क्या है अटल पेंशन योजना ? 60 साल से पहले कैसे मिलेगा पैसा, जाने इसके सभी नियम ?
Udaipur Times, New Delhi : अगर आप रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक तय रकम पेंशन के रूप में पाना चाहते हैं, तो अटल पेंशन योजना (APY) आपके लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी पेंशन योजना हो सकती है। इस योजना का उद्देश्य खास तौर पर असंगठित क्षेत्र के कामगारों और कम आय वाले लोगों को रिटायरमेंट के बाद नियमित आय उपलब्ध कराना है।
योजना का संचालन पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) के तहत किया जाता है। हालांकि, APY में पैसा जमा करने से पहले यह समझना जरूरी है कि इसमें 60 साल की उम्र से पहले बाहर निकलने के क्या नियम हैं, कितना पैसा वापस मिल सकता है और समय से पहले निकासी करने पर किन लाभों से वंचित होना पड़ सकता है।
क्या है अटल पेंशन योजना?
अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक स्वैच्छिक पेंशन योजना है, जिसे 1 जून 2015 को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य लोगों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देना है। APY में ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार पेंशन की राशि का विकल्प चुनता है। इसके आधार पर उसे नियमित रूप से योगदान करना होता है। योजना में चुनी गई पेंशन और ग्राहक की उम्र के आधार पर योगदान की राशि अलग-अलग होती है। योजना के तहत 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद रु1,000, रु2,000, रु3,000, रु4,000 या रु5,000 प्रति माह की गारंटीड न्यूनतम पेंशन का विकल्प मिलता है।
कौन खोल सकता है APY अकाउंट?
APY में शामिल होने के लिए ग्राहक की उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। इसके लिए बैंक या पोस्ट ऑफिस में सेविंग अकाउंट होना जरूरी है। हालांकि, 1 अक्टूबर 2022 से इनकम टैक्स देने वाला व्यक्ति नया APY अकाउंट नहीं खोल सकता। पहले से खुले APY अकाउंट पर लागू नियम अलग हो सकते हैं। योजना में शामिल व्यक्ति अपनी उम्र और चुनी गई पेंशन के अनुसार नियमित योगदान करता है। जितनी कम उम्र में योजना शुरू की जाती है, आम तौर पर चुनी गई पेंशन के लिए नियमित योगदान की अवधि उतनी लंबी होती है।
60 साल के बाद कितनी पेंशन होगी आपके पास ?
APY में 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद चुने गए विकल्प के अनुसार रु1,000 से रु5,000 तक की गारंटीड न्यूनतम मासिक पेंशन मिलती है। यह पेंशन केवल खाताधारक तक सीमित नहीं रहती। ग्राहक की मृत्यु के बाद नियमों के अनुसार उसके जीवनसाथी को पेंशन मिलती रहती है। इसके बाद ग्राहक और जीवनसाथी दोनों की मृत्यु होने पर निर्धारित पेंशन वेल्थ नॉमिनी को वापस की जाती है।
क्या 60 साल से पहले APY से पैसा निकाल सकते हैं?
यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। हां, कुछ परिस्थितियों में 60 साल की उम्र से पहले APY से बाहर निकला जा सकता है। इसे प्रीमेच्योर एग्जिट कहा जाता है। लेकिन समय से पहले योजना से बाहर निकलने पर ग्राहक को 60 साल की उम्र के बाद मिलने वाली APY की गारंटीड पेंशन का लाभ नहीं मिलता। यानी अगर कोई व्यक्ति बीच में ही योजना बंद कर देता है, तो उसे APY के तहत मिलने वाला पूरा रिटायरमेंट लाभ नहीं मिलेगा।
प्रीमेच्योर एग्जिट पर कितना पैसा वापस मिलता है?
प्रीमेच्योर एग्जिट की स्थिति में ग्राहक को उसके द्वारा किए गए योगदान और उस पर मिले रिटर्न के आधार पर राशि वापस की जाती है। इसमें लागू अकाउंट मेंटेनेंस और अन्य संबंधित शुल्क की कटौती हो सकती है। इसलिए APY में पैसा लगाने वाले व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि यह योजना मुख्य रूप से लंबे समय तक योगदान करके 60 साल की उम्र के बाद पेंशन प्राप्त करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
60 साल तक पैसा जमा रखने का क्या फायदा है?
अगर ग्राहक 60 साल की उम्र तक योजना में योगदान जारी रखता है, तो उसे चुनी गई पेंशन के अनुसार गारंटीड न्यूनतम मासिक पेंशन का लाभ मिलता है। इसके अलावा, ग्राहक की मृत्यु के बाद जीवनसाथी को पेंशन जारी रहने और दोनों की मृत्यु के बाद नॉमिनी को पेंशन वेल्थ मिलने जैसे पारिवारिक लाभ भी जुड़े हैं। यही वजह है कि केवल तत्काल पैसे की जरूरत न होने की स्थिति में APY को बीच में बंद करने के बजाय लंबे समय तक जारी रखना योजना के मूल उद्देश्य के अनुरूप माना जाता है।
APY में निवेश करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
अटल पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट के लिए नियमित और निश्चित आय का आधार तैयार करना है। इसलिए इसमें पैसा जमा करने से पहले अपनी उम्र, चुनी गई पेंशन, नियमित योगदान और लंबे समय तक योजना जारी रखने की क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति 60 साल से पहले ही योजना से बाहर निकल जाता है, तो उसे APY के तहत मिलने वाली भविष्य की गारंटीड पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए योजना में शामिल होने से पहले इसके प्रीमेच्योर एग्जिट, योगदान और पेंशन से जुड़े नियमों को समझ लेना जरूरी है।
आसान भाषा में समझें पूरा नियम
APY में पैसा जमा करें और नियमित योगदान जारी रखें जैसे ही आप 60 साल की उम्र पूरी करेंगे चुनी गई राशि के अनुसार गारंटीड न्यूनतम पेंशन के हकदार होंगे। वहीं, 60 साल से पहले बाहर निकलने पर भविष्य की गारंटीड पेंशन का लाभ नहीं मिलता, इसलिए किसी भी निकासी का फैसला करने से पहले योजना के लागू नियमों को जरूर समझना चाहिए।