क्या होता है पांच-यूनिट वाले परिवार का फार्मूला, ₹69000 का न्यूनतम वेतन और 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग

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क्या होता है पांच-यूनिट वाले परिवार का फार्मूला, ₹69000 का न्यूनतम वेतन और 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग

Udaipur Times, 8th Pay Commission : ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) का तर्क है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन तय करने में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक 'तीन-कंजम्पशन-यूनिट' (तीन-खपत-इकाई) वाले परिवार के मॉडल की समीक्षा की जानी चाहिए, क्योंकि आज की आर्थिक और सामाजिक हकीकत के हिसाब से 'पांच-यूनिट' वाला परिवार का ढांचा ज़्यादा सही है।

₹69,000 का न्यूनतम वेतन और 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) को सौंपे गए एक विस्तृत नोट में, AIDEF के महासचिव सी. श्रीकुमार ने तर्क दिया है कि सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन तय करते समय उन पर निर्भर माता-पिता को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। फेडरेशन ने 1 जनवरी, 2026 से ₹69,000 का न्यूनतम वेतन और 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की अपनी मांग दोहराई है।

AIDEF ने कहा कि 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' के तहत अपने निर्भर माता-पिता के प्रति बच्चों की कानूनी जिम्मेदारी को देखते हुए यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

तीन-यूनिट वाले फ़ॉर्मूले में निर्भर माता-पिता शामिल नहीं हैं

न्यूनतम वेतन की गणना के लिए अपनाए गए पारंपरिक परिवार खपत मॉडल में तीन खपत इकाइयों का प्रावधान है:

कर्मचारी – 1 यूनिट
जीवनसाथी – 0.8 यूनिट
दो बच्चे – 1.2 यूनिट
कुल – 3 यूनिट

AIDEF के अनुसार, यह मॉडल निर्भर माता-पिता को अलग से मान्यता नहीं देता है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारी पर जीवनसाथी, बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता की आर्थिक ज़िम्मेदारी एक साथ हो सकती है। फेडरेशन का तर्क है कि इससे निर्भर माता-पिता के भरण-पोषण की कानूनी ज़िम्मेदारी और न्यूनतम वेतन की गणना के तरीके के बीच एक नीतिगत अंतर पैदा होता है।

माता-पिता का भरण-पोषण एक कानूनी जिम्मेदारी है

AIDEF ने 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007' की धारा 4 का हवाला दिया है, जो बच्चों की उस ज़िम्मेदारी को मान्यता देती है जिसके तहत उन्हें अपने माता-पिता का भरण-पोषण करना होता है जब वे खुद अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ हों। फेडरेशन ने अधिनियम में 'भरण-पोषण' की व्यापक परिभाषा की ओर भी इशारा किया है, जिसमें भोजन, कपड़े, आवास और चिकित्सा देखभाल व इलाज शामिल हैं।

इसलिए, AIDEF के अनुसार, निर्भर माता-पिता पर होने वाले खर्च को केवल अपनी मर्जी से दी जाने वाली आर्थिक मदद नहीं माना जा सकता है। इसमें भोजन, आवास, दवाइयों, डायग्नोस्टिक टेस्ट, स्वास्थ्य देखभाल, परिवहन और व्यक्तिगत देखभाल से जुड़े नियमित खर्च शामिल हो सकते हैं।

AIDEF ने पांच-यूनिट वाले परिवार मॉडल का प्रस्ताव दिया

 फेडरेशन ने पारंपरिक तीन-यूनिट मॉडल की जगह पांच-यूनिट वाले मानक परिवार ढांचे को अपनाने का प्रस्ताव दिया है, जो स्पष्ट रूप से निर्भर माता-पिता को मान्यता देता है। इसका प्रस्तावित ढांचा इस प्रकार है:

परिवार का सदस्य    प्रस्तावित उपभोग इकाइयां
कर्मचारी    1.0
जीवनसाथी    1.0
दो बच्चे    1.6
आश्रित पिता    0.8
आश्रित माता    0.8

कुल 5.2, जिसे 5 इकाइयों के रूप में राउंड किया गया है। AIDEF का कहना है कि प्रस्तावित ढांचा उन कर्मचारियों की वित्तीय जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से दर्शाएगा जो बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करते हैं।

2026 में जीवन-यापन की लागत का नए सिरे से आकलन जरूरी

फेडरेशन ने तर्क दिया है कि 8वें CPC के सामने सवाल यह नहीं है कि क्या पुराना तीन-इकाई वाला फॉर्मूला तब सही था जब इसे लागू किया गया था, बल्कि यह है कि क्या यह 2026 और उस अवधि की आर्थिक स्थितियों को ठीक से दर्शाता है जिसके लिए 8वें CPC की सिफारिशें लागू रहेंगी। 

AIDEF ने भोजन और पोषण, आवास और किराया, ईंधन और बिजली, कपड़े, शिक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य सेवा, संचार और डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ आश्रित माता-पिता के रखरखाव की लागत पर मौजूदा खर्चों पर विचार करने की मांग की है। इसने यह भी तर्क दिया है कि न्यूनतम वेतन से केवल गुजारा करने के बजाय सम्मानजनक जीवन स्तर मिलना चाहिए।

पोषण संबंधी जरूरतों का भी फिर से आकलन जरूरी

AIDEF ने आगे तर्क दिया है कि काम की प्रकृति और तीव्रता को ध्यान में रखते हुए पोषण संबंधी जरूरतों का वास्तविक रूप से आकलन किया जाना चाहिए। फेडरेशन ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की आहार संबंधी सिफारिशों का हवाला देते हुए भारी शारीरिक काम करने वाले वयस्कों के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता की ओर इशारा किया है। इसने भारी काम करने वाले 15-59 आयु वर्ग के वयस्क पुरुषों के लिए लगभग 3,490 kcal प्रति दिन और वयस्क महिलाओं के लिए 2,720 kcal का उल्लेख किया है।

AIDEF का कहना है कि कैलोरी का एक समान अनुमान शारीरिक रूप से कठिन, बाहरी या फील्ड असाइनमेंट में लगे कर्मचारियों के लिए आवश्यक खर्च को कम करके आंक सकता है।

₹69,000 न्यूनतम वेतन और 3.83 फिटमेंट फैक्टर

जीवन-यापन की मौजूदा लागत और प्रस्तावित पांच-इकाई परिवार ढांचे के अपने आकलन के आधार पर, AIDEF ने 1 जनवरी, 2026 से न्यूनतम वेतन के रूप में ₹69,000 और 3.83 फिटमेंट फैक्टर की अपनी मांग दोहराई है। फेडरेशन ने 8वें CPC से पारंपरिक तीन-उपभोग-इकाई पद्धति की नए सिरे से जांच करने और पांच-इकाई वाले मानक परिवार मॉडल पर विचार करने का आग्रह किया है जिसमें आश्रित माता-पिता भी शामिल हों। 

AIDEF का मुख्य तर्क सीधा-सादा है: अगर किसी कर्मचारी की अपने आश्रित बुजुर्ग माता-पिता के प्रति कोई मान्यता प्राप्त आर्थिक ज़िम्मेदारी है, तो उस ज़िम्मेदारी को पूरा करने का खर्च भी न्यूनतम वेतन तय करने के तरीके में शामिल किया जाना चाहिए।

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