हाइब्रिड सोलर सिस्टम क्या है ? जानिए 1kW, 3kW और 5kW का सेटअप लगवाने का पूरा खर्च
Udaipur Times, Hybrid Solar System : बिजली के बढ़ते बिल और बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत पाने के लिए लोग तेजी से सोलर सिस्टम अपना रहे हैं। ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड सिस्टम के अलावा अब हाइब्रिड सोलर सिस्टम (Hybrid Solar System) भी काफी लोकप्रिय हो रहा है। यह सिस्टम ऑन-ग्रिड और ऑफ-ग्रिड दोनों तकनीकों का मिश्रण है, जिससे बिजली बिल में बचत के साथ-साथ पावर बैकअप भी मिलता है।
क्या है हाइब्रिड सोलर सिस्टम (Hybrid Solar System) ?
हाइब्रिड सोलर सिस्टम (Hybrid Solar System) ऐसा सिस्टम है, जो सरकारी बिजली ग्रिड और बैटरी दोनों से जुड़ा होता है। दिन में सोलर पैनल से बनने वाली बिजली पहले घर के उपकरण चलाती है, फिर अतिरिक्त बिजली बैटरी चार्ज करती है। बैटरी पूरी तरह चार्ज होने के बाद बची हुई बिजली नेट मीटरिंग के जरिए सरकारी ग्रिड में भेज दी जाती है।
रात में या बिजली कटने पर यह सिस्टम अपने आप बैटरी मोड पर काम करने लगता है, जिससे घर में बिना रुकावट बिजली मिलती रहती है।
1kW हाइब्रिड सोलर सिस्टम (Hybrid Solar System) की कीमत
1kW हाइब्रिड सोलर सिस्टम की कीमत 75,000 से 1.10 लाख रुपये तक हो सकती है। इसमें आमतौर पर 2 लेड-एसिड बैटरियां या 1 बड़ी लिथियम बैटरी लगाई जाती है। यह रोजाना करीब 4 से 5 यूनिट बिजली पैदा करता है।
इससे 2-3 पंखे, 4-5 एलईडी लाइटें, एक टीवी, लैपटॉप और मोबाइल चार्जिंग जैसे उपकरण आसानी से चलाए जा सकते हैं। इसके लिए करीब 100 से 120 वर्ग फुट छत की जरूरत होती है।
3kW हाइब्रिड सोलर सिस्टम (Hybrid Solar System) की कीमत
3kW हाइब्रिड सोलर सिस्टम लगाने में 2.60 लाख से 3.20 लाख रुपये तक खर्च आ सकता है। यह सिस्टम रोजाना 12 से 15 यूनिट बिजली बना सकता है।
इस पर पंखे, लाइट, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मिक्सर और दिन के समय 1 टन का इन्वर्टर एसी चलाया जा सकता है। इसे लगाने के लिए लगभग 250 से 300 वर्ग फुट छत की आवश्यकता होती है।
5kW हाइब्रिड सोलर सिस्टम की कीमत
5kW हाइब्रिड सोलर सिस्टम की कीमत 4.40 लाख से 5.20 लाख रुपये तक हो सकती है। इसमें 4 से 8 ट्यूबलर बैटरियां या 5kWh से 10kWh क्षमता की लिथियम फॉस्फेट बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है।
यह सिस्टम प्रतिदिन 20 से 25 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। इसके जरिए 2 इन्वर्टर एसी, वॉटर पंप, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और अन्य घरेलू उपकरण आसानी से चलाए जा सकते हैं। इसके लिए 400 से 500 वर्ग फुट खुली छत की जरूरत होती है।
क्या हाइब्रिड सिस्टम पर मिलती है सब्सिडी?
ऑफ-ग्रिड सिस्टम के विपरीत हाइब्रिड सोलर सिस्टम पर सरकारी सब्सिडी मिल सकती है। यह सब्सिडी आमतौर पर ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम की तर्ज पर पात्र उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि सब्सिडी की राशि राज्य, योजना और पात्रता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
हाइब्रिड सिस्टम कैसे करता है काम?
दिन में पहले सोलर पैनल से घर का लोड चलता है।
अतिरिक्त बिजली बैटरी में स्टोर होती है।
बैटरी फुल होने पर बची बिजली नेट मीटरिंग के जरिए ग्रिड में भेजी जाती है।
रात में या बिजली जाने पर बैटरी अपने आप बिजली सप्लाई करती है।
बैटरी कम होने पर जरूरत पड़ने पर ग्रिड से बिजली ली जाती है।
क्यों है बेहतर विकल्प?
हाइब्रिड सोलर सिस्टम उन लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है, जहां बिजली कटौती भी होती है और बिजली बिल भी ज्यादा आता है। यह सिस्टम बिजली बिल कम करने के साथ-साथ लगातार बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित करता है।
