक्रियाओं में एल्युमिनियम आधारित कोएगुलेंट का इस्तेमाल इसी सिद्धांत पर किया जाता है।
पानी में मौजूद गंदगी को नीचे बैठाने में मिलती है मदद
कूलर का पानी लंबे समय तक टंकी में मौजूद रहता है और लगातार हवा के संपर्क में भी रहता है। इस दौरान वातावरण की धूल, मिट्टी और दूसरी बारीक गंदगी पानी में पहुंच सकती है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां आसपास धूल ज्यादा हो, कूलर के पानी में निलंबित कण जमा हो सकते हैं। फिटकरी इन बारीक कणों को एक-दूसरे के साथ जोड़ने में मदद कर सकती है। इससे कण अपेक्षाकृत बड़े और भारी हो सकते हैं और नीचे बैठने लगते हैं। यही वजह है कि कुछ लोग कूलर के पानी में सीमित मात्रा में फिटकरी का इस्तेमाल करते हैं। इससे पानी में तैरती हुई गंदगी कम दिखाई दे सकती है और टंकी के पानी का दृश्य रूप से साफ होना संभव है।
कूलर के पानी में फिटकरी डालने से क्या हो सकता है फायदा ?
कूलर में फिटकरी डालने का मुख्य उद्देश्य पानी में मौजूद निलंबित गंदगी और बारीक कणों को नीचे बैठाने में मदद करना है। जब पानी में मिट्टी या धूल के छोटे कण मौजूद होते हैं तो वे लंबे समय तक पानी में तैरते रह सकते हैं। फिटकरी ऐसे कणों को आपस में जोड़ने में मदद कर सकती है। इसका एक व्यावहारिक फायदा यह हो सकता है कि पानी में तैरती गंदगी कम दिखाई दे। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कूलर का पानी पूरी तरह साफ, सुरक्षित या कीटाणुरहित हो गया। पानी के उपचार और पानी को कीटाणुरहित करने की प्रक्रिया अलग-अलग होती है।
क्या फिटकरी कूलर के पानी के कीटाणु को भी कर सकती है खत्म ?
यहां सावधानी बरतना सबसे जरूरी है। फिटकरी को पानी साफ करने वाली प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाला कोएगुलेंट माना जाता है, लेकिन इसे पानी को पूरी तरह कीटाणुरहित करने का भरोसेमंद विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। फिटकरी पानी में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने के लिए किसी विश्वसनीय कीटाणुनाशक प्रक्रिया का स्थान नहीं लेती। इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि कूलर के पानी में फिटकरी डालने के बाद पानी में मौजूद सभी कीटाणु खत्म हो जाएंगे। कूलर का पानी पीने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता, लेकिन कूलर की हवा कमरे में फैलती है। इसलिए कूलर की टंकी और उसमें इस्तेमाल होने वाले पानी की साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है।
सिर्फ फिटकरी डालने से कूलर की सफाई पूरी नहीं होती
कई लोग फिटकरी डालने के बाद कूलर के पानी को साफ मान लेते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है। फिटकरी मुख्य रूप से पानी में मौजूद कुछ निलंबित कणों को नीचे बैठाने में मदद कर सकती है। कूलर की टंकी, पंप, पाइप और कूलिंग पैड पर जमा गंदगी को हटाने के लिए नियमित सफाई जरूरी है। कूलर में लंबे समय तक एक ही पानी पड़ा रहने से उसमें गंदगी जमा हो सकती है और दुर्गंध भी पैदा हो सकती है। इसलिए पानी को समय-समय पर बदलना और टंकी की सफाई करना ज्यादा जरूरी है।
कूलर में ज्यादा फिटकरी क्यों नहीं डालनी चाहिए?
फिटकरी का इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा फिटकरी डालने से पानी की रासायनिक गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए यह मान लेना सही नहीं है कि ज्यादा फिटकरी डालने से पानी ज्यादा साफ हो जाएगा। कूलर में फिटकरी के इस्तेमाल को लेकर किसी एक निश्चित मात्रा को हर कूलर के लिए सही नहीं माना जा सकता, क्योंकि पानी की गुणवत्ता, टंकी का आकार और इस्तेमाल की परिस्थितियां अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए बिना जरूरत अधिक मात्रा में फिटकरी डालने से बचना चाहिए।
कूलर के पानी को साफ रखने के लिए क्या करें?
कूलर की सफाई के लिए केवल फिटकरी पर निर्भर रहने के बजाय नियमित रखरखाव पर ध्यान देना चाहिए। कूलर की टंकी को समय-समय पर खाली करके साफ करें और जरूरत के अनुसार पानी बदलते रहें। कूलिंग पैड और पंप की भी नियमित जांच और सफाई जरूरी है। अगर पानी में बदबू, ज्यादा गंदगी या काई दिखाई दे तो केवल फिटकरी डालने के बजाय कूलर की पूरी सफाई करना बेहतर है। लंबे समय तक जमा पानी को इस्तेमाल करते रहने से बचना चाहिए।
आखिर कूलर में फिटकरी डालने का क्या है फायदा?
कुल मिलाकर, कूलर के पानी में फिटकरी डालने का मुख्य वैज्ञानिक कारण पानी में मौजूद बहुत छोटे निलंबित कणों को आपस में जोड़कर उन्हें भारी फ्लोक में बदलने और नीचे बैठने में मदद करना है। इससे पानी में तैरती धूल और बारीक गंदगी कम दिखाई दे सकती है। हालांकि, फिटकरी पानी को पूरी तरह कीटाणुरहित नहीं करती और इसे बैक्टीरिया या वायरस खत्म करने का भरोसेमंद तरीका नहीं माना जाना चाहिए। इसलिए कूलर में फिटकरी का इस्तेमाल करना हो तो सीमित मात्रा में करें और इसके साथ कूलर की टंकी, पैड और अन्य हिस्सों की नियमित सफाई जरूर करें। साफ पानी का इस्तेमाल और समय-समय पर पानी बदलना कूलर की स्वच्छता बनाए रखने का सबसे जरूरी हिस्सा है।