हाईवे और एक्सप्रेसवे में क्या अंतर होता है ? सफर से पहले जान लें दोनों के नियम और खासियत

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हाईवे और एक्सप्रेसवे में क्या अंतर होता है ? सफर से पहले जान लें दोनों के नियम और खासियत 

Udaipur Times, Highway vs Expressway : भारत का सड़क नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में शामिल है, जहां हर दिन करोड़ों लोग यात्रा करते हैं। हालांकि, आज भी बड़ी संख्या में लोग हाईवे और एक्सप्रेसवे को एक ही समझते हैं, जबकि दोनों के निर्माण, नियम और इस्तेमाल में कई अहम अंतर हैं। इनकी सही जानकारी न होने के कारण कई बार लोग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर बैठते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

क्या होता है नेशनल हाईवे (National Highway)?

नेशनल हाईवे (National Highway) वे सड़कें हैं, जो देश के प्रमुख शहरों, राज्य की राजधानियों और महत्वपूर्ण स्थानों को आपस में जोड़ती हैं। इनका निर्माण और रखरखाव भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) करता है। नेशनल हाईवे दो, चार या उससे अधिक लेन के हो सकते हैं। इन पर कई जगह चौराहे, कट और दूसरी सड़कें जुड़ी होती हैं, जिससे स्थानीय यातायात भी इनका उपयोग करता है।

आमतौर पर नेशनल हाईवे पर कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा और दोपहिया वाहनों के लिए 80 किमी प्रति घंटा होती है।

क्या होता है एक्सप्रेसवे (Expressway)?

एक्सप्रेसवे (Expressway) आधुनिक और हाई-स्पीड सड़कें होती हैं, जिन्हें लंबी दूरी का सफर तेज और सुरक्षित बनाने के लिए तैयार किया जाता है। इनमें आमतौर पर 6 से 8 लेन होती हैं और ये पूरी तरह कंट्रोल्ड एक्सेस सिस्टम पर आधारित होती हैं। यानी वाहन केवल निर्धारित एंट्री और एग्जिट प्वाइंट से ही एक्सप्रेसवे पर प्रवेश या बाहर निकल सकते हैं।

एक्सप्रेसवे पर बीच में कोई चौराहा, कट या दूसरी सड़क नहीं होती, जिससे ट्रैफिक सुचारु रहता है और दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे इसका प्रमुख उदाहरण है।

हाईवे (Highway) और एक्सप्रेसवे (Expressway)  में सबसे बड़ा अंतर

दोनों के बीच सबसे बड़ा अंतर एंट्री और एग्जिट सिस्टम का है। नेशनल हाईवे पर कई स्थानों से दूसरी सड़कें जुड़ी होती हैं, जबकि एक्सप्रेसवे पर सीमित और नियंत्रित प्रवेश-निकास की सुविधा होती है।

एक्सप्रेसवे अधिक चौड़े और सुरक्षित होते हैं तथा इन्हें तेज गति से यात्रा के लिए डिजाइन किया जाता है। इसी वजह से अधिकांश एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा तक होती है, जबकि हाईवे पर यह सीमा कम रहती है।

ड्राइविंग के दौरान किन नियमों का रखें ध्यान?

कई एक्सप्रेसवे पर बाइक और स्कूटर जैसे दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक होती है। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं नेशनल हाईवे पर दोपहिया वाहनों को अनुमति होती है, लेकिन निर्धारित गति सीमा और अन्य ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

सफर के दौरान कार में सीट बेल्ट और दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनना हर स्थिति में जरूरी है।

सही जानकारी से होगा सुरक्षित सफर

हाईवे और एक्सप्रेसवे के बीच का अंतर समझकर चालक न केवल ट्रैफिक नियमों का पालन कर सकते हैं, बल्कि अपनी यात्रा को अधिक सुरक्षित और आरामदायक भी बना सकते हैं। सड़क पर गति जितनी महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक जरूरी सुरक्षित ड्राइविंग और नियमों का पालन करना है।

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