हरियाणा-NCR में वाहनों की उम्र को लेकर क्या हुआ बदलाव, जाने सरकार का फैसला ?
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा NCR से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के करनाल जिले को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से बाहर करने की चर्चाओं पर अब फुलस्टॉप लग गया है। हरियाणा-NCR में वाहनों की उम्र को लेकर नियमों में फिलहाल कोई बदला नहीं हुआ है। NCR प्लानिंग बोर्ड की बैठक में यह तय किया गया कि करनाल समेत हरियाणा के किसी भी जिले को NCR से हटाने का प्रस्ताव मंजूर नहीं किया जाएगा। यानी करनाल का NCR दर्जा पहले की तरह जारी रहेगा।
यह फैसला वैसे वक्त में आया है जब लंबे समय से कुछ जिलों को NCR से बाहर करने की मांग उठ रही थी। तर्क दिया जा रहा था कि कई जिले दिल्ली से काफी दूरी पर हैं, लेकिन फिर भी उन्हें NCR के नियमों और प्रतिबंधों का पालन करना पड़ता है।
विकास, योजनाएं, निवेश और बुनियादी ढांचे को मजबूती
फैसले के बाद करनाल में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों का मानना था कि अगर करनाल NCR से बाहर हो जाता, तो नियमों में राहत मिलती, खासकर पुराने वाहनों और प्रदूषण संबंधी पाबंदियों में। वहीं दूसरी और, कई लोगों ने इसे सकारात्मक माना। उनका कहना है कि NCR में बने रहने से क्षेत्र में विकास योजनाएं, निवेश और बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलती रहेगी।
पुराने वाहनों पर लागू सख्त नियमों से राहत
ट्रांसपोर्ट यूनियन से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि NCR से बाहर होने पर पुराने वाहनों पर लागू सख्त नियमों में राहत मिलेगी। लेकिन अब यह नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे।
NCR का दर्जा निवेश के लिए फायदेमंद
उद्योग और फार्मा सेक्टर के लोगों का मानना है कि NCR का दर्जा निवेश के लिए फायदेमंद है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अनुमति और मंजूरी की प्रक्रिया अभी भी जटिल है, जिसे आसान बनाने की जरूरत है।
ईंट-भट्ठा संचालकों की उम्मीद पर फिरा पानी
ईंट भट्ठा संचालकों को उम्मीद थी कि NCR से बाहर होने पर प्रदूषण नियंत्रण नियमों में कुछ ढील मिलेगी, लेकिन अब यह स्थिति नहीं बदलेगी।
शहर की पहचान और विकास योजनाओं के लिए अच्छा
व्यापार मंडल ने इस फैसले को संतुलित बताया। उनका कहना है कि करनाल का NCR में बने रहना शहर की पहचान और विकास योजनाओं के लिए अच्छा है, लेकिन स्थानीय व्यापार को भी कुछ राहत मिलनी चाहिए।
